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कबीर सिंह के बाद एक हिट को तरसते शाहिद कपूर, लगातार फ्लॉप से डगमगाया भरोसा, अब टीम का सहाराबॉलीवुड
12 जून 2026, 10:09 pm (91 दिन पहले)· 0

कबीर सिंह के बाद एक हिट को तरसते शाहिद कपूर, लगातार फ्लॉप से डगमगाया भरोसा, अब टीम का सहारा

शाहिद कपूर ने माना कि 'देवा' और 'ओ रोमियो' के फ्लॉप होने के बाद फिल्में चुनने को लेकर उनका आत्मविश्वास घट गया है और अब वे स्क्रिप्ट सुनते वक्त अपनी टीम की मदद लेते हैं। उनकी फिल्म 'कॉकटेल 2' 19 जून को सिनेमाघरों में आ रही है।

शाहिद कपूर इस समय अपनी आने वाली फिल्म 'कॉकटेल 2' की रिलीज की तैयारियों में जुटे हैं, जो 19 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त अभिनेता ने यह स्वीकार किया है कि 'देवा' और 'ओ रोमियो' जैसी फिल्मों के नाकाम रहने के बाद फिल्मों के चयन को लेकर उनका भरोसा काफी कमजोर पड़ गया है। यही नहीं, अब उन्हें इस मामले में अपनी टीम की मदद भी लेनी पड़ रही है। इस बात का खुलासा खुद शाहिद ने किया है।

फिल्मों के चुनाव पर क्या बोले शाहिद कपूर

'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' को दिए एक हालिया इंटरव्यू में शाहिद ने ऐसी इंडस्ट्री में काम करने की मुश्किलों को बयां किया, जो लगातार बदलती रहती है और जहां किसी भी चीज़ की कोई गारंटी नहीं होती। सिनेमा में बरसों गुज़ार चुके होने के बावजूद उन्होंने दो-टूक कहा कि तजुर्बा होना इस बात की कोई पक्की निशानी नहीं कि बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी मिल ही जाएगी। शाहिद ने कहा, 'जब आप इतने लंबे अरसे तक काम कर लेते हैं, तो लगता है कि अब आपको चीज़ें और बेहतर ढंग से आनी चाहिए। मगर हकीकत में ऐसा होता नहीं है। फिल्में बेहद अप्रत्याशित होती हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही एक कलाकार अपने अभिनय के किसी हिस्से पर अपना असर छोड़ सकता है, पर किसी फिल्म का अंतिम नतीजा कई बातों पर टिका होता है—जैसे निर्देशक की सोच और दर्शक उसे किस नज़रिए से अपनाते हैं।

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अब टीम के साथ मिलकर चुनेंगे स्क्रिप्ट

'देवा' और 'ओ रोमियो' जैसी फिल्मों के साथ आई दिक्कतों से मिली सीख पर बात करते हुए शाहिद ने अपने रोज़मर्रा के काम करने के तरीके में आए एक बड़े बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्में चुनने के मामले में अब उन्हें अपनी ही परख पर संदेह होने लगा है। उन्होंने कहा, 'मुमकिन है कि कैमरे के सामने क्या करना है, यह तो मुझे अच्छे से आता हो, लेकिन शायद यह नहीं पता कि कौन-सी फिल्में चुननी चाहिए।' शाहिद ने आगे कहा कि वे अक्सर अपनी कलात्मक समझ के भरोसे फिल्में चुनते हैं और हो सकता है कि यह समझ हर बार दर्शकों की पसंद या उनकी उम्मीदों से मेल न खाती हो। इसी वजह से अब वे चाहते हैं कि स्क्रिप्ट सुनते वक्त उनकी टीम के कम से कम तीन लोग मौजूद रहें। पहले उन्हें अकेले स्क्रिप्ट सुनना ज्यादा आरामदेह लगता था, मगर अब उनका मानना है कि एक से ज्यादा लोगों की राय किसी प्रोजेक्ट को बेहतर और निष्पक्ष ढंग से परखने में मदद कर सकती है।

कबीर सिंह के बाद सुपरहिट को तरसे शाहिद

शाहिद कपूर ने अपने करियर में कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दी हैं। मगर 2019 में आई 'कबीर सिंह' के बाद उनकी कोई भी फिल्म सुपरहिट साबित नहीं हुई। 'कबीर सिंह' साल 2019 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म रही थी। इसके बाद शाहिद ने 2022 में 'जर्सी', 'फर्जी', 'ब्लडी डैडी', 'देवा' और 'ओ रोमियो' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन ये सभी फिल्में फ्लॉप रहीं। हालांकि 2024 में रिलीज हुई 'तेरी बातों में उलझा जिया' कमाई के लिहाज से फ्लॉप नहीं कही गई, फिर भी यह फिल्म हिट का तमगा हासिल करने में नाकाम रही।

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