बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए उन्होंने जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह को अपना पूरा समर्थन देने की सार्वजनिक घोषणा की है। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे केवल समर्थन का ऐलान ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि चुनावी मैदान में उतरकर डॉ. अनुज कुमार सिंह के पक्ष में सघन प्रचार अभियान भी चलाएंगे।
चुनावी रणनीति साझा करते हुए अनंत सिंह ने बताया कि डॉ. अनुज कुमार सिंह के नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद वे पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हर इलाके और हर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे। आत्मविश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि जीत उन्हीं के खेमे की होगी क्योंकि वे आज तक कोई चुनाव नहीं हारे हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जोर देते हुए यह बात रेखांकित की कि चुनाव का अंतिम फैसला जनता के हाथों में होता है और मतदाताओं के समर्थन से ही कोई भी प्रत्याशी विजयी बनता है। उनका कहना था कि जनता ही उनकी असली मालिक और भगवान है, कोई पेड़-पौधे मतदान नहीं करते बल्कि आम जन ही वोट डालकर अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।
नीरज कुमार के साथ पुरानी राजनीतिक खींचतान
अनंत सिंह और जदयू नेता नीरज कुमार के बीच का राजनीतिक टकराव कोई नया मामला नहीं है, बल्कि दोनों नेताओं के मध्य लंबे समय से तनातनी चली आ रही है। अतीत में भी कई मौकों पर दोनों एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज करा चुके हैं। इस बार भी जनता दल यूनाइटेड ने अनंत सिंह के कड़े विरोध और आपत्तियों के बावजूद पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार पर ही भरोसा जताते हुए उन्हें अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। उल्लेखनीय है कि नीरज कुमार इस प्रतिष्ठित सीट से लगातार चौथी बार चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
अपनी ही पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ जाने पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अनंत सिंह ने जोर देकर कहा कि यह विवाद पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि उनके और नीरज कुमार के बीच की व्यक्तिगत रंजिश है। उन्होंने दावा किया कि पूरी पार्टी एकजुट है, संगठन के भीतर कोई अंतर्कलह या समस्या नहीं है, सारी दिक्कत केवल उन दोनों नेताओं के आपसी रिश्तों में है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब वे खुद चार बार चुनाव लड़े थे, उस समय भी नीरज कुमार लगातार उनका विरोध करते रहे थे, इसलिए इस बार वे भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
नामांकन की तारीख और प्रचार अभियान की रूपरेखा
प्रचार अभियान और नामांकन के कार्यक्रम का ब्योरा देते हुए विधायक अनंत सिंह ने धार्मिक और पारंपरिक आस्था का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि पंडित जी ने उन्हें सलाह दी है कि नामांकन 1 तारीख को किया जाए। इसी वजह से अब 1 तारीख को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे डॉ. अनुज कुमार सिंह के लिए पूरे निर्वाचन क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी योजना पहले ही क्षेत्र में जाने की थी, लेकिन पंडित जी के परामर्श के कारण इसे नामांकन के दिन तक के लिए स्थगित किया गया। जब उनसे आगामी नामांकन की तैयारियों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में जवाब दिया कि पूरी तैयारी जबरदस्त और 'गर्दा' रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही है कि दोनों नेताओं के बीच जारी तनाव को सुलझाने के लिए जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से सुलह-समझौते के गंभीर प्रयास किए गए थे। पार्टी स्तर पर हुई इन कोशिशों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच सहमति नहीं बन सकी और बातचीत बेनतीजा रही। इन सुलह प्रयासों के विफल होने के बाद अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपनी सख्त राजनीतिक लाइन बरकरार रखी और अंततः औपचारिक रूप से जनसुराज के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा कर दी। विदित हो कि जनसुराज पार्टी ने 24 सितंबर को डॉ. अनुज कुमार सिंह को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था।
प्रशांत किशोर के साथ सफाई और आगे की चुनावी राह
प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले डॉ. अनुज कुमार सिंह जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के साथ सार्वजनिक मंच पर नजर आए थे। सोशल मीडिया पर डॉ. अनुज कुमार सिंह के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को लेकर चल रहे दावों पर प्रशांत किशोर और खुद अनुज सिंह ने विस्तार से सफाई दी और इन सभी आरोपों व दावों को पूरी तरह निराधार व गलत करार दिया। स्थिति स्पष्ट करने के तुरंत बाद डॉ. अनुज कुमार सिंह सीधे अनंत सिंह के आवास पर पहुंचे, जहां विधायक ने उनके समर्थन का औपचारिक ऐलान किया।
इससे पहले भी अनंत सिंह सार्वजनिक बयानों में यह रुख साफ कर चुके थे कि वे जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार का कड़ा विरोध करेंगे और अनुज सिंह को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे। उन्होंने पूर्व में भी कहा था कि अनुज सिंह ही उनके उम्मीदवार हैं और वे उन्हें हराने के लिए नीरज कुमार के खिलाफ पूरी राजनीतिक शक्ति झोंक देंगे। गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है, जबकि वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी।



















