राजस्थान के अलवर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर संगठन की नई रणनीति साझा की है। पार्टी इस बार ग्रामीण चुनावों में नई पीढ़ी को आगे लाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। संगठनात्मक स्तर पर तय की गई रूपरेखा के तहत लगभग 75 प्रतिशत चुनावी टिकट युवा चेहरों के खाते में जा सकते हैं। पूरी चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि केवल वही प्रत्याशी मैदान में उतरें जिन्हें स्थानीय मतदाताओं का वास्तविक समर्थन हासिल हो।
वार्ड स्तर पर मतदाताओं की राय जुटा रहे पर्यवेक्षक
उम्मीदवारों की तलाश के लिए पार्टी ने व्यापक स्तर पर जनसंवाद का रास्ता चुना है। भंवर जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पिछले 15 से 20 दिनों की अवधि के दौरान पार्टी पर्यवेक्षक हर वार्ड में सक्रिय रहे हैं। ये प्रतिनिधि सीधे गांव और कस्बों में जाकर आम नागरिकों तथा मतदाताओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य इलाके के वास्तविक राजनीतिक माहौल को समझना और यह तय करना है कि स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप कौन सा चेहरा सबसे उपयुक्त साबित होगा।
जयपुर वॉर रूम में शीर्ष नेतृत्व की मैराथन बैठकें
चुनावी बिसात और संभावित नामों को अंतिम रूप देने के लिए राजधानी जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में बैठकों का सिलसिला तेज हो चुका है। टिकटों के वितरण और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए वरिष्ठ नेताओं के बीच विस्तृत विचार विमर्श चल रहा है। इन संगठनात्मक बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष शामिल होकर मंथन कर रहे हैं। जिला और ब्लॉक इकाइयों से भेजे गए पैनलों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
जमीनी पकड़ और स्थानीय समीकरणों को प्राथमिकता
पार्टी नेतृत्व इस बार केवल सिफारिशों के आधार पर टिकट बांटने से परहेज कर रहा है। चयन प्रक्रिया में स्थानीय सामाजिक समीकरणों और उम्मीदवार के जनसंपर्क को निर्णायक पैमाना बनाया गया है। ब्लॉक तथा जिला कमेटियों से आए नामों में से उन्हीं चेहरों को छांटा जा रहा है जिनका अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार हो।
नामांकन के दबाव के बीच 12 अक्टूबर को पहली सूची की संभावना
नामांकन दाखिल करने की तय समय सीमा पास आने के कारण राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। संभावित प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी तेज हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली आधिकारिक सूची 12 अक्टूबर तक सामने ला सकती है, यद्यपि इस संबंध में संगठन की तरफ से कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।


















