दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के अचानक चले जाने से हिंदी फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर फैल गई है। उन्होंने केवल 56 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मुश्ताक खान ने 24 सितंबर को शाम लगभग 7:00 बजे मुंबई के नानावटी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन से उनके करीबी मित्र और सह-कलाकार राजपाल यादव बेहद भावुक हैं, जिन्होंने मुश्ताक खान के अंतिम समय से ठीक कुछ घंटे पहले अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी।
अस्पताल में दोनों कलाकारों की आखिरी मुलाकात
मुश्ताक खान के निधन की खबर मिलने के बाद राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर अपना दुख साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस दुखद समाचार पर विश्वास करना उनके लिए बेहद कठिन हो रहा है क्योंकि कुछ ही देर पहले दोनों के बीच बातचीत हुई थी। इस अंतिम मुलाकात का एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुश्ताक अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह राजपाल यादव का हाथ थामे हुए हैं और राजपाल उन्हें ढांढस बंधाते हुए कह रहे हैं कि उनके फेफड़े और दिल बिल्कुल ठीक काम कर रहे हैं। राजपाल यादव उन्हें हौसला देते हुए कहते हैं कि उनकी आंतरिक शक्ति बहुत मजबूत है और वह जल्द ही स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।
राजपाल यादव ने साझा किया अपना दर्द
अपने दिवंगत साथी को याद करते हुए राजपाल यादव ने बताया कि मुश्ताक भाई के निधन से महज दो घंटे पहले ही वह उनसे मिले थे। उस वक्त वह पूरी तरह से होश में थे और बातचीत पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे थे। राजपाल यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "मैंने उनसे बात की, उन्होंने मुझे देखा और मुझसे हाथ भी मिलाया।" वहां मौजूद लोग जो कुछ भी कह रहे थे, मुश्ताक उसे ध्यान से सुन रहे थे और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। राजपाल ने कहा कि उन्हें अभी भी इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा है कि जिस इंसान का हाथ उन्होंने दो घंटे पहले पकड़ा था, वह अब उनके बीच नहीं है।
कैंसर से दोबारा जंग हार गए मुश्ताक
मुश्ताक खान के व्यावसायिक साझेदार शिवम ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की है। शिवम ने बताया कि मुश्ताक खान को लगभग पांच साल पहले पहली बार कैंसर होने का पता चला था। उस समय उचित इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गए थे। लेकिन लगभग आठ दिन पहले यह बीमारी दोबारा उभर आई और डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे कैंसर का अंतिम चरण यानी लास्ट स्टेज बताया। हालत लगातार बिगड़ने के कारण उन्हें तुरंत मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 15 दिनों तक चले लंबे उपचार के बाद भी डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए।



















