बिहार के समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के वातानुकूलित प्रथम श्रेणी कोच से विदेशी शराब बरामदगी के मामले में न्यायिक हिरासत में बंद नेहा झा को अदालत ने बड़ी राहत दी है। चार सितंबर से जेल में बंद नेहा झा की नियमित जमानत अर्जी सोमवार, 28 सितंबर को अदालत ने स्वीकार कर ली। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 24 दिनों के कारावास के उपरांत उनकी जेल से रिहाई संभव हो सकी।
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के कूपे से पकड़ी गई थी शराब की खेप
यह पूरा मामला समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में की गई छापेमारी से जुड़ा हुआ है। जांच दल ने ट्रेन के एसी फर्स्ट कोच में स्थित H-1 कूपे की तलाशी ली थी, जहां से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई थी। कोच के भीतर शराब पाए जाने के बाद मौके से नेहा झा और उनके बहनोई ईशान कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से चार सितंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया था।
अदालती सुनवाई और जमानत मिलने का घटनाक्रम
हिरासत में भेजे जाने के बाद नेहा झा की तरफ से अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया गया था। इस जमानत याचिका पर पहली सुनवाई 14 सितंबर को हुई थी, परंतु उस दिन अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी और सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि तय की गई। 24 सितंबर को एक महिला अधिवक्ता के निधन के कारण सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे, जिसकी वजह से उस दिन जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख मुकर्रर की। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नेहा झा की नियमित जमानत मंजूर कर ली, जिसके बाद आवश्यक बंधपत्र दाखिल कर उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
बहनोई ईशान कुमार की ओर से अब तक नहीं दी गई अर्जी
एक तरफ जहां नेहा झा को जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया, वहीं इसी मामले में सह-अभियुक्त उनके बहनोई ईशान कुमार की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। ईशान कुमार की तरफ से अभी तक अदालत में जमानत के लिए कोई औपचारिक आवेदन पेश नहीं किया गया है। जमानत याचिका दाखिल न होने के कारण ईशान कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही जेल में बंद रहेंगे।
मुजफ्फरपुर में नकली शराब के अवैध धंधे का खुलासा
बिहार में शराबबंदी के बीच अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती लगातार देखने को मिल रही है। हाल ही में मुजफ्फरपुर जिले में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के कारोबारियों के विरुद्ध बड़े स्तर पर सघन अभियान चलाकर नकली शराब बनाने और उसकी अंतर-जिला तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। उत्पाद विभाग की टीम ने विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 800 लीटर स्पिरिट, 35 कार्टन तैयार अंग्रेजी शराब और नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री जब्त की गई।
भूसा घर में छिपाकर रखे गए थे स्पिरिट से भरे चार ड्रम
मुजफ्फरपुर में हुई पहली बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार और सब-इंस्पेक्टर अभिमन्यु सिंह कर रहे थे। अधिकारियों की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध ठिकाने पर छापा मारकर आरोपी शत्रुघ्न महतो को धर दबोचा। तलाशी अभियान के दौरान उसके आवासीय परिसर के पास स्थित भूसा घर से चार बड़े ड्रमों में छिपाकर रखी गई 800 लीटर कच्ची स्पिरिट और पानी के कई जार बरामद किए गए। बरामद स्पिरिट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर मिलावटी व नकली शराब तैयार करने के लिए किया जाना था, जिसे समय रहते उत्पाद विभाग की मुस्तैदी से नाकाम कर दिया गया।


















