बॉलीवुड निर्देशक नितेश तिवारी की आगामी पौराणिक फिल्म रामायण को लेकर सिनेप्रेमी काफी लंबे समय से उत्साहित हैं। साल 2026 की सबसे चर्चित और भव्य फिल्मों में शुमार इस प्रोजेक्ट की पहली झलक के रूप में हाल ही में टीज़र और ट्रेलर जारी किया गया। सोशल मीडिया पर एक तरफ जहां भव्य सेट्स, विजुअल इफेक्ट्स और दमदार स्टारकास्ट की वजह से दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है, वहीं बीआर चोपड़ा के आइकॉनिक धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का ऐतिहासिक किरदार निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता गजेंद्र चौहान ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फिल्म के दृश्यों और प्रस्तुतीकरण को लेकर कई अहम सवाल उठाए हैं।
रणबीर कपूर के भगवान राम अवतार की सराहना लेकिन स्टारडम पर उठाई चिंता
एक हालिया साक्षात्कार के दौरान अपनी राय स्पष्ट करते हुए गजेंद्र चौहान ने कहा कि इस नए ट्रेलर को देखकर वह बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हो पाए। हालांकि, उन्होंने मुख्य भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर के समर्पण और उनके स्क्रीन अपीयरेंस की सराहना की। उन्होंने माना कि भगवान श्रीराम के गेटअप में रणबीर कपूर काफी प्रभावशाली और भव्य नजर आ रहे हैं और निर्माताओं ने उनके लुक पर काफी मेहनत की है।
इसके साथ ही दिग्गज अभिनेता ने एक व्यावहारिक पहलू पर भी ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना है कि जब कोई स्थापित सुपरस्टार किसी सर्वपूज्य पौराणिक या धार्मिक चरित्र को परदे पर जीवंत करता है, तो दर्शकों के सामने एक अनूठी चुनौती खड़ी होती है। रणबीर कपूर की अपनी एक बहुत बड़ी स्टार छवि और आधुनिक सिनेमाई पहचान है। ऐसे में सामान्य दर्शक के लिए उनकी पुरानी स्क्रीन इमेज को पूरी तरह भुलाकर उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के रूप में पूरी श्रद्धा से स्वीकार करना थोड़ा कठिन हो जाता है।
कैकेयी के आधुनिक पहनावे और भावनात्मक संवाद पर जताई असंतोष
ट्रेलर के विशिष्ट दृश्यों का विश्लेषण करते हुए गजेंद्र चौहान ने अभिनेत्री लारा दत्ता द्वारा निभाए गए रानी कैकेयी के किरदार और उनके दृश्यों पर कड़ी आपत्ति जताई। विशेष रूप से उस निर्णायक दृश्य पर उन्होंने निराशा व्यक्त की जिसमें महारानी कैकेयी, राजा दशरथ से अपने वचनों के बदले भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं।
गजेंद्र चौहान के अनुसार, कैकेयी के इस प्रतिष्ठित दृश्य में जिस तरह का पहनावा और वेशभूषा दिखाई गई है, वह पौराणिक काल के मानकों से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि परदे पर कैकेयी को बेहद आधुनिक स्टाइल की साड़ी पहनाई गई है जो उस कालखंड की ऐतिहासिकता और सादगी से अलग लगती है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस नाटकीयता और गंभीरता की अपेक्षा इस महत्वपूर्ण मोड़ पर होती है, वह इस नए संस्करण में काफी कमजोर नजर आती है।
बीआर चोपड़ा के समय की रामायण शूटिंग का अनुभव और 14 वर्ष के वनवास दृश्य का महत्व
वर्ष 2002 में बीआर चोपड़ा और रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी टीवी श्रृंखला रामायण में स्वयं राजा दशरथ की भूमिका निभा चुके गजेंद्र चौहान ने अपने पुराने शूटिंग अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके दौर में कैकेयी और राजा दशरथ के बीच हुए इस दुखद और तनावपूर्ण संवाद को शूट करने में लगभग डेढ़ दिन का लंबा समय लगा था।
उन्होंने समझाया कि कैकेयी द्वारा 14 वर्ष का वनवास मांगने का यह प्रसंग पूरी रामायण का मूल आधार और सबसे भावुक मोड़ है। दासी मंथरा के भड़काने के बाद कैकेयी का यह फैसला अयोध्या के राजपरिवार के टूटने और बिखरने की दुखद शुरुआत करता है। जब तक इस दृश्य में गहरा भावनात्मक दर्द, कड़ा संवाद और तड़प महसूस न हो, तब तक दर्शक कहानी के मर्म से जुड़ नहीं पाते। गजेंद्र चौहान का मानना है कि नए ट्रेलर में इस सीन की वह असली भावनात्मक गहराई नजर नहीं आई।
अमिताभ बच्चन और ऋतिक रोशन वाले अधूरे महाभारत प्रोजेक्ट का दिया हवाला
अपनी बात को और स्पष्ट करने के लिए गजेंद्र चौहान ने भारतीय सिनेमा के एक पुराने और अति-महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अतीत में एक बार बहुतारका मल्टी-स्टारर महाभारत फिल्म बनाने की भव्य योजना तैयार की गई थी, जिसमें हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े दिग्गजों को अनुबंधित किया गया था।
उस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उसमें अमिताभ बच्चन को भीष्म पितामह, ऋतिक रोशन को दानवीर कर्ण, आमिर खान को भगवान श्रीकृष्ण और अजय देवगन को एक अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण पौराणिक किरदार के लिए चयनित किया गया था। इस विशाल प्रोजेक्ट पर लगभग दो वर्षों तक लगातार प्री-प्रोडक्शन और तैयारी का काम चला था। लेकिन अंततः इतनी बड़ी स्टारकास्ट की छवियों को पौराणिक पात्रों के साथ न्यायपूर्वक ढालने की व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण उस प्रोजेक्ट को हमेशा के लिए बंद करना पड़ा था। उनका तर्क था कि बड़े सितारों को लेकर पौराणिक महाकाव्य बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
दिवाली 2026 और 2027 में दो भागों में रिलीज होगी नितेश तिवारी की रामायण
फिल्म के प्रदर्शन और रिलीज शेड्यूल की बात करें तो नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण को एक दो-भागों वाली भव्य सिनेमाई श्रृंखला के रूप में तैयार किया जा रहा है। फिल्म का पहला भाग यानी रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 के पावन अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देगा।
वहीं, इस पौराणिक गाथा का दूसरा और अंतिम भाग यानी रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 के मौके पर बड़े परदे पर रिलीज किया जाएगा। नमित मल्होत्रा और उनकी पूरी तकनीकी टीम इस प्रोजेक्ट में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजुअल इफेक्ट्स और वीएफएक्स तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि भारतीय दर्शकों को एक अद्वैत और अविस्मरणीय अनुभव दिया जा सके। गजेंद्र चौहान की आलोचनाओं के बावजूद, फिल्म इंडस्ट्री और आम दर्शकों के बीच इस महाकाव्य को लेकर उत्सुकता चरम पर बनी हुई है।



















