प्रसिद्धि और पहचान के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को दिल्ली उच्च न्यायालय से अहम निर्देश मिला है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि चार वर्ष पुराने व्यक्तित्व अधिकार (पर्सनैलिटी राइट्स) विवाद में पक्षों के बीच चल रही सुलह प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी नहीं हो पाती है, तो अभिनेता को आगामी सुनवाई पर स्वयं हाजिर होना होगा। जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ इस मामले पर विचार कर रही है, जहां विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों की समीक्षा की गई।
सुलह की अधूरी औपचारिकताएं और उपस्थिति की शर्त
अदालत की कार्यवाही के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विवाद में शामिल कुछ प्रतिवादी पक्षों के साथ मध्यस्थता की मेज पर सहमति बन चुकी थी। हालांकि, अमिताभ बच्चन की तरफ से उत्पन्न कुछ व्यावहारिक अड़चनों के कारण समझौते के कानूनी दस्तावेजों पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं किए जा सके। इस स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति कौरव ने अभिनेता को सभी शेष औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त मोहलत दी है। इसके साथ ही पीठ ने यह भी तय किया कि यदि 16 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक समझौता अधूरा रहता है या बात नहीं बनती है, तो अभिनेता को कोर्ट रूम में व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
पीठ ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि मामले के आगे बढ़ने की दशा में वादी की प्रत्यक्ष मौजूदगी कानूनी रूप से उपयोगी साबित होगी। इससे अदालत को 'कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर, 1908' के 'ऑर्डर X रूल 2' तथा 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' की धारा 168 में प्रदत्त विशेष शक्तियों का निष्पक्षता से प्रयोग करने में सहायता मिलेगी, जिससे विवादित बिंदुओं का त्वरित निपटारा संभव हो सके।
वर्ष 2022 में शुरू हुआ था कानूनी संघर्ष
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत 25 नवंबर 2022 को हुई थी, जब अमिताभ बच्चन ने अपनी ख्याति, आवाज और चेहरे के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में उन्होंने बिना इजाजत नाम, तस्वीरों, शारीरिक पहचान और विशिष्ट आवाज के व्यावसायिक इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की गुहार लगाई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत में अभिनेता का पक्ष रखते हुए दलील दी थी कि अनधिकृत लोग बिग बी की भारी लोकप्रियता को भुनाकर व्यावसायिक लाभ कमा रहे हैं। अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया था कि कुछ असामाजिक तत्व लॉटरी और जुए जैसी संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अभिनेता की पहचान का सहारा ले रहे थे।
अंतरिम राहत और अधिकारों का संरक्षण
याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद वर्ष 2022 में अदालत ने अमिताभ बच्चन के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में माना था कि वह देश की एक अत्यंत प्रतिष्ठित और सम्मानित शख्सियत हैं, जो विभिन्न विज्ञापनों और अभियानों का प्रमुख चेहरा हैं। ऐसी स्थिति में उनकी सहमति के बिना किसी भी उत्पाद, वस्तु या व्यावसायिक सेवा के प्रचार में उनके नाम, छवि अथवा आवाज का इस्तेमाल करना गैरकानूनी और अनुचित है। इसी अंतरिम सुरक्षा के आधार पर विभिन्न पक्षों के साथ समझौते की बातचीत आगे बढ़ रही थी।
व्यक्तिगत जीवन में गहरा शोक
कानूनी मोर्चे पर चल रही इस मशक्कत के बीच अभिनेता अपने निजी जीवन में भी अत्यंत कठिन और भावुक दौर से गुजर रहे हैं। पिछले वर्ष 2025 में उन्होंने अपने घनिष्ठ मित्र और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता धर्मेंद्र को खो दिया था। इस गहरे आघात से वे पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि हाल ही में वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के देहांत ने उन्हें दोबारा स्तब्ध कर दिया। इन दोनों दिग्गज सहयोगियों के जाने से बिग बी गहरे सदमे में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर नाना पाटेकर के साथ बिताए पलों का एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने आत्मीय जनों के बिछड़ने पर गहरा दुख व्यक्त किया था।



















