अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने हाल ही में एक टीवी शो में अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर खुलकर बातचीत की. होस्ट किशोर अजवानी के शो 'कहके रहेगा कहने वाला' में उन्होंने बताया कि कमर्शियल सिनेमा में काम करते वक्त वे कभी अपने अभिनय से समझौता नहीं करते, हालांकि एक्टिंग के प्रति उनके गहरे जुनून ने उनकी निजी जिंदगी में उनसे बड़ी कीमत जरूर वसूली है.
कमर्शियल सिनेमा को भी मानते हैं अभिनय की गंभीर विधा
बातचीत के दौरान जब किशोर अजवानी ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी से पूछा कि क्या कमर्शियल फिल्में करते समय वे अपने अभिनय के साथ समझौता करते हैं, तो जवाब बिल्कुल साफ था. नवाजुद्दीन ने कहा, "मैं बिल्कुल भी कंप्रोमाइज नहीं करता. जो भी हम कमर्शियल सिनेमा करते हैं, वो भी एक तरह की फॉर्म है." उन्होंने आगे समझाया कि लोक थिएटर हो, कोई ट्रेडिशनल प्ले हो, संस्कृत प्ले हो या फिर पारसी प्ले, ये सभी अभिनय के अलग-अलग फॉर्म हैं और एक कलाकार को हर फॉर्म के लिए तैयार रहना चाहिए. नवाजुद्दीन के मुताबिक, वे कमर्शियल फिल्मों को दूसरे दर्जे की एक्टिंग नहीं मानते. उनका कहना था कि यही म्यूजिकल कमर्शियल फिल्में असल में बॉलीवुड की पहचान हैं, इसलिए कमर्शियल सिनेमा को भी अभिनय की एक जायज विधा माना जाना चाहिए.
जुनून की भारी कीमत भी चुकानी पड़ी
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने माना कि अभिनय के प्रति उनका लगाव इतना गहरा रहा है कि इसके लिए उन्हें निजी जिंदगी में कीमत चुकानी पड़ी है. परिवार और करियर के तालमेल को लेकर उन्होंने सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों में अपनी भावनाएं जरूर जाहिर कीं. उन्होंने कहा, "मैं कुछ कह नहीं सकता लेकिन मेरा दिल जानता है. बहुत ही अंदर की बात है. चुकानी तो पड़ती है." उन्होंने बताया कि उन्हें लगता था कि वे इस लायक नहीं हैं कि परिवार और एक्टिंग, दोनों को एक साथ पूरा वक्त दे सकें. उनका मानना था कि जब तक वे अभिनय को भरपूर समय नहीं देंगे, तब तक वे उस मुकाम के काबिल नहीं बन पाएंगे.
परिवार को पूरा वक्त देने में लगा लंबा समय
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अभिनय एक ऐसी विधा है, जिसका अभ्यास पूरी जिंदगी चलता रहता है, लेकिन खुद को उन्होंने बहुत इंटेलिजेंट इंसान नहीं माना. उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि क्योंकि मैं बेवकूफ इंसान हूं, मुझे वक्त ज्यादा चाहिए इसमें." उनके मुताबिक, कोई ज्यादा समझदार शख्स शायद एक साथ अच्छा एक्टर, अच्छा भाई, अच्छा पिता, अच्छा पति, अच्छा दोस्त और अच्छा बेटा बनकर दिखा सकता था, लेकिन खुद को वे इस कसौटी पर पूरी तरह खरा नहीं मानते. उन्होंने खुलकर कबूल किया कि परिवार को भरपूर वक्त दे पाने में उन्हें बहुत लंबा समय लगा, और यही उनकी एक्टिंग के जुनून की सबसे बड़ी निजी कीमत रही.



















