फिल्म निर्देशन की दुनिया में सुभाष घई का नाम बड़े आत्मविश्वास से जुड़ा है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उन्हें दिलीप कुमार को डायरेक्ट करने की सोचकर ही घबराहट होने लगती थी. हाल ही में एक टीवी शो के दौरान उन्होंने खुद इस बात को कबूल किया कि 'ट्रेजेडी किंग' के सामने डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठना उनके लिए भी आसान नहीं था.
शो में हुआ बड़ा खुलासा
किशोर अजवानी के शो 'कहके रहेगा कहने वाला' में सुभाष घई मेहमान बनकर पहुंचे. इस दौरान एंकर ने उनसे पूछा कि दिलीप कुमार से बड़ा भला कौन सा स्टार हो सकता है, तो सुभाष घई ने बताया कि उन्होंने दिलीप साहब के साथ तीन फिल्मों में काम किया और हर बार उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला. जब एंकर ने अगला सवाल दागा कि क्या उन्हें दिलीप कुमार को निर्देशित करते वक्त कभी घबराहट महसूस हुई, तो सुभाष घई ने बिना किसी लाग लपेट के सच बता दिया. उन्होंने साफ कहा कि शुरुआत में उन्हें सच में डर लगता था, क्योंकि सामने भारतीय सिनेमा का इतना बड़ा नाम था.
'विधाता' के सेट पर पूछा था तीखा सवाल
सुभाष घई ने बताया कि जब वे फिल्म 'विधाता' बना रहे थे, तब उन्होंने हिम्मत जुटाकर सीधे दिलीप कुमार से पूछ लिया, "मैंने सुना है आप इंटरफेयर बहुत करते हैं?" यह सवाल सुनते ही सेट पर मौजूद लोगों ने उन्हें टोकते हुए याद दिलाया कि सुभाष घई उस वक्त एक नए और युवा निर्देशक थे, आज की भाषा में कहें तो जनरेशन-ज़ेड जैसे, और उन्हें आगाह किया गया कि "तुम भड़क जाओगे कहीं भी." लोगों ने सीधा सवाल कर दिया कि आखिर फिल्म 'विधाता' डायरेक्ट कौन करेगा, वो खुद सुभाष घई या दिलीप कुमार. यह पल सुभाष घई के लिए काफी असहज करने वाला रहा होगा, क्योंकि एक तरफ उनका शक था और दूसरी तरफ दिलीप कुमार जैसे कलाकार की मौजूदगी.
दिलीप कुमार के जवाब ने बदल दी पूरी तस्वीर
सुभाष घई के इस सीधे सवाल पर दिलीप कुमार नाराज होने की बजाय हंस पड़े. उन्होंने बड़े प्यार से जवाब दिया, "तुम्ही डायरेक्ट करोगे, मैं डायरेक्ट नहीं करूंगा, मैं सिर्फ एक्टिंग करूंगा." सुभाष घई के मुताबिक इस एक मुलाकात ने दोनों के बीच की सारी झिझक और डर हमेशा के लिए खत्म कर दिया. इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर तीन सुपरहिट फिल्में बनाईं, और हर फिल्म के सेट पर दिलीप कुमार ने एक छोटे बच्चे की तरह अपने डायरेक्टर की हर बात मानी और पूरी शालीनता से काम किया, भले ही वे खुद इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारे थे.
भारतीय सिनेमा के दो अलग-अलग दिग्गज
सुभाष घई को बॉलीवुड में 'शोमैन' के नाम से जाना जाता है, जिन्होंने 'कर्ज', 'राम लखन' और 'खलनायक' जैसी कल्ट फिल्में बनाकर दर्शकों को दीवाना बनाया. वहीं दिलीप कुमार का शुमार भारतीय सिनेमा के सबसे महान अभिनेताओं में होता है. 'विधाता' के सेट से जुड़ा यह किस्सा आज भी फैंस के बीच खूब पसंद किया जाता है और यह दिखाता है कि दो अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकार आपसी सम्मान और खुलेपन के साथ किस तरह लंबे समय तक साथ काम कर सकते हैं.


















