हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री रेखा के 72 वर्ष पूरे होने पर साथी कलाकार हेमा मालिनी ने खास अंदाज में बधाई संदेश साझा किया। दोनों अभिनेत्रियों के बीच पेशेवर सहयोग के अलावा दशकों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। इस अवसर पर हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीरों और वीडियो का संकलन जारी करते हुए रेखा की दीर्घायु, स्वास्थ्य और निरंतर सुख की कामना व्यक्त की।
प्रारंभिक दौर और नृत्य कक्षाओं की यादें
इन दोनों कलाकारों का परिचय फिल्मों में कदम रखने से काफी पहले चेन्नई में हुआ था। टेलीविजन रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के मंच पर हेमा मालिनी ने बताया था कि जब वे भरतनाट्यम का अभ्यास कर रही थीं और प्रख्यात गुरु वेम्पति चिन्ना सत्यम से कुचिपुड़ी नृत्य की बारीकियां सीख रही थीं, तब रेखा भी उसी संस्थान में प्रशिक्षण लेने आती थीं। हेमा मालिनी के अनुसार, उस समय नन्हीं रेखा स्वभाव से चंचल थीं और कई बार अभ्यास सत्रों के दौरान गायब हो जाती थीं, जिसके चलते गुरुजी को उन्हें ढूंढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।
रंगमंच पर प्रस्तुति और पारिवारिक निकटता
बचपन के दिनों को याद करते हुए हेमा मालिनी ने एक विशेष नृत्य नाटिका का भी उल्लेख किया था। भगवान कृष्ण, रुक्मिणी और सत्यभामा के प्रसंग पर आधारित कुचिपुड़ी बैले मंचन में रेखा ने नारद मुनि का चरित्र निभाया था। उस पारंपरिक वेशभूषा में रेखा का अभिनय और नृत्य कौशल अत्यंत प्रभावशाली रहा था।
सिनेमाई पर्दे के बाहर दोनों के पारिवारिक रिश्ते भी बेहद घनिष्ठ थे। एक दिलचस्प संयोग यह था कि रेखा की माता पुष्पावल्ली और हेमा मालिनी की माता जया चक्रवर्ती का जन्मदिवस एक ही तारीख, 3 जनवरी को आता था। इस वजह से दोनों परिवार प्रतिवर्ष मिलकर साझा उत्सव आयोजित करते थे और एक-दूसरे के घर आते-जाते थे।
सिल्वर स्क्रीन पर यादगार सहभागिता
व्यावसायिक रूप से भी दोनों अभिनेत्रियों ने कई प्रमुख हिंदी फिल्मों में एक साथ अभिनय किया। इनमें 'गोरा और काला', 'कहते हैं मुझको राजा', 'धर्मात्मा', 'अपने अपने' तथा 'जान हथेली पे' जैसी फिल्में शामिल हैं। रेखा के 72वें वर्ष में प्रवेश करने पर आई इस भावुक शुभकामना ने सिनेमा प्रेमियों को गुजरे दौर की कई सुनहरी यादों से जोड़ दिया है।



















