संगीत की दुनिया में सुरों की मलिका कहलाने वालीं आशा भोंसले जब माइक के सामने आती थीं तो जादू बिखर जाता था, लेकिन बचपन में वे बिल्कुल अलग मिजाज की लड़की थीं। उनकी छोटी बहन उषा मंगेशकर ने हाल ही में आशा भोंसले से जुड़े कुछ ऐसे किस्से साझा किए हैं, जिन्हें सुनकर फैंस हैरान रह गए। उषा मंगेशकर के मुताबिक शादी से पहले आशा जी पूरी तरह एक टॉमब्वॉय की तरह रहती थीं, पैंट-शर्ट पहनती थीं और जरा सी बात पर लोगों से भिड़ जाती थीं।
पैंट-शर्ट पहनकर साइकिल पर घूमने वाली शरारती लड़की
उषा मंगेशकर ने बताया कि जिस वक्त वे और आशा जी एक साथ रहती थीं, आशा की छवि बिल्कुल एक नटखट टॉमब्वॉय जैसी थी। उषा ने कहा, "शादी से पहले मुझे आशा की जो छवि याद थी, वो एक छोटे टॉमब्वॉय जैसी थी. वो सात-आठ साल की उम्र में पैंट, शर्ट और वेस्टकोट पहनती थीं, साइकिल पर घूमती रहती थीं और हमेशा किसी न किसी से लड़ाई करने के लिए तैयार रहती थीं. वो बेहद चुलबुली थीं, सबको चिढ़ाती थीं, हंसती-मजाक करती थीं और लोगों को मारने के लिए उनके पीछे दौड़ती थीं." उषा को उस वक्त लगता था कि बड़ी होकर भी आशा जी वैसी ही शरारती और बेपरवाह रहेंगी, लेकिन आगे चलकर जिंदगी ने कुछ और ही मोड़ ले लिया।
14 साल की उम्र में घर छोड़कर की शादी
आशा भोंसले की निजी जिंदगी शुरू से ही उतार-चढ़ाव भरी रही। महज 14-15 साल की छोटी उम्र में उन्होंने अपने से करीब 20 साल बड़े गणपतराव भोंसले के साथ घर से भागकर शादी कर ली। यह फैसला परिवार को बिल्कुल रास नहीं आया, खासकर उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर इस शादी से बेहद नाराज हुईं। लता मंगेशकर ने इस रिश्ते को कभी मंजूरी नहीं दी और लंबे अरसे तक आशा जी से कोई बातचीत तक नहीं की। घर छोड़ने के बाद करीब एक दशक तक आशा भोंसले का अपने परिवार से किसी तरह का संपर्क नहीं रहा।
दस साल बाद रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई मुलाकात
घर छोड़ने के करीब 10 साल बाद दोनों बहनों की पहली मुलाकात एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई, जहां उन्हें साथ में एक युगल गीत गाना था। उषा मंगेशकर ने बताया, "शादी के बाद मैं उन्हें पहली बार देख रही थी. वे हाल ही में बेटे हेमंत की मां बनी थीं. जब मैंने उन्हें देखा, तो मैं बस देखती ही रह गई. कहाँ वो पैंट-शर्ट पहनने वाली चुलबुली लड़की और कहाँ सामने खड़ी एक संस्कारी महिला! उनके माथे पर एक बड़ा सा टिक्का था, बाल बंधे हुए थे, उन्होंने एक सादी सफेद साड़ी पहनी हुई थी, हाथों में सोने की चूड़ियाँ और कलाई पर घड़ी थी. वे पूरी तरह बदल चुकी थीं." यानी जो बहन कभी बालों को खुला छोड़कर साइकिल दौड़ाती थी, वो अब एक ठहरी हुई मां और गृहिणी के रूप में सामने खड़ी थी।
इस मुलाकात का एक दिलचस्प किस्सा भी सामने आया। उषा मंगेशकर ने हंसते हुए बताया कि आशा जी ने उन्हें देखते ही सबसे पहले डांट लगाई थी। उषा ने बताया, "उन्होंने मुझे देखा और तुरंत टोकते हुए कहा, तुम्हारे बाल इतने बिखरे हुए क्यों हैं? क्या तुम्हारे पास हेयरपिन नहीं है? मेरे पास कोई पिन नहीं थी, तो उन्होंने खुद अपनी एक हेयरपिन निकाली, मुझे दी और कहा, इसे लगाओ और अपने बालों को ठीक से पिन करके आया करो. उनके बात करने का तरीका, उनका लहजा सब कुछ पूरी तरह बदल चुका था." यह वाकया बताता है कि शादी और मातृत्व ने आशा जी के व्यक्तित्व में कितना गहरा बदलाव ला दिया था।
पोते के जन्म ने पिघलाया मां का दिल
घर से भागने की वजह से परिवार में जो दूरियां आई थीं, वे पहले बेटे हेमंत के जन्म के बाद धीरे-धीरे कम होने लगीं। उषा मंगेशकर के मुताबिक जब उनकी मां को पता चला कि उन्हें पहला पोता हुआ है, तो वे बेहद खुश हुईं। कुछ दिनों बाद आशा जी ने खुद अपनी मां को फोन किया और कहा, "मेरी तबीयत ठीक नहीं है, प्लीज आ जाओ." इसके बाद मां के साथ उषा मंगेशकर भी उनसे मिलने पहुंचीं और धीरे-धीरे परिवार के बीच का मनमुटाव खत्म हो गया। इसके बाद सबका आना-जाना फिर से शुरू हो गया और रिश्तों में मिठास लौट आई।
गणपतराव भोंसले से अलगाव और आरडी बर्मन से दूसरी शादी
गणपतराव भोंसले के साथ आशा जी का यह रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चल पाया और 1960 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद 1980 में आशा भोंसले ने मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की। एक चुलबुली, बागी और बेपरवाह लड़की से लेकर संगीत जगत की सबसे सम्मानित आवाज़ बनने तक का यह सफर बताता है कि आशा भोंसले ने अपनी जिंदगी के हर मुश्किल मोड़ का डटकर सामना किया और खुद को हर बार नए सिरे से गढ़ा। यही वजह है कि आज भी उनकी आवाज़ और उनकी जिंदगी की ये कहानियां फैंस के लिए उतनी ही दिलचस्प हैं, जितनी उनके गाए गीत।













