चेक बाउंस से जुड़े एक सालों पुराने वित्तीय लेनदेन विवाद में फंसे बॉलीवुड के जाने-माने हास्य अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी जंग अब एक बेहद नाजुक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां अभिनेता के सामने तुरंत आत्मसमर्पण करने की नौबत आ गई थी, वहीं अब देश की सर्वोच्च अदालत से उन्हें फिलहाल एक अंतरिम राहत मिली है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई यह छूट पूरी तरह से सशर्त है और इसके लिए उन्हें तय समयसीमा के भीतर एक भारी-भरकम राशि जमा करनी होगी। ऐसे में अगले 48 घंटे अभिनेता के निजी जीवन और फिल्मी करियर दोनों के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और अंतरिम राहत की शर्तें
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा राहत देने से इनकार किए जाने के बाद राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार, 8 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए अभिनेता को अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि राजपाल यादव बुधवार यानी 9 सितंबर तक या अंतिम सीमा 10 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये की राशि जमा करवा देते हैं, तो उन्हें फिलहाल जेल जाने और सरेंडर करने की प्रक्रिया से छूट मिल जाएगी।
अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 5 करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट ही उनके लिए जेल जाने से बचने की मुख्य कुंजी साबित होगा। अगर यह शर्त पूरी होती है, तो 10 सितंबर को होने वाले संभावित सरेंडर से उन्हें अस्थायी सुरक्षा मिल जाएगी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 15 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा, जहां जमा की गई राशि और आगे के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त रुख और सरेंडर के निर्देश का पूरा मामला
यह पूरा विवाद कई साल पुराने एक वित्तीय लेनदेन और चेक अमान्य होने के मामले से संबंधित है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की याचिका पर कोई भी राहत देने से साफ मना कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेश में अभिनेता को 10 सितंबर तक हर हाल में संबंधित अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करने का कड़ा निर्देश जारी किया था।
हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को अपनी सजा के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने और आगे के कानूनी विकल्प तलाशने के लिए कुछ समय की मोहलत दी थी। हालांकि जब यह समयसीमा 10 सितंबर को समाप्त होने के करीब पहुंची, तो अभिनेता ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राजपाल यादव अगले 48 घंटों में 5 करोड़ रुपये का इंतजाम करके सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करा पाते हैं या नहीं।



















