लॉस्ट लैंड्स और इलेक्ट्रिक फॉरेस्ट जैसे म्यूजिक फेस्टिवल्स के लिए कौन से गैजेट्स और गियर हैं सबसे खासडिजिटल तनाव से मुक्ति: जानिए डूम स्क्रॉलिंग की लत के कारण और इससे बचने के 5 प्रभावी तरीकेपीओके की हिंसा पर वैश्विक चैनलों का सन्नाटा, दिल्ली के प्रदर्शनों पर दिखाई थी भारी दिलचस्पीमारुति ब्रेजा के नए फेसलिफ्ट मॉडल ने बाजार में मचाई हलचल, नए टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ 7.39 लाख रुपये से शुरू होती है कीमतग्लासगो में एक और दोहरी खुशी, सेमीफाइनल में पहुंचकर साक्षी और अरुंधति ने भारत के लिए ब्रॉन्ज पक्का कियागुरु पूर्णिमा पर करण जौहर ने याद किए दो खास लम्हे, आदित्य चोपड़ा और शाहरुख खान को बताया अपनी सफलता का श्रेयबालों के झड़ने और रूखेपन से छुटकारा दिलाएगा गुड़हल, जानिए तेल और दही मास्क बनाने की आसान विधिरणबीर आलिया और विक्की की लव एंड वॉर का अनोखा फर्स्ट लुक, संजय लीला भंसाली ने बनाया खास विजुअल प्लानगृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के गंभीर आरोपों से संसद में भारी हंगामा, पेपर लीक और सुरक्षा पर छिड़ी तीखी बहसप्यूमा वेलोसिटी नाइट्रो 5 रिव्यू: रोजाना रनिंग के लिए कितना टिकाऊ और आरामदायक है यह जूता
बेंगलुरु में पास आउट हुआ सीआईएसएफ की पहली महिला क्यूआरटी का बैच, मिला आतंकवाद रोधी और कॉम्बैट ट्रेनिंग का जिम्माभारत
29 जुल॰ 2026, 11:31 pm (2 घंटे पहले)· 0

बेंगलुरु में पास आउट हुआ सीआईएसएफ की पहली महिला क्यूआरटी का बैच, मिला आतंकवाद रोधी और कॉम्बैट ट्रेनिंग का जिम्मा

बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन से सीआईएसएफ का पहला महिला क्विक रिएक्शन टीम बैच 28 जुलाई 2026 को पास आउट हुआ। महिला कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल और आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक नया अध्याय लिखा है। 28 जुलाई 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान बल के पहले महिला क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) बैच ने अपना कठिन प्रशिक्षण सफलता के साथ पूरा कर लिया। यह पहला जत्था बेंगलुरु में स्थित 10वीं रिजर्व बटालियन से पास आउट हुआ है, जिसके साथ ही महिला कमांडोज अब देश के सबसे संवेदनशील स्थानों की अग्रिम पंक्ति में तैनात होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अत्याधुनिक युद्ध कौशल और क्लोज-क्वार्टर बैटल का प्रशिक्षण

इस विशेष ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य महिला कमांडोज को सामान्य सुरक्षा जिम्मेदारियों से आगे ले जाकर विशेष सुरक्षा अभियानों के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान कड़ा अभ्यास कराया गया, जिसमें क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन्स और बेहद विषम परिस्थितियों का सामना करने के गुर शामिल हैं। इसके साथ ही इन महिला जवानों को विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के हथियारबंद खतरे और आपात स्थिति का त्वरित व सटीक जवाब दिया जा सके।

ये भी पढ़ें

बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन बनी आधिकारिक प्रशिक्षण केंद्र

पासिंग आउट परेड के ऐतिहासिक अवसर पर एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई। बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक रूप से बल का 'महिला क्यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र' घोषित कर दिया गया है। इस कदम से भविष्य में भी महिला जवानों को उच्च स्तरीय कॉम्बैट ट्रेनिंग और त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों के लिए सुव्यवस्थित रूप से तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए सीआईएसएफ की एयरपोर्ट सेक्टर की एडीजी बिनीता ठाकुर ने बल में महिलाओं के बढ़ते योगदान की सराहना की।

"देश की सुरक्षा में महिलाएं अब सिर्फ साथ देने वाली नहीं, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व भी कर रही हैं," बिनीता ठाकुर ने कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की मजबूत और विस्तारित होती भागीदारी का एक नया आरंभ है।

सवाल-जवाब

सीआईएसएफ का पहला महिला क्यूआरटी बैच कहां से पास आउट हुआ?
यह बैच 28 जुलाई 2026 को बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन से पास आउट हुआ।
महिला क्यूआरटी कमांडोज को किस तरह की ट्रेनिंग दी गई है?
कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन्स, विषम परिस्थितियों से निपटने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
10वीं रिजर्व बटालियन को क्या नई पहचान दी गई है?
10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक तौर पर सीआईएसएफ का 'महिला क्यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र' घोषित किया गया है।
इस पासिंग आउट परेड की तारीख क्या थी?
पासिंग आउट परेड का आयोजन 28 जुलाई 2026 को किया गया था।
बिनीता ठाकुर ने इस ऐतिहासिक कदम के बारे में क्या कहा?
एडीजी बिनीता ठाकुर ने कहा कि महिलाएं अब सुरक्षा क्षेत्र में सिर्फ सहयोग नहीं दे रहीं, बल्कि आगे रहकर नेतृत्व कर रही हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR