भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान यानी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की परंपरा में इस बार एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले 72 वर्षों से यह भव्य आयोजन लगातार देश की राजधानी दिल्ली में ही संपन्न होता आया है, जहां विज्ञान भवन इस कला उत्सव का मुख्य केंद्र रहा है। लेकिन इस बार परंपरा को तोड़ते हुए समारोह का स्थल बदल दिया गया है और फिल्मी दुनिया की तमाम दिग्गज हस्तियां एक बिल्कुल नए स्थान पर एकत्रित होंगी। इस वर्ष यह शानदार आयोजन गुजरात के एकता नगर में होने जा रहा है, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था। यह वही खास जगह है जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा यानी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान रखती है। इस विशाल स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में किया था, जो देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है।
22 सितंबर को एकता नगर में राष्ट्रपति देंगी सम्मान
अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस साल 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन आगामी 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में किया जाएगा। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने गुजरात दौरे के दौरान इस विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगी और अपने हाथों से सिनेमा जगत की चुनिंदा प्रतिभाओं को सम्मानित करेंगी। नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के 72 साल लंबे सफर में यह पहला मौका होगा जब यह पूरा आयोजन राष्ट्रीय राजधानी की भौगोलिक सीमा से बाहर किसी अन्य राज्य में आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से ही गुजरात में इस बड़े सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और केवड़िया का यह क्षेत्र एक बार फिर से देश-दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
साल 1954 से शुरू हुई थी प्रतिष्ठित पुरस्कारों की यात्रा
अगर इस पुरस्कार समारोह के इतिहास पर नजर डालें तो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 1954 में हुई थी। तब से लेकर आज तक, हर साल दिल्ली का विज्ञान भवन ही इन पुरस्कारों के वितरण का मुख्य गवाह बनता रहा है। यहां देश भर के बेहतरीन सिनेमाई कार्यों और कलाकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाता रहा है। दशकों पुरानी इस परंपरा को अब जाकर पहली बार बदला गया है, जिससे यह आयोजन और भी अधिक ऐतिहासिक बन गया है। इस बार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के ठीक सामने देश के बेहतरीन कलाकारों को उनके कलात्मक योगदान का फल मिलेगा, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
जुलाई महीने में हुई थी विजेताओं की घोषणा
इससे पहले इसी साल जुलाई के महीने में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया था, जिसके बाद से ही विजेताओं और उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। वर्ष 2024 के लिए बहुचर्चित फिल्म 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया है, जबकि इसी फिल्म में अपने शानदार अभिनय का लोहा मनवाने वाली यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस के रूप में चुना गया है। इसके अलावा, लोकप्रिय अभिनेता कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' फिल्म के लिए और दिग्गज अभिनेता ममूटी को 'ब्रह्मयुगम' में बेहतरीन अदायगी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, रणदीप हुड्डा को उनकी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर के तौर पर इस सम्मान से नवाजा जाएगा।
विजेताओं के जश्न की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाईं
पुरस्कारों की घोषणा होने के बाद से ही विजेता कलाकारों का जश्न मनाने का सिलसिला लगातार जारी है। घोषणा के तुरंत बाद ममूटी ने धनुष के साथ 'OM' के सेट पर इस बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया, जिसकी कुछ बेहद खास और यादगार तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इसके अलावा, कार्तिक आर्यन को जब अपना पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिलने की खबर मिली तो वह खुशी से चीख उठे और उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जमकर जश्न मनाया था।



















