बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री यामी गौतम के करियर में शनिवार, 18 जुलाई 2026 का दिन एक बड़ी उपलब्धि लेकर आया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उसी शाम 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2024 के विजेताओं की पूरी सूची जारी की, जिसमें 2024 की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। ये अवॉर्ड देश की सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मान परंपरा में गिने जाते हैं और साल भर की बेहतरीन फिल्मों तथा कलाकारों को चुनकर सम्मानित करते हैं। इस सूची में यामी गौतम की फिल्म 'आर्टिकल 370' ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का खिताब मिला, जबकि यामी गौतम को इसी फिल्म में उनके अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से नवाजा गया। इस बड़ी खबर के सामने आते ही अभिनेत्री भावुक हो गईं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर अपने दिल की बात दुनिया के सामने रखी।
चौदह साल के सफर का जिक्र
यामी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में साफ किया कि उनके लिए यह अवॉर्ड सिर्फ करियर की उपलब्धियों की सूची में एक और नाम जुड़ने भर की बात नहीं है। उन्होंने लिखा कि बीते चौदह सालों में उन्होंने सिर्फ अपने काम के प्रति सच्चे बने रहने की कोशिश की है, हमेशा ईमानदारी से मेहनत की और अपनी परफॉर्मेंस को खुद बोलने का मौका दिया, बिना किसी शोर-शराबे के। उनके मुताबिक, यह सम्मान उसी उम्मीद, मेहनत, हिम्मत और सिनेमा के प्रति उनके गहरे और अटूट लगाव का नतीजा है। इसी भावना को उन्होंने एक वाक्य में समेटते हुए लिखा, "हर सफर में एक ऐसा पल जरूर आता है जो आपको याद दिलाता है कि आपने इतनी मुश्किलों के बाद भी हार क्यों नहीं मानी।" यामी ने आगे यह भी बताया कि यह वह सपना था जिसे उन्होंने बरसों तक अपने दिल में संजोए रखा था, और अब जाकर यह सपना आखिरकार पूरा हुआ है, जिसे वे पूरे प्यार, आभार और विनम्रता के साथ स्वीकार करती हैं।
'आर्टिकल 370' से जुड़ा खास और निजी रिश्ता
यामी ने अपने पोस्ट में यह भी खुलकर बताया कि 'आर्टिकल 370' उनके लिए कभी एक सामान्य प्रोजेक्ट नहीं रही। उनके अपने शब्दों में, यह कहानी ऐसी थी जिस पर उन्हें शुरू से ही दिल की गहराई से भरोसा था। यह फिल्म उनकी अपनी घर की प्रोडक्शन कंपनी की थी, और यही वजह है कि यह सम्मान उनके लिए और भी ज्यादा निजी तथा भावनात्मक बन जाता है। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर हुई हर बातचीत और गुजरा हर पल एक ही मकसद से जुड़ा था, कहानी को पूरी सच्चाई, पूरे भरोसे और पूरी ईमानदारी के साथ दर्शकों तक पहुंचाना, बिना किसी समझौते के।
जूरी, टीम और परिवार को कहा शुक्रिया
अभिनेत्री ने इस मौके पर सम्मानित जूरी का दिल से आभार जताया और साथ ही फिल्म के निर्देशक, कलाकारों, पूरी क्रू और उन तमाम दर्शकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने 'आर्टिकल 370' को पूरे भरोसे और प्यार के साथ अपनाया। उन्होंने लिखा कि इन सबने यह साबित कर दिया कि सच्ची और सार्थक कहानियां खुद ब खुद दर्शकों के दिलों तक पहुंचने का रास्ता बना लेती हैं, उन्हें किसी बाहरी सहारे की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा यामी ने अपने परिवार, अपनी टीम और अपने शुभचिंतकों का भी खास तौर पर जिक्र किया, जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव और हर मुश्किल घड़ी में उन पर भरोसा बनाए रखा। उनके मुताबिक, इसी अटूट भरोसे ने उन्हें उस वक्त हिम्मत दी जब मंजिल उन्हें बहुत दूर और मुश्किल नजर आ रही थी।
यामी बोलीं, यह जिम्मेदारी की शुरुआत है
पोस्ट के आखिरी हिस्से में यामी गौतम ने इस अवॉर्ड को किसी सफर के अंत की बजाय एक नई और बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत बताया। उनके अनुसार अब उनके सामने जिम्मेदारी है लगातार आगे बढ़ते रहने की, नए-नए जोखिम उठाने की और ऐसी कहानियां चुनने की जो सच में मायने रखती हों और दर्शकों तक पहुंचने लायक हों। उन्होंने अपने पोस्ट में यह संदेश भी दिया कि सपने जरूर सच होते हैं, लेकिन तभी जब इंसान और उसका जुनून किसी भी सूरत में हार मानने से इनकार कर दें। यामी ने इस पूरे अवॉर्ड को उन तमाम लोगों को समर्पित किया जो अभी भी अपने खास पल का इंतजार कर रहे हैं, और उनसे अपील की कि वे कभी भी भरोसा करना न छोड़ें। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में उनकी यह भावुक और दिल को छू लेने वाली अपील बेहद साफ झलकती है। कुल मिलाकर, यामी गौतम का यह पोस्ट बताता है कि उनके लिए यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि वर्षों के धैर्य और भरोसे का उत्सव है।



















