सनी देओल और अमृता सिंह की डेब्यू फिल्म बेताब के 43 साल, जानिए 1.5 करोड़ के बजट वाली फिल्म की ऐतिहासिक कमाईब्लैक हैट सम्मेलन में साइबर शोधकर्ता केटल का खुलासा, इंसानी तालमेल से ही सामने आ रहे हैं गंभीर साइबर खतरेअमेरिका में प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट सिग्नल चैट मांगने पर छिड़ा कानूनी विवाद, सरकार की निगरानी पर उठे सवालव्हाइट हाउस के नेशनल डिज़ाइन स्टूडियो में डॉज के सहयोगियों की अनौपचारिक भर्ती और तकनीकी प्रोजेक्ट्स पर उठे सवालकैमरन नॉरी ने इग्नासियो बुसे को सीधे सेटों में हराकर मॉन्ट्रियल के अंतिम 32 में बनाई जगहहोर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर ओमान के साथ बनी सहमति, ईरान ने दिया संकेतदेशभर में जहरीले नकली घी और मसालों के नेटवर्क का पर्दाफाश, गुजरात से लेकर पंजाब और यूपी तक बड़ी कार्रवाईपुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के लिए पाकिस्तान की 20 सदस्यीय टीम का ऐलान, 19 अगस्त को भारत से महामुकाबलानई दिल्ली में अफ्रीका दिवस 2026 समारोह, एस जयशंकर ने भारत और अफ्रीका के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना कीसनी देओल और जूही चावला का 1993 का क्लासिक गाना मुझे ले चल मंदिर आज भी जगाता है पुरानी यादें
फिल्म हमजोली के गाने ढल गया दिन हो गई शाम के 50 साल, बैडमिंटन मैच से मिली थी खास पहचानबॉलीवुड
6 अग॰ 2026, 1:54 am (3 घंटे पहले)· 0

फिल्म हमजोली के गाने ढल गया दिन हो गई शाम के 50 साल, बैडमिंटन मैच से मिली थी खास पहचान

फिल्म हमजोली का 1970 में आया गाना ढल गया दिन हो गई शाम आज पांच दशक बाद भी लोकप्रिय है। मोहम्मद रफी और आशा भोसले की आवाज और बैडमिंटन मैच की अनोखी कोरियोग्राफी ने इसे सदाबहार बना दिया।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गाने बने हैं जिन्होंने अपनी धुनों और अनोखे प्रस्तुतीकरण के दम पर समय की सीमा को पार किया है। साल 1970 में आई फिल्म हमजोली का प्रसिद्ध गीत ढल गया दिन हो गई शाम इसी श्रेणी में शामिल है। अभिनेता जितेंद्र और अभिनेत्री लीना चंदावरकर पर फिल्माया गया यह रोमांटिक युगल गीत रिलीज के 50 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दर्शकों और संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय बना हुआ है।

बैडमिंटन कोर्ट पर फिल्माया गया अनोखा गीत

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसका दृश्यांकन था। सिनेमा के पर्दे पर पहली बार किसी गाने को आउटडोर बैडमिंटन मैच के साथ इतनी खूबसूरती से जोड़ा गया था। खेल के दौरान शटलकॉक की हर हिट को संगीत की ताल के साथ मिलाया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पर्दे पर जितेंद्र और लीना चंदावरकर की सहज केमिस्ट्री ने इस खेल को एक चंचल और यादगार प्रेम प्रसंग में बदल दिया।

ये भी पढ़ें

संगीत दिग्गजों की जुगलबंदी और रचना

इस कालजयी रचना के पीछे भारतीय संगीत जगत के दिग्गजों का योगदान था। गाने को सुरीली आवाज मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने दी थी, जिनकी युगल गायकी ने गानों में जान फूंक दी। इस गाने की धुन प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने तैयार की थी, जबकि इसके बोल गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। इन सभी कलाकारों के मिलाजुला प्रयास का ही नतीजा है कि पांच दशक बाद भी यह गाना नए और पुराने दोनों तरह के श्रोताओं को समान रूप से आकर्षित करता है।

सवाल-जवाब

ढल गया दिन हो गई शाम गाना किस फिल्म का है?
यह प्रसिद्ध गाना 1970 में रिलीज हुई हिंदी फिल्म हमजोली का है।
इस गाने को किन गायकों ने गाया है?
इस युगल गीत को मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने अपनी आवाज दी है।
गाने का संगीत और बोल किसने तैयार किए थे?
गाने का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने तैयार किया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे।
यह गाना किस विशेष दृश्य के लिए लोकप्रिय हुआ?
यह गाना जितेंद्र और लीना चंदावरकर के बीच एक आउटडोर बैडमिंटन मैच के मजेदार दृश्य के लिए जाना जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR