बिहार के नालंदा जिले में शनिवार को एक ही परिवार में चार लोगों ने अपनी जान लेने की कोशिश की, जिनमें से दो की मौत हो गई. चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. मरने वालों में 65 वर्षीय दिलेन्द्र तांती और उनकी 30 वर्षीय पुत्रवधू गोरी देवी शामिल हैं, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य रंजीत तांती और पुरुषोत्तम तांती की हालत गंभीर बनी हुई है और दोनों का इलाज एक निजी क्लिनिक में चल रहा है. गांव में पारिवारिक विवादों को लेकर बढ़ते तनाव की यह घटना एक भयावह मिसाल बनकर सामने आई है.
सुबह ग्यारह बजे शुरू हुआ हादसों का सिलसिला
पुरुषोत्तम तांती के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर में चल रहे विवाद से परेशान होकर उन्होंने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की थी. गनीमत रही कि आसपास मौजूद परिजनों और गांव वालों ने वक्त रहते उन्हें फंदे से नीचे उतार लिया. इसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
जहर पीने से बहू की मौत, बेटे की हालत नाजुक
पुरुषोत्तम की जान बचाने के थोड़ी देर बाद ही परिवार में दूसरा हादसा हो गया. रंजीत तांती और उनकी पत्नी गोरी देवी ने गेहूं के भंडारण में इस्तेमाल होने वाली जहरीली दवा खा ली. तबीयत बिगड़ते ही दोनों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान गोरी देवी ने दम तोड़ दिया. रंजीत तांती की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है.
ससुर ने घर की छत पर लगाई फांसी
बेटे और बहू की हालत बिगड़ने की खबर के बीच ही परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य दिलेन्द्र तांती ने भी घर की छत पर फंदा लगाकर जान दे दी. चंद घंटों के भीतर एक ही घर से आईं इन खबरों ने पूरे विशुनपुर गांव को स्तब्ध कर दिया.
चार साल के प्रिंस ने बताई आंखों देखी बात
गोरी देवी के चार वर्षीय बेटे प्रिंस ने इस पूरी घटना को लेकर जो बताया, वह किसी को भी झकझोर देगा. मासूम प्रिंस के मुताबिक वह अपने माता-पिता के साथ माधोपुर बाजार गया था, जहां से गेहूं में डाली जाने वाली कीटनाशक दवा खरीदी गई थी. प्रिंस ने बताया कि उसे भी वह दवा पिलाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने उसे थूककर फेंक दिया, जिससे उसकी जान बच गई. परिवार में रंजीत तांती मोमोज बेचकर अपना घर चलाते थे. पुलिस अब परिजनों से पूछताछ कर घटना की तह तक जाने में जुटी है.
पुलिस की शुरुआती जानकारी में सामने आई कड़ियां
चंडी अंचल के पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरी घटना पारिवारिक कलह से जुड़ी है. उनके अनुसार ससुर ने फांसी लगाई जबकि पति-पत्नी ने जहर खाया. साथ ही बड़े बेटे प्रिंस को भी जहर की टिकिया खिलाने की कोशिश हुई, लेकिन उसने उसे फेंक दिया. निरीक्षक ने बताया कि पत्नी की मौत हो गई जबकि पति का इलाज जारी है. उन्होंने यह भी बताया कि मृतक दिलेन्द्र तांती के छोटे बेटे ने भी फांसी लगाई थी, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान बच गई.
डीएसपी की जांच में सामने आया अवैध संबंध का एंगल
गौरतलब है कि शुरुआती जानकारी में इस घटना को सामान्य पारिवारिक कलह का मामला बताया गया था, लेकिन हिलसा डीएसपी सुनील कुमार सिंह की गहन पूछताछ के बाद इसके पीछे की कहीं ज्यादा चौंकाने वाली वजह सामने आई. डीएसपी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद उन्होंने घटना के पीछे की असली वजह उजागर की. उनके मुताबिक, यह पूरा मामला ससुर और बहू के बीच कथित अवैध संबंध से जुड़ा है. इसी बात पर बेटे का अपने पिता से झगड़ा हुआ था. विवाद के बाद गुस्से में आकर बेटे ने पहले खुद जहर खाया और फिर पत्नी को भी जहर खिला दिया. बेटे और बहू की हालत बिगड़ती देख पिता यानी ससुर ने भी फंदा लगाकर जान दे दी.
जांच अब भी जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है. एक ही परिवार में दो लोगों की मौत और दो के गंभीर हालत में होने के बाद विशुनपुर गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीण अब भी इन घटनाओं के एक के बाद एक इतनी तेजी से घटने से सहमे हुए हैं.




















