त्योहारी सीजन के बीच राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में जानी-मानी अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता दीया मिर्जा ने प्रकाश पर्व पर पटाखे न फोड़ने की बात कही थी, जिस पर काफी विवाद देखने को मिला। उस घटनाक्रम की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ अभिनेत्री और आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने भी इसी मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक संदेश साझा करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे इस बार त्योहार पर आतिशबाजी से पूरी तरह दूरी बनाएं।
जहरीली हवा और बच्चों की सेहत पर सोनी राजदान का तर्क
सोनी राजदान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े जमीनी संकट पर जोर दिया। उनका कहना है कि देश भर में और खासतौर पर मुंबई महानगर में जिस तरह वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए आतिशबाजी करना किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे चिंताजनक हालात के बावजूद आतिशबाजी करना सीधे तौर पर देश विरोधी कदम है।
अपनी बात को मजबूती से रखते हुए वरिष्ठ अभिनेत्री ने अभिभावकों की चिंताओं को सामने रखा। उन्होंने लिखा कि किसी भी छोटे बच्चे के माता-पिता से बात की जाए तो वे बताएंगे कि खराब हवा और धुएं के कारण उनके मासूम बच्चों को कितनी गंभीर शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। हवा में फैले जहर की वजह से बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं और इस वजह से उन्हें कई दिनों तक अपने स्कूल की पढ़ाई छोड़नी पड़ती है।
एंटी-लाइफ और एंटी-नेशनल बताया पटाखों का इस्तेमाल
सोनी राजदान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर इन विषम परिस्थितियों के बीच भी कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि महज एक पटाखा फोड़ना भी सही है, तो उनकी नजर में यह सोच पूरी तरह गलत है। उन्होंने लिखा कि ऐसा रवैया जीवन के खिलाफ, स्वास्थ्य के खिलाफ और राष्ट्र के भी खिलाफ है। उनके मुताबिक अच्छा स्वास्थ्य एक ऐसा व्यक्तिगत चुनाव है जो प्रत्येक नागरिक अपने स्वयं के लिए और अपनी आने वाली पीढ़ी यानी अपने बच्चों के लिए तय करता है। ऐसे में त्योहार की खुशियों के बीच दूसरों के स्वास्थ्य को खतरे में डालना सही फैसला नहीं हो सकता।
दीया मिर्जा विवाद और बॉम्बे हाईकोर्ट का दखल
सोनी राजदान की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले दीया मिर्जा को ऐसी ही अपील करने के बाद कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। दीया मिर्जा ने बीएमसी के एक जन जागरूकता वीडियो के जरिए लोगों से पटाखे न जलाने का अनुरोध किया था। उस वीडियो के सामने आने के बाद भारी राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया था, जिसके दबाव में आकर उस वीडियो को हटाना पड़ गया था।
हालांकि, यह मामला बाद में कानूनी चौखट तक पहुंचा और बॉम्बे हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए उस जागरूकता वीडियो को दोबारा साझा करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया। इस दौरान दीया मिर्जा को सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया था। कई राजनेताओं से लेकर मनोरंजन जगत के कुछ कलाकारों ने भी उन पर निशाना साधते हुए यह कहा था कि उन्हें हिंदुओं के त्योहार पर इस तरह के उपदेश या नसीहतें नहीं देनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर संभावित ट्रोलिंग से बचने के लिए उठाए कदम
दीया मिर्जा के मामले में जिस तरह की तीखी प्रतिक्रियाएं और व्यक्तिगत हमले देखने को मिले थे, उसे ध्यान में रखते हुए सोनी राजदान ने पहले से ही सतर्कता बरती है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर पाठकों और यूजर्स के लिए कमेंट करने का विकल्प पूरी तरह बंद कर रखा है। उनके इस कदम को सीधे तौर पर दीया मिर्जा के साथ हुए विवाद और ऑनलाइन नफरत से खुद को दूर रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, ताकि बिना किसी अनावश्यक विवाद के उनका संदेश आम जनता तक पहुंच सके।



















