बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल और उनके बेटे करण देओल अपनी बहुप्रतीक्षित नई फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रचार अभियान के सिलसिले में दर्शकों के बीच पहुंच रहे हैं। भारतीय इतिहास के विभाजन काल की संवेदनशील और दर्दनाक पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म के देशव्यापी प्रमोशनल टूर की शुरुआत पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने बिहार की राजधानी पटना से की है। रविवार को जब दोनों कलाकार पटना हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो वहां मौजूद प्रशंसकों और मीडियाकर्मियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे के बाहर कैजुअल लुक में नजर आए सनी देओल और करण देओल ने मुस्कुराते हुए प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया और मीडिया से बातचीत की।
पटना से प्रमोशनल सिटी टूर की शुरुआत
हवाई अड्डे से बाहर आते ही मीडियाकर्मियों ने सनी देओल और करण देओल को चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान पत्रकारों ने जब सनी देओल से सवाल किया कि आखिर फिल्म के प्रचार अभियान का पहला पड़ाव पटना को ही क्यों चुना गया, तो अभिनेता ने बहुत सहजता से इसका कारण स्पष्ट किया। सनी देओल ने संवाददाताओं से कहा, "पटना फिल्म के प्रमोशनल सिटी टूर का पहला पड़ाव है।" उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि फिल्म की पूरी टीम देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों का दौरा करेगी और वहां के स्थानीय दर्शकों से सीधे संवाद साधेगी। इसी सिलसिले के तहत इस पूरे सफर का औपचारिक शुभारंभ पटना शहर से किया गया है।
पहली बार बड़े पर्दे पर एक साथ दिखेंगे पिता और पुत्र
इस फिल्म की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि 'बंटवारा 1947' पहली ऐसी फिल्म बन गई है, जिसमें सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ स्क्रीन साझा कर रहे हैं। संवाददाताओं से बात करते हुए सनी देओल ने इस अनुभव को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि अपने बेटे करण के साथ किसी फिल्म में एक साथ काम करना उनके लिए हमेशा के लिए एक यादगार पल बन गया है। वहीं, अपने पिता के साथ इस तरह के बड़े और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने को लेकर करण देओल भी पटना पहुंचने के दौरान काफी उत्साहित और खुश नजर आए।
विभाजन की त्रासदी और मानवीय दर्द को दर्शाती कहानी
निर्माताओं ने हाल ही में फिल्म 'बंटवारा 1947' का आधिकारिक ट्रेलर दर्शकों के लिए जारी किया था, जिसे सोशल मीडिया और आम दर्शकों के बीच काफी शानदार रिस्पॉन्स मिला है। यह फिल्म 1947 के उस दौर की कहानी बयां करती है, जब देश आजादी की दहलीज पर खड़ा था, लेकिन दूसरी तरफ लाखों लोग हिंसा, खौफ, असुरक्षा और जबरन विस्थापन जैसी भयंकर त्रासदी का सामना करने को विवश थे। फिल्म के ट्रेलर में उस दौर की मानवीय पीड़ा और बिखरते परिवारों के संघर्ष को बेहद संजीदगी के साथ पर्दे पर उकेरने की कोशिश की गई है।
अनुभवी स्टारकास्ट और शानदार किरदार
फिल्म में सनी देओल और करण देओल के अलावा भारतीय सिनेमा के कई नामचीन और बेहतरीन कलाकार अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं। इस फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह शामिल हैं। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी हंसती-खेलती जिंदगी भारत और पाकिस्तान के विभाजन के दौरान भड़की भीषण हिंसा और जबरन पलायन की वजह से पूरी तरह बदल जाती है और वे अनगिनत मुश्किलों का सामना करते हैं।
प्रसिद्ध नाटक पर आधारित और 14 अगस्त को होगी रिलीज
यह फिल्म हिंदी साहित्य के जाने-माने लेखक असगर वजाहत के प्रसिद्ध नाटक 'जिस लाहौर नहीं वेख्या, ओ जम्याई नई' पर आधारित है। सिनेमा जगत के दिग्गज निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इस फिल्म का निर्देशन किया है, जबकि इसका निर्माण आमिर खान ने किया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर को देखते हुए यह ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 14 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।


















