बिहार के सुपौल जिले में स्टेट हाईवे पर दिनदहाड़े अंजाम दी गई एक सनसनीखेज वारदात को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सुलझा लिया है। भीमपुर थाना क्षेत्र में आने वाले बेलागंज वार्ड-15 के समीप स्टेट हाईवे-91 पर सोमवार को अपराधियों ने एक युवक का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया था। घटना की सूचना मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने सघन अभियान चलाते हुए अपहृत युवक जीशान खान को पड़ोसी अररिया जिले के फुलकाहा थाना इलाके से पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान अपहरण में प्रयुक्त चारपहिया वाहन को जब्त कर लिया गया है, जबकि वारदात में शामिल एक आरोपी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
फिल्मी अंदाज में टक्कर मारकर सड़क से उठाया
घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए सुपौल के एसपी शरथ आर. एस. ने रात में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि छातापुर थाना क्षेत्र के महदीपुर गांव निवासी खुर्शीद खान के बेटे जीशान खान अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान बेलागंज वार्ड-15 के पास चारपहिया वाहन पर सवार बदमाशों ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। बाइक के सड़क पर गिरते ही गाड़ी से उतरे बदमाशों ने युवक को जबरन अपनी कार में खींच लिया। जब मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा करने और उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो इलाके में दहशत फैलाने की नीयत से बदमाशों ने खुलेआम हवाई फायरिंग कर दी और तेजी से वाहन लेकर भाग निकले।
वारदात की सूचना जैसे ही नियंत्रण कक्ष को मिली, भीमपुर थानाध्यक्ष फौरन भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के साथ ही आसपास के सुराग जुटाए। दिनदहाड़े मुख्य सड़क पर गोलीबारी और किडनैपिंग की इस वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें भागती कार, ग्रामीणों का शोर और अफरातफरी के बीच गोली चलने की आवाज साफ सुनाई दे रही है। यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई।
एसआईटी का गठन और त्वरित संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन की योजना बनाई। त्रिवेणीगंज के एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस विशेष जांच टीम को तीन से चार अलग-अलग छापामारी दलों में विभाजित किया गया और संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की गई। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त पुख्ता की। इसके बाद बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) और अररिया जिला पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया, जिसके दम पर जीशान खान को बिना किसी नुकसान के फुलकाहा थाना क्षेत्र से छुड़ा लिया गया।
रुपयों के लेन-देन से जुड़ा विवाद बना अपहरण की वजह
पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह अपहरण किसी अजनबी गिरोह द्वारा फिरौती के लिए नहीं किया गया था। हिरासत में लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जीशान खान और आरोपियों के बीच कथित तौर पर किसी अवैध कारोबार से जुड़े रुपयों के लेन-देन को लेकर पहले से रंजिश चल रही थी। पैसों के इसी पुराने विवाद के चलते योजना बनाकर युवक को अगवा करने का कदम उठाया गया था। पुलिस ने इस कांड में शामिल अन्य सभी सहयोगियों की पहचान भी कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


















