भारतीय सिनेमा में बारिश के गीतों का अपना एक अलग आकर्षण रहा है। जब भी मानसून और बॉलीवुड के रोमांटिक गानों का जिक्र आता है, साल 1969 में प्रदर्शित हुई फिल्म दो रास्ते का सुपरहिट गीत छुप गए सारे नजारे अपने आप जेहन में उभर आता है। राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माया गया यह गीत दर्शकों को एक खूबसूरत दौर की याद दिलाता है और आज भी संगीत प्रेमियों के बीच उतना ही लोकप्रिय है।
संगीत और गायकी का अद्भुत संगम
इस एवरग्रीन रोमांटिक गीत की सफलता के पीछे हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों की मेहनत और प्रतिभा रही है। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जादुई आवाज ने गानों में भावनाओं का सुंदर समावेश किया। प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसे एक मधुर और अमिट धुन में ढाला, जबकि आनंद बख्शी के लिखे बोलों ने इस गाने को हर दिल का पसंदीदा बना दिया। बारिश की फुहारों के बीच इन दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था।
ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और यादगार किस्से
राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे सफल और लकी जोड़ियों में गिना जाता है। फिल्म के इस बारिश गीत में दोनों का अभिनय और सहज जुगलबंदी देखते ही बनती है। शूटिंग के दौरान और आम जिंदगी में भी दोनों के बीच गहरा विश्वास था। एक मौके पर जब शूटिंग के दौरान सैकड़ों प्रशंसकों की भीड़ ने सुपरस्टार राजेश खन्ना को घेर लिया था और उनकी कमीज तक फट गई थी, तब मुमताज ने अपनी समझदारी से भीड़ को संभालकर काका की सुरक्षा सुनिश्चित की थी।
दशकों बाद भी मॉनसून प्लेलिस्ट की शान
समय बीतने के साथ जहां गानों के ट्रेंड बदलते रहते हैं, वहीं यह रोमांटिक गीत 57 साल के लंबे सफर के बाद भी अपनी ताजगी बनाए हुए है। मानसून के मौसम में आज भी लोग इस गाने को सुनना और देखना पसंद करते हैं। खूबसूरत लोकेशन और प्राकृतिक फुहारों के बीच बना यह गाना पुरानी यादों को ताजा करने के साथ-साथ हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।



















