हिंदी सिनेमा में भाई-भतीजावाद यानी नेपोटिज्म को लेकर अक्सर तीखी बहस देखने को मिलती है। फिल्म निर्माता करण जौहर ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि वे इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को बढ़ावा देने के दोषी रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक पुराने साक्षात्कार की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बातचीत में करण जौहर ने अपनी फिल्मों की स्टारकास्ट को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए थे, जिनसे बॉलीवुड का अंदरूनी सच उजागर होता है।
कंगना रनौत के बयान के बाद गर्म हुआ था नेपोटिज्म का मुद्दा
यह पूरा मामला साल 2017 का है, जब अभिनेत्री कंगना रनौत प्रसिद्ध टॉक शो 'कॉफी विद करण' में मेहमान बनकर पहुंची थीं। उस एपिसोड के दौरान कंगना ने करण जौहर के सामने ही उन्हें बॉलीवुड में नेपोटिज्म का झंडाबरदार कह दिया था। कंगना का स्पष्ट आरोप था कि करण लंबे समय से इंडस्ट्री में स्वजन पक्षपात को शह दे रहे हैं। इस बेबाक टिप्पणी के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री में पक्षपात पर जोरदार चर्चा शुरू हो गई थी। हाल ही में कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें करण जौहर खुद नेपोटिज्म में अपनी भूमिका स्वीकारते नजर आते हैं।
अनुपमा चोपड़ा के साथ इंटरव्यू में करण जौहर का कबूलनामा
सोशल मीडिया पर सामने आया यह वीडियो एक पुराने साक्षात्कार का अंश है, जिसमें करण जौहर प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा से बातचीत कर रहे थे। इस चर्चा में करण जौहर ने बिना किसी झिझक के माना कि वे नेपोटिज्म के दोषी हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि कई मौकों पर उन्हें इस तरह के फैसलों पर अफसोस और पछतावा भी हुआ है। फिल्ममेकर का मानना था कि भारतीय सिनेमा जगत में किसी कलाकार को स्टारडम हासिल करने के लिए केवल हुनर या टैलेंट ही काफी नहीं होता, बल्कि कई अन्य कारक भी काम करते हैं।
'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' में आलिया भट्ट की कास्टिंग का सच
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए करण जौहर ने साल 2012 की अपनी लोकप्रिय फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के लिए जब ऑडिशन हो रहे थे, तब उन्होंने कई दावेदारों में से एक गोल-मटोल लड़की को चुना था। करण के अनुसार, उन्हें उस लड़की में कुछ खास बात जरूर दिखाई दी थी। लेकिन उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि उनका फैसला केवल टैलेंट तक सीमित नहीं था। करण ने स्वीकार किया कि उस समय यह बात भी उन्हें काफी रोमांचित कर रही थी कि वह लड़की मशहूर फिल्म निर्देशक महेश भट्ट की बेटी है। उन्होंने स्पष्ट माना कि भले ही आज वे कहें कि ऐसा नहीं था, लेकिन महेश भट्ट का नाम उनके निर्णय की एक बड़ी वजह जरूर बना था और यही नेपोटिज्म की असल परिभाषा है। इस संदर्भ में उन्होंने माना कि वे इसका हिस्सा रहे हैं।
वरुण धवन को लॉन्च करने पर निर्देशक की राय
आलिया के साथ-साथ करण जौहर ने वरुण धवन को अपनी फिल्म से ब्रेक देने के पीछे के कारणों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वरुण प्रसिद्ध निर्देशक डेविड धवन के बेटे न होते, तो क्या वे उन्हें अपनी फिल्म में लॉन्च करते। करण ने बताया कि डेविड धवन का बेटा होने के नाते ही वरुण को उनकी फिल्म के सेट पर सहायक निर्देशक के रूप में काम करने का अवसर मिला था। सेट पर साथ काम करने के दौरान ही करण को वरुण को करीब से जानने और उनकी अभिनय क्षमता को परखने का समय मिला।
करण जौहर ने इस सच्चाई को स्वीकार करते हुए कहा, "हमारे देश में स्टार बनने के पीछे कई वजहें होती हैं और असली प्रतिभा शायद उनमें सबसे कम मायने रखती है।" उन्होंने इस स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था कि बॉलीवुड में काबिलियत के बजाय पारिवारिक संबंधों को अधिक प्राथमिकता मिल जाती है।
रियल्टी शो 'द ट्रेटर्स' के साथ ओटीटी पर करण जौहर की वापसी
फिल्म निर्देशन और निर्माण के अलावा करण जौहर अब नए प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। वे जल्द ही अपना चर्चित रियल्टी शो 'द ट्रेटर्स' लेकर दर्शकों के सामने आ रहे हैं। यह शो ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर प्रसारित किया जाएगा। इस शो का यह दूसरा सीजन होगा, जिसको लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है।



















