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शांति वाले बयान पर उपजे विवाद के बाद संजय दत्त ने रखी अपनी बात, बोले बातचीत को संदर्भ से काटकर देखा गयाबॉलीवुड
5 अक्तू॰ 2026, 6:13 am (3 घंटे पहले)· 0

शांति वाले बयान पर उपजे विवाद के बाद संजय दत्त ने रखी अपनी बात, बोले बातचीत को संदर्भ से काटकर देखा गया

शेखर सुमन के चैट शो में देश में अमन-चैन को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद संजय दत्त ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था और पूरी बातचीत एक हल्के-फुल्के व्यंग्य का हिस्सा थी।

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने अपने एक हालिया बयान को लेकर इंटरनेट पर छिड़ी तीखी बहस के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एक चैट शो में भारत में अमन-चैन के माहौल को लेकर कही गई उनकी बातों पर लोगों ने सवाल खड़े किए थे। इस चर्चा के तूल पकड़ने के बाद उन्होंने सार्वजनिक मंच पर आकर साफ किया कि उनका इरादा किसी की धार्मिक, सामाजिक या व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बिल्कुल नहीं था।

चैट शो में शांति को लेकर की गई थी चर्चा

यह पूरा मामला शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ के गांधी जयंती विशेष प्रसारण से शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए अभिनेता ने कहा कि वह अपने मुल्क में पहले जैसा सुकून दोबारा देखना चाहते हैं। उन्होंने माना कि मौजूदा वक्त में उन्हें वैसा आंतरिक अमन महसूस नहीं हो रहा है जैसा पहले हुआ करता था। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों के बड़े दिल और उनकी गर्मजोशी भरे आतिथ्य की प्रशंसा भी की थी। अपनी बात पूरी करते हुए उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे पुराने सुनहरे दिन जल्द लौट आएं।

इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रिया के बाद साझा किया स्पष्टीकरण

शो के इस हिस्से के प्रसारित होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। विवाद बढ़ता देख अभिनेता ने सोशल मीडिया मंच एक्स और इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए लिखित संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद कभी किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय का अनादर करना नहीं था। उनका कहना था कि उनकी कही बातों को पूरी तरह गलत नजरिए से देखा गया और उन्हें मूल प्रसंग से अलग कर दिया गया।

"I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution."

मुन्ना भाई की गांधीगिरी और व्यंग्य का हवाला

अपनी सफाई में अभिनेता ने विस्तार से बताया कि शो में जो कुछ भी कहा गया, वह पहले से तैयार एक पटकथा आधारित मनोरंजक बातचीत थी। उसका उद्देश्य सिर्फ लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना और एक खुशनुमा माहौल तैयार करना था। उन्होंने याद दिलाया कि बातचीत का मूल भाव उनकी चर्चित फिल्म मुन्ना भाई में दिखाए गए गांधीगिरी के सिद्धांत जैसा ही था, जो सिर्फ मोहब्बत, भाईचारा और एकता का पैगाम देता है।

हास्य-व्यंग्य से भरा प्रधानमंत्री बनने वाला सवाल

कार्यक्रम के दौरान जब उनसे यह सवाल किया गया कि अगर उन्हें महज पांच मिनट के लिए मुल्क की कमान सौंप दी जाए और प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो वे क्या कदम उठाएंगे, तो उन्होंने बेहद मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था। उन्होंने गंभीर राजनीतिक मुद्दों, विदेशी दौरों, मिसाइलों और व्यापारिक शुल्कों को लेकर चुटीले तंज कसे। इस काल्पनिक चर्चा के दौरान भी वे बार-बार गांधीगिरी और प्रेम के दर्शन को ही आगे बढ़ाते नजर आए थे।

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सवाल-जवाब

संजय दत्त के किस बयान पर विवाद खड़ा हुआ था?
उन्होंने एक चैट शो में कहा था कि वह देश में और अधिक शांति चाहते हैं और अब उन्हें भारत में पहले जैसा सुकून महसूस नहीं होता।
अभिनेता ने यह बयान किस कार्यक्रम में दिया था?
यह बयान शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टूनाइट' के गांधी जयंती विशेष एपिसोड के दौरान दिया गया था।
संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
उन्होंने साफ किया कि यह पूरी बातचीत स्क्रिप्टेड और मनोरंजक थी, जिसका मकसद केवल प्यार और भाईचारा फैलाना था, किसी की भावनाएं आहत करना नहीं।
शो में 5 मिनट के प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने क्या कहा था?
उन्होंने मुन्ना भाई के व्यंग्यात्मक अंदाज में मिसाइलों, विदेशी दौरों और शुल्कों पर चुटकुले सुनाए और गांधीगिरी की बात की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Tanvi Desai@tanvi-desai·1 घंटे पहले

संजय दत्त चाहे जितनी सफाई दे लें, पर चैट शो में बोली गई बातें बाद में स्क्रिप्टेड या मज़ाक लगने लगती हैं जब लोग नाराज़ होने लगते हैं। बात को संदर्भ से काटने की बात हर सेलिब्रिटी सफाई में बोलता ही है।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·1 घंटे पहले

तनवी जी, सच में वो 'पांच मिनट के प्रधानमंत्री' वाला हिस्सा ही सारा बवाल खड़ा कर गया, बाकी सब तो बेकार की बातें थीं।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·1 घंटे पहले

संजू बाबा की बात को हमेशा लोग उल्टा ही समझ लेते हैं। व्यंग्य को सीरियसली नहीं लेना चाहिए था, वैसे भी वो मुन्ना भाई वाले अंदाज़ में ही बोल रहे थे।

Aisha Khan@aisha-khan·1 घंटे पहले

स्नेहा, शेखर सुमन के शो में पाँच मिनट के लिए पीएम बनने वाली बात सच में मज़ाकिया थी, लोग बिना बात का बवंडर बना देते हैं।

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