यूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूलपत्रकार दंपत्ति को सताने के मामले में ईबे देगा 56 मिलियन डॉलर का जुर्मानाग्लासगो में जैस्मीन लांबोरिया ने क्वार्टरफाइनल जीतकर पक्का किया 10वां पदक, मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन27.97 किमी माइलेज के साथ मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा हाइब्रिड 20 लाख के बजट में पेश करती है प्रीमियम एसयूवी का अनुभवलॉस्ट लैंड्स और इलेक्ट्रिक फॉरेस्ट जैसे म्यूजिक फेस्टिवल्स के लिए कौन से गैजेट्स और गियर हैं सबसे खासडिजिटल तनाव से मुक्ति: जानिए डूम स्क्रॉलिंग की लत के कारण और इससे बचने के 5 प्रभावी तरीकेबालों के झड़ने और रूखेपन से छुटकारा दिलाएगा गुड़हल, जानिए तेल और दही मास्क बनाने की आसान विधिबड़े कमरों के लिए कॉस्टको एक्सक्लूसिव मीडिया MAD50PS1AWT-C डिह्यूमिडिफायर में मिले 50-पाइंट क्षमता और स्मार्ट वाई-फाई फीचर्सबेंगलुरु में पास आउट हुआ सीआईएसएफ की पहली महिला क्यूआरटी का बैच, मिला आतंकवाद रोधी और कॉम्बैट ट्रेनिंग का जिम्मापीओके की हिंसा पर वैश्विक चैनलों का सन्नाटा, दिल्ली के प्रदर्शनों पर दिखाई थी भारी दिलचस्पी
गोविंदा का वह सुपरहिट गाना जो असल में था एक भोजपुरी लोकगीत का हिंदी रूपांतरणबॉलीवुड
27 जुल॰ 2026, 1:27 pm (3 दिन पहले)· 2

गोविंदा का वह सुपरहिट गाना जो असल में था एक भोजपुरी लोकगीत का हिंदी रूपांतरण

बॉलीवुड में भोजपुरी धुनों और गानों का इतिहास काफी पुराना है। गोविंदा के करियर के सबसे चर्चित गानों में शुमार एक लोकप्रिय ट्रैक की जड़ें भी एक ग्रामीण भोजपुरी लोकगीत से जुड़ी हैं।

हिंदी सिनेमा जगत में भोजपुरी भाषा और उसकी संस्कृति का प्रभाव लंबे समय से देखा जाता रहा है। दिलीप कुमार से लेकर आमिर खान जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपनी फिल्मों के दौरान पर्दे पर भोजपुरी में संवाद बोले हैं। हालांकि, बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि नब्बे के दशक के सुपरस्टार गोविंदा के सिने करियर का एक ऐसा बेहद लोकप्रिय गाना भी है, जो मूल रूप से एक पारंपरिक भोजपुरी लोकगीत का हिंदी रूपांतरण था। इस गाने को संगीत प्रेमियों के बीच लाने के पीछे टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की सूझबूझ और गीतकार समीर अनजान की रचनात्मकता का बड़ा हाथ था, जिन्होंने मिलकर इस सुरीले सफर की नींव रखी थी।

बिहार के किसी गांव से गुलशन कुमार लेकर आए थे धुन

इस पूरे किस्से का खुलासा खुद गीतकार समीर अनजान ने अपने एक पुराने साक्षात्कार के दौरान किया था। उन्होंने याद करते हुए बताया था कि वह एक बार टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के निवास पर गए थे। मुलाकात के दौरान गुलशन कुमार उन्हें अपने बेडरूम के एक कोने में लेकर गए और उन्हें भोजपुरी भाषा में एक ग्रामीण लोकगीत की कुछ पंक्तियां सुनाईं। समीर ने बताया कि गुलशन कुमार की संगीत को परखने की क्षमता बेहद मजबूत थी और उनके कान काफी पक्के थे। उन्हें इस बात का पूरा भरोसा था कि वे जिस अनूठे गाने की तलाश करके लाए हैं, वह बॉक्स ऑफिस और संगीत जगत में कमाल कर सकता है। उन्होंने समीर को जो शुरुआती लाइनें सुनाई थीं, वे थीं जब से सिपहिया से भईल हवलदार कि नाथुनिए से गोली मारे। इसके बाद गुलशन कुमार ने गीतकार समीर से विशेष अनुरोध किया कि वे इस लोकगीत का एक नया हिंदी संस्करण तैयार करें जो मुख्यधारा के दर्शकों को पसंद आ सके।

ये भी पढ़ें

आनंद-मिलिंद की जोड़ी और फिल्म दूल्हे राजा में एंट्री

गुलशन कुमार के कहने पर समीर अनजान ने उस लोकगीत की मूल पंक्ति को संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद के सामने प्रस्तुत किया। संगीतकारों को वह अनोखी लाइन तुरंत पसंद आ गई और उसके बाद एक विशेष बैठक में इस गाने का पूरा हिंदी वर्जन तैयार किया गया। जब यह गाना पूरी तरह बनकर तैयार हुआ, तो इसे वर्ष 1998 में रिलीज हुई निर्देशक हरेश शर्मा की फिल्म दूल्हे राजा में शामिल किया गया, जिसमें गोविंदा और रवीना टंडन मुख्य भूमिकाओं में थे। वह चर्चित गाना अपने दीवाने का कर दे बुरा हाल कि अंखियों से गोली मारे था। पर्दे पर रवीना टंडन और गोविंदा के एनर्जेटिक डांस मूव्स तथा शानदार एक्सप्रेशन ने इस गाने को हमेशा के लिए अमर बना दिया। इस गाने की सफलता इतनी जबरदस्त थी कि बाद में इसी नाम से एक फिल्म भी बनाई गई, हालांकि वह फिल्म मूल गीत जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकी।

सोनू निगम से पहले अल्ताफ राजा के पास गया था यह गाना

इस प्रसिद्ध गाने के गायन को लेकर भी एक दिलचस्प किस्सा जुड़ा हुआ है। गीतकार समीर अनजान ने अपने उसी इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि शुरुआती योजना के तहत इस गाने को रिकॉर्ड करने के लिए गायक अल्ताफ राजा को बुलाया गया था। उस दौर में अल्ताफ राजा का गाना तुम तो ठहरे परदेसी अभूतपूर्व रूप से मशहूर हो चुका था। अपनी इस अपार सफलता के चलते उन्होंने अपनी गायकी की फीस बढ़ा दी थी। इसी वित्तीय फेरबदल के कारण यह गाना उनके हाथ से निकल गया और अंततः प्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम के पास पहुंच गया। आज यह गाना गोविंदा के फिल्मी सफर के सबसे बड़े और सदाबहार चार्टबस्टर गानों में गिना जाता है।

सवाल-जवाब

गोविंदा का कौन सा गाना भोजपुरी लोकगीत पर आधारित है?
गोविंदा की फिल्म 'दूल्हे राजा' का प्रसिद्ध गाना 'अपने दीवाने का कर दे बुरा हाल कि अंखियों से गोली मारे' एक भोजपुरी लोकगीत का हिंदी वर्जन है।
इस भोजपुरी धुन को सबसे पहले किसने सुना था?
टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार बिहार के किसी गांव से इस लोकगीत की धुन सुनकर आए थे।
इस गाने के बोल किसने लिखे थे?
गीतकार समीर अनजान ने गुलशन कुमार के कहने पर इस लोकगीत के हिंदी बोल तैयार किए थे।
इस गाने को किसने संगीतबद्ध किया था?
इस गाने को संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने संगीतबद्ध किया था।
शुरुआत में इस गाने को कौन से गायक गाने वाले थे?
शुरुआत में इस गाने को गाने के लिए अल्ताफ राजा को बुलाया गया था, लेकिन फीस बढ़ने के कारण यह गाना सोनू निगम के पास चला गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR