इटली के द्वीप सिसिली में स्थित रीजनल इंटरडिसिप्लिनरी म्यूजियम ऑफ मेसिना से पुनर्जागरण काल की चार बेहद कीमती कलाकृतियां चोरी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इटली के संस्कृति मंत्री आलेसांद्रो जुली ने इस बात की पुष्टि की है कि शनिवार रात चोरों ने 15वीं शताब्दी के महान चित्रकार एंटोनोलो दा मेसिना की चार ऐतिहासिक लकड़ी की पेंटिंग्स चुरा लीं। चोरी गई कलाकृतियों में 'पॉलिप्टिच ऑफ सन ग्रेगोरियो' की तीन मुख्य पैनल और 'मडोना विथ चाइल्ड एंड क्राइस्ट इन पिएटा' नामक एक डबल-साइडेड पेंटिंग शामिल है। इस वारदात ने पूरे कला जगत और इतालवी प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
बिना अलार्म बजे म्यूजियम में घुसे चोर
सुरक्षा एजेंसियों और इतालवी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह समझना बनी हुई है कि चोर म्यूजियम के हाई-टेक सुरक्षा तंत्र को चकमा देने में कैसे कामयाब रहे। पुलिस फिलहाल इस बिंदु पर सघन जांच कर रही है कि चोर बिना कोई अलार्म बजाए इमारत के भीतर कैसे दाखिल हुए। शुरुआती जांच के आधार पर इतालवी समाचार एजेंसी एन्सा ने जानकारी दी है कि इन बेशकीमती कलाकृतियों को ब्लैक मार्केट के किसी बड़े माफिया या कला पारखी के विशेष ऑर्डर पर चुराया गया है।
म्यूजियम की निदेशक मारिसा मरक्यूरियो ने घटना के समय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह चोरी शनिवार की रात स्थानीय समयानुसार करीब 21:50 बजे (19:50 जीएमटी) हुई। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जो कुछ भी हुआ उससे पूरा संग्रहालय प्रशासन स्तब्ध है। यह न केवल म्यूजियम के लिए, बल्कि मेसिना शहर, स्थानीय समुदाय और पूरी दुनिया के कला प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
सुरक्षित डिस्प्ले केस से निकाली गई दुर्लभ कलाकृति
चोरी की इस घटना में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 'मडोना विथ चाइल्ड एंड क्राइस्ट इन पिएटा' नामक डबल-साइडेड पेंटिंग को म्यूजियम के भीतर बने एक अत्यधिक सुरक्षित कांच के डिस्प्ले केस से सीधे बाहर निकाला गया। वर्ष 2016 में लंदन स्थित ब्रिटिश म्यूजियम में कुछ समय के लिए प्रदर्शित की गई यह ऐतिहासिक पेंटिंग बेहद खास मानी जाती है। इसके एक तरफ माता मरियम की गोद में बैठे बालक ईसा मसीह एक भक्त को आशीर्वाद देते हुए दिखाए गए हैं, जबकि दूसरी तरफ वयस्क ईसा मसीह के जीवन के अंतिम पलों (पिएटा) का करुण चित्रण है। कला विशेषज्ञों के अनुसार, इस पेंटिंग का छोटा आकार संकेत देता है कि 15वीं सदी में इसका निर्माण व्यक्तिगत पूजा-अर्चना के उद्देश्य से किया गया था।
इसके अलावा, चोरी हुई अन्य तीनों कलाकृतियां एंटोनोलो दा मेसिना की मशहूर रचना 'पॉलिप्टिच ऑफ सन ग्रेगोरियो' का हिस्सा हैं। सन् 1473 में सांता मारिया मठ के लिए तैयार की गई इस विशाल कलाकृति के कुल पांच पैनल ही इतिहास में सुरक्षित बचे थे, जिनमें से तीन पैनल अब चोरों के कब्जे में हैं। इस पेंटिंग में माता मरियम बालक यीशु को गोद में लिए बैठी हैं, जिनके आसपास सेंट ग्रेगोरियो, सेंट बेनेडिक्ट और कई देवदूत चित्रित हैं। चोरी हुई सभी कलाकृतियां लकड़ी के ठोस बोर्ड पर बनी होने के कारण इन्हें मोड़कर या रोल करके ले जाना संभव नहीं था, जिससे साफ है कि चोर बड़ी योजना के साथ आए थे।
शहर में गुस्सा और यूरोपीय म्यूजियमों की सुरक्षा पर सवाल
मेसिना के मेयर फेडेरिको बासिले ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस चोरी को एक घिनौना आपराधिक कृत्य बताते हुए कहा कि मेसिना के नागरिकों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर पर हमला किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेसिना शहर अपनी गौरवशाली विरासत को इस तरह चोरी नहीं होने देगा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना यूरोप भर के प्रमुख संग्रहालयों में बढ़ रही चोरी की घटनाओं की श्रृंखला में नई कड़ी है। इससे पहले भी सेज़ान, रिनॉयर और मातिस जैसे दिग्गजों की 9 मिलियन यूरो (लगभग 7.8 मिलियन पाउंड) मूल्य की पेंटिंग्स एक गिरोह द्वारा महज कुछ ही मिनटों में उड़ा ली गई थीं, जहां म्यूजियम अलार्म ने उन्हें और ज्यादा नुकसान पहुंचाने से रोका था। लगातार हो रही ऐसी वारदातों ने सार्वजनिक संग्रहालयों में रखी अमूल्य कलाकृतियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


















