मशहूर रैपर और संगीतकार हनी सिंह के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें महाराष्ट्र साइबर विभाग ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था. लाइव संगीत कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर दिए गए एक आपत्तिजनक बयान की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को वह जांच एजेंसी के सामने व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं हुए. उनकी ओर से जांच अधिकारी से गुहार लगाई गई है कि उनका आधिकारिक बयान दर्ज करने के लिए उन्हें कुछ और मोहलत दी जाए.
लगातार समन और फाइनल रिमाइंडर का विवरण
महाराष्ट्र साइबर सेल ने इस पूरे मामले की जांच के लिए सिलसिलेवार नोटिस भेजे थे. विभाग की ओर से सबसे पहले 1 सितंबर 2026 को रैपर को नोटिस थमाया गया था, जिसमें उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर सवालों के जवाब देने का निर्देश दिया गया था. तय तारीख पर जब संगीतकार पेश नहीं हुए, तो विभाग ने कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 14 सितंबर को एक दूसरा समन भेजा. इस दूसरे आदेश को एजेंसी ने आखिरी चेतावनी यानी फाइनल रिमाइंडर करार दिया था.
14 सितंबर को भेजे गए इस आधिकारिक नोटिस में हनी सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि वह 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुंबई स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में महाराष्ट्र साइबर कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हों. इस नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया था कि जांच अधिकारी मामले की तह तक जाने के लिए उनसे जुड़े जरूरी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य मांग सकते हैं, जिससे जांच पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ सके.
लाइव परफॉर्मेंस के दौरान बयान पर दर्ज हुई शिकायत
यह पूरा कानूनी विवाद एक लाइव कॉन्सर्ट में हुई घटना से शुरू हुआ था. आरोप है कि संगीत कार्यक्रम के दौरान मंच से हनी सिंह ने कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें लेकर आपत्ति जताई गई. इस बयान को अशोभनीय मानते हुए एक नागरिक ने सीधे महाराष्ट्र साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी. विभाग ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए औपचारिक तौर पर जांच शुरू की और संगीतकार को पूछताछ के लिए तलब करने का निर्णय लिया.
जांच में शामिल होने के लिए अतिरिक्त मोहलत की मांग
सोमवार को तय समय पर जब रैपर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित दफ्तर नहीं पहुंचे, तो उनकी तरफ से एजेंसी को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया कि वह तत्काल उपस्थित होने में असमर्थ हैं. उनकी टीम ने जांच अधिकारी के सामने अपना पक्ष रखने और आवश्यक जानकारी साझा करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है. साइबर सेल अब इस अनुरोध पर विचार कर अगली कानूनी कार्रवाई तय करेगी.



















