बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री करीना कपूर आने वाले समय में निर्देशक मेघना गुलजार की नई फिल्म दायरा में मुख्य भूमिका में दिखाई देने वाली हैं। अपनी इस आगामी परियोजना की चर्चाओं के बीच अभिनेत्री ने अपने व्यक्तिगत जीवन और शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर कुछ अहम बातें साझा की हैं। एक बातचीत के दौरान करीना कपूर ने खुलकर स्वीकार किया कि 11वीं कक्षा में ही स्कूल की पढ़ाई छोड़ देने का पछतावा उन्हें आज भी परेशान करता है। इसी वजह से उन्होंने यह तय किया है कि वे अपने दोनों बेटों, तैमूर और जेह को ऐसी गलती बिल्कुल भी दोहराने नहीं देंगी।
करियर की खातिर बीच में ही छूट गई स्कूली शिक्षा
हनुमान दास के साथ एक विशेष संवाद में करीना कपूर ने अपनी शुरुआती ज़िंदगी और करियर के चयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जब वे 11वीं कक्षा में पढ़ रही थीं, उसी समय उन्हें फिल्मों के कई शानदार प्रस्ताव मिलने शुरू हो गए थे। अभिनय के प्रति अपने जुनून और करियर बनाने की जल्दी में उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकने का कठिन फैसला लिया। इसके बाद उन्हें कभी ऐसा अवसर नहीं मिल पाया कि वे दोबारा लौटकर अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी कर सकें।
अपनी पढ़ाई अधूरी रह जाने के दर्द पर बात करते हुए करीना कपूर ने कहा, "मैंने कभी भी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, और यह चीज़ मुझे हमेशा खलती है।" उन्होंने माना कि उस दौर में उनके पास अवसर बहुत थे और उन्होंने फिल्मों में काम करके खुद को एक सफल कलाकार के रूप में स्थापित भी किया, लेकिन 11वीं के बाद आगे न पढ़ पाने की टीस आज भी बनी हुई है।
आलोचकों को जवाब और बच्चों के लिए सख्त संदेश
बातचीत के दौरान करीना कपूर ने इस बात को भी सहर्ष स्वीकार किया कि लोग अक्सर उनकी कम पढ़ाई-लिखाई को लेकर उनका मजाक उड़ाते हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि लोग चाहे कुछ भी कहें, उनका एकमात्र सपना एक सफल अभिनेत्री बनना था और उन्होंने अपने उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उन्होंने हमेशा अपने दिल की आवाज़ सुनी और वही किया जो वे करना चाहती थीं।
हालांकि, खुद की सफलता के बावजूद वे अपने बच्चों के मामले में कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं। अपनी इस अधूरी पढ़ाई के मलाल को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने दोनों बेटों तैमूर और जेह के लिए एक सख्त नियम तय किया है। उन्होंने अपने बच्चों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सबसे पहले अपनी स्कूली और उच्च शिक्षा पूरी करेंगे, और उसके बाद ही अपने दिल की पसंद के किसी करियर या सपने का पीछा करेंगे।
कपूर परिवार में पढ़ाई और फिल्मों का पुराना इतिहास
फिल्म उद्योग में करीना कपूर का सफर बहुत कम उम्र में शुरू हो गया था। जब वे महज 19 साल की थीं, तब उन्होंने निर्देशक जेपी दत्ता की चर्चित फिल्म रेफ्यूजी से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके साथ अभिषेक बच्चन ने भी मुख्य भूमिका निभाई थी और यह उन दोनों ही कलाकारों की पहली फिल्म थी।
दिलचस्प बात यह है कि कपूर परिवार में कम उम्र में पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में कदम रखने का सिलसिला सिर्फ करीना तक सीमित नहीं रहा। उनकी बड़ी बहन करिश्मा कपूर ने भी हिंदी सिनेमा में अपना करियर बनाने के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। करिश्मा ने तो महज 17 साल की उम्र में ही बॉलीवुड में अपना पहला कदम रख दिया था। अब करीना कपूर चाहती हैं कि उनकी नई पीढ़ी इस परंपरा को बदले और अपनी डिग्री व शिक्षा पूरी करने के बाद ही ग्लैमर्स दुनिया या अपने चुने हुए क्षेत्र में प्रवेश करे।



















