भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर एक ऐसी यादगार पारी खेली है जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपना शतक पूरा करके पडिक्कल ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया। वह 15 अगस्त के दिन टेस्ट मैच में शतक बनाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। शनिवार को पहले दिन शतक जमाकर नाबाद लौटने के बाद, दूसरे दिन उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी होकर 167 रनों की विशाल पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 215 गेंदों में 150 रन पूरे किए थे। उनकी इस क्लासिक और बेहद अनुशासित बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम पहली पारी में मजबूत स्थिति हासिल करने में सफल रही।
नंबर 3 की पोजीशन पर 35 पारियों के बाद खत्म हुआ शतक का सूखा
भारतीय टेस्ट टीम पिछले काफी समय से नंबर 3 की अहम पोजीशन पर एक बड़ी और टिकाऊ पारी के लिए तरस रही थी। देवदत्त पडिक्कल ने गॉल में 167 रन बनाकर लगातार 19 टेस्ट मैचों और 35 पारियों से चले आ रहे शतक के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। इसके अलावा, श्रीलंका की धरती पर श्रीलंका के ही खिलाफ नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर बनाने का कीर्तिमान भी अब पडिक्कल के नाम दर्ज हो गया है। उन्होंने इस मामले में दिग्गज चेतेश्वर पुजारा का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने साल 2017 में गॉल में 153 रन और कोलंबो में 133 रनों की पारियां खेली थीं। अगर टेस्ट इतिहास में भारत के लिए नंबर 3 पर खेलने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाजों की बात करें, तो अब केवल विनोद कांबली ही पडिक्कल से आगे हैं, जिन्होंने इस पोजीशन पर 227 और 224 रनों के दो विशाल दोहरा शतक जड़े थे।
श्रीलंका और गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर बनाए खास रिकॉर्ड
गॉल के कठिन माने जाने वाले मैदान पर 150 या उससे अधिक रनों की टेस्ट पारी खेलने वाले पडिक्कल भारत के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले गॉल स्टेडियम में केवल तीन ही भारतीय यह मुकाम हासिल कर पाए थे, जिनमें वीरेंद्र सहवाग (201 रन नाबाद), शिखर धवन (190 रन) और चेतेश्वर पुजारा (153 रन) के नाम शामिल हैं। सिर्फ गॉल ही नहीं, बल्कि ओवरऑल श्रीलंका की पूरी सरजमीं पर 150 से अधिक रनों की पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों के विशिष्ट क्लब में भी पडिक्कल शामिल हो चुके हैं। इस सूची में उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग (2008), सचिन तेंदुलकर (2010), शिखर धवन (2017) और चेतेश्वर पुजारा (2017) का नाम दर्ज था। ओवरऑल श्रीलंका में किसी भी भारतीय द्वारा बनाए गए सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर की सूची में पडिक्कल अब चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस लिस्ट में सचिन तेंदुलकर 203 रनों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि वीरेंद्र सहवाग 201* और शिखर धवन 190 रनों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पडिक्कल ने अपने 167 रनों के स्कोर से पुजारा के 153 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।
स्टंप आउट होने पर भी रोहित शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर दर्ज हुआ नाम
अपनी इस शानदार और मैराथन पारी का अंत पडिक्कल के लिए थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा, जब वह क्रीज से बाहर निकलकर खेलने के प्रयास में स्टंप आउट होकर पवेलियन लौटे। हालांकि, इस तरह आउट होने के बावजूद उनके नाम एक और दिलचस्प आंकड़ा जुड़ गया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में स्टंप आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाजों में पडिक्कल का 167 रनों का व्यक्तिगत स्कोर दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय क्रिकेट में स्टंप आउट होने से पहले सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है, जिन्होंने 176 रन बनाए थे। वहीं, देवदत्त पडिक्कल 167 रनों के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं और उन्होंने मुरली विजय के 155 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो अब इस सूची में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।


















