सिनेमाघरों में अजय देवगन की बहुचर्चित सस्पेंस थ्रिलर दृश्यम 3 का तूफानी प्रदर्शन लगातार जारी है। टिकट खिड़की पर दर्शकों की जबरदस्त भीड़ जुटाते हुए इस फिल्म ने शुरुआती तीन दिनों में ही घरेलू और विदेशी बाजारों को मिलाकर 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा बेहद आसानी से पार कर लिया। फिल्म की ऐतिहासिक वित्तीय सफलता के बीच अब इसके निर्माण और लेखन प्रक्रिया से जुड़े कई बेहद हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। फिल्म की पटकथा तैयार करने वाले लेखक ने साझा किया है कि कहानी को अंतिम रूप देने से पहले उन्हें कम से कम 100 अलग-अलग ड्राफ्ट तैयार करने पड़े थे।
लेखक के कंप्यूटर में सैकड़ों फाइलें और अनगिनत बदलाव
पटकथा लेखक आमिल कीयान खान के अनुसार, सस्पेंस के स्तर को दर्शकों की उम्मीदों के अनुकूल बनाए रखना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इसी वजह से कहानी के अनगिनत प्रारूप तैयार किए गए और हर नए विचार के साथ कहानी को फिर से बुना गया। आमिल कीयान खान ने बताया कि उनके कंप्यूटर के एक मुख्य फोल्डर के भीतर कई अन्य फोल्डर भरे पड़े हैं, जिनमें तारीखों और विभिन्न नंबरों के हिसाब से कई अलग-अलग फाइलें मौजूद हैं।
लेखक ने अपनी फाइलों के नामकरण का मजेदार किस्सा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने फाइलों को ड्राफ्ट एक, दो या तीन जैसे नामों से सहेजा था। कई संशोधनों के बाद स्थिति ऐसी हो गई कि उन्होंने फाइलों के नाम फाइनल, फाइनल 2, फाइनल फाइनल और यहाँ तक कि फाइनल प्लीज गॉड तक रख दिए थे। आमिल कीयान खान के मुताबिक, लगातार हुए बदलावों के कारण उन्होंने गिनती करना ही बंद कर दिया था, लेकिन अगर विभिन्न रूपों को गिना जाए तो यह संख्या आसानी से 100 से अधिक ड्राफ्ट तक पहुँच जाती है। कई दौर की कड़ी मशक्कत और लंबी समीक्षा के बाद ही अंतिम मसौदे को मंजूरी मिल सकी।
शूटिंग के दौरान अभिनेताओं से भी गुप्त रखी गई पटकथा
पटकथा को अंतिम रूप दिए जाने के बाद सेट पर भी सस्पेंस का माहौल वैसा ही बना रहा जैसा फिल्म के परदे पर दिखता है। निर्देशक अभिषेक पाठक ने तय किया था कि वह फिल्म के मुख्य कलाकारों और निर्माण दल को पूरी कहानी की भनक नहीं लगने देंगे। इस सख्त रणनीति का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी दृश्य फिल्माए जाने से पहले रहस्य बाहर न आ सके और कलाकारों के अभिनय में स्वाभाविक असमंजस बना रहे।
अभिषेक पाठक ने सेट पर प्रत्येक सदस्य को केवल उतनी ही जानकारी उपलब्ध कराई जितनी उस विशेष दृश्य के फिल्मांकन के लिए अनिवार्य थी। आमिल कीयान खान ने स्पष्ट किया कि किसी भी दृश्य के दौरान कलाकारों को केवल यह निर्देश दिया जाता था कि उन्हें कैमरे के सामने क्या करना है, लेकिन उन्हें कभी यह नहीं समझाया जाता था कि उनका पात्र वह कदम क्यों उठा रहा है। निर्देशक ने पूरी शूटिंग उसी गोपनीयता और सतर्कता के साथ पूरी कराई, जिस तरह फिल्म का मुख्य किरदार विजय सालगांवकर अपने गुप्त मिशन को अंजाम देता है।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ शुरुआत और कमाई के आंकड़े
अजय देवगन, तब्बू और जयदीप अहलावत के सशक्त अभिनय से सजी इस फिल्म ने रिलीज होते ही रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह अजय देवगन के फिल्मी सफर की अब तक की सबसे बड़ी ओपनर साबित हुई है। इसके साथ ही, अपने दशकों लंबे करियर में अभिनेता के लिए 100 करोड़ रुपये के क्लब में सबसे तेज गति से प्रवेश करने वाली फिल्म का कीर्तिमान भी इसी के नाम दर्ज हो गया है।
फिल्म का निर्माण लगभग 100 से 110 करोड़ रुपये के बजट में किया गया है। बजट की तुलना में फिल्म ने मात्र तीन दिनों के भीतर अप्रत्याशित कमाई करते हुए कुल 270 करोड़ रुपये से अधिक का वैश्विक कलेक्शन जुटा लिया है। बॉक्स ऑफिस पर चल रही इस जबर्दस्त रफ्तार को देखते हुए यह फिल्म बेहद तेजी से 300 करोड़ रुपये के आंकड़े की तरफ बढ़ रही है।



















