फिल्म अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने अपनी छवि, नाम और पहचान के अनधिकृत डिजिटल इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय की शरण ली है। उन्होंने न्यायिक मंच के समक्ष अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों के संरक्षण की गुहार लगाई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि विभिन्न इंटरनेट मंचों पर उनकी सहमति के बिना उनकी पहचान का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसमें उनके नाम से जुड़ी बेहद अश्लील तथा अपमानजनक सामग्री भी बड़े पैमाने पर शामिल है।
आपत्तिजनक सामग्री पर रोक और पक्षकारों की सूची तलब
इस कानूनी मामले पर सुनवाई न्यायमूर्ति विकास महाजन की एकल पीठ के समक्ष संपन्न हुई। पीठ ने कंगना रनौत की मुख्य याचिका का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रतिवादियों को औपचारिक समन जारी किए हैं। इसके साथ ही अंतरिम राहत वाली अर्जी पर भी नोटिस प्रेषित किया गया, जिसके माध्यम से इंटरनेट माध्यमों पर मौजूद अशोभनीय पोस्ट और वीडियो को तुरंत हटाने की गुहार लगाई गई है।
बहस के दौरान कंगना रनौत के कानूनी प्रतिनिधि ने पीठ को अवगत कराया कि डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित अपमानजनक सामग्री से उनकी मुवक्किल गंभीर रूप से आहत हैं। इस पर न्यायिक पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील को निर्देश दिया कि वे उन सभी पक्षों की स्पष्ट और अद्यतन सूची प्रस्तुत करें, जिनके खिलाफ सामग्री हटाने का न्यायिक निर्देश चाहा जा रहा है। मामले में कुछ पक्षों के नाम वापस लिए जाने के बाद अदालत ने संशोधित प्रतिवादी सूची दाखिल करने का आदेश दिया।
अगली अदालती तारीख और डीपफेक तकनीक की चुनौतियां
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 फरवरी 2027 की तिथि मुकर्रर की है। यह कानूनी कदम ऐसे दौर में उठाया गया है जब राष्ट्रीय राजधानी की उच्च न्यायालय में सार्वजनिक हस्तियों के नाम, आवाज और तस्वीरों के अवैध इस्तेमाल के मुकदमों की बाढ़ आ गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात एआई द्वारा तैयार किए जा रहे डीपफेक वीडियो, मनगढ़ंत विज्ञापन और अनैतिक व्यावसायिक प्रचार के खिलाफ मशहूर हस्तियां लगातार न्याय की मांग कर रही हैं।
अदालत का दरवाजा खटखटाने वाली अन्य चर्चित हस्तियां
कंगना रनौत से पहले खेल, कला, राजनीति और सामाजिक जगत के कई दिग्गज अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए इसी अदालत में अर्जी लगा चुके हैं। खेल जगत से पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर तथा पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने अपनी पहचान के दुरुपयोग पर रोक की मांग की थी। वहीं आध्यात्मिक क्षेत्र से श्री श्री रविशंकर भी कानूनी शरण ले चुके हैं।
सिनेमा उद्योग से जुड़े प्रमुख कलाकारों में ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, काजोल, वरुण धवन, अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, नागार्जुन और नागा चैतन्य ने भी अपनी पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षित कराने की गुहार लगाई है। इसके अतिरिक्त जाने-माने फिल्म निर्देशक करण जौहर, लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल, पॉडकास्ट होस्ट राज शमानी तथा कांग्रेस पार्टी के सांसद शशि थरूर भी अनधिकृत डिजिटल कंटेंट के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर चुके हैं।



















