बिहार के पूर्णिया जिले के चित्रकार डॉ. ध्रुव कुमार ने एक दुर्लभ और अनूठा कला प्रयोग करते हुए ऐसी पेंटिंग बनाई है जो कला प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इस कलाकृति का माप 4×3 आकार का है और इसमें मछली की शारीरिक बनावट के भीतर भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप यानी अर्धनारीश्वर को खूबसूरती से उतारा गया है। कलाकार का कहना है कि यह दुनिया भर में अपने किस्म का पहला ऐसा कला कार्य है, जिसमें मछली के पूरे स्वरूप के जरिए अर्धनारीश्वर की दिव्य छवि गढ़ी गई है। इस खास कलाकृति का मूल्य उन्होंने 3 लाख रुपये निर्धारित किया है, जिसे अगले माह मलेशिया में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय कला समारोह में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा।
एक महीने के बारीक काम में चार रंगों का संगम
इस अनूठी रचना को पूरा करने के लिए डॉ. ध्रुव कुमार को लगभग एक महीने का कठिन और समर्पित वक्त लगा। पूरी पेंटिंग को तैयार करने के लिए उन्होंने मुख्य रूप से चार विशेष प्रकार के रंगों का चयन किया है। मछली की बाहरी बनावट और उसके भीतर समाए अर्धनारीश्वर के रूप का तालमेल देखने में बेहद मनभावन लगता है। इस कलात्मक दृष्टिकोण और सृजन की तस्वीरें कला जगत और आम लोगों के बीच काफी पसंद की जा रही हैं। उन्होंने पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों को प्राकृतिक जीव संरचना के साथ जोड़कर एक बिल्कुल नया दृश्य दर्शन प्रस्तुत किया है।
बचपन के जुनून से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
पूर्णिया के रहने वाले डॉ. ध्रुव कुमार लंबे अरसे से चित्रकला के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते आ रहे हैं। उन्हें बाल्यकाल से ही रेखाओं और रंगों से गहरा लगाव था। सामान्य शिक्षा पूरी करने के दौरान ही उन्होंने पेंटिंग को अपना पूर्णकालिक पेशा बनाने का निर्णय लिया था। लगातार साधना और निरंतर अभ्यास के दम पर वे समकालीन कला परिदृश्य में अपना विशिष्ट मुकाम हासिल करने में जुटे हैं। कला जगत में उनके इस योगदान की सराहना करते हुए हाल ही में दिल्ली के मैपल गोल्ड हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से भी नवाजा जा चुका है।
मलेशिया में भारतीय लोक-कल्पना का प्रतिनिधित्व
स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान पुख्ता करने के बाद अब पूर्णिया के इस कलाकार की यह कृति वैश्विक दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रही है। अगले महीने मलेशिया में होने वाले बड़े कला आयोजन में इसे प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा। तीन लाख रुपये की तय कीमत वाली यह 4×3 साइज की पेंटिंग सीमांचल और बिहार की कलात्मक प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगी। डॉ. ध्रुव कुमार की यह उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और मौलिक रचनात्मक सोच के सहारे छोटे शहरों के कलाकार भी वैश्विक पटल पर अमिट छाप छोड़ सकते हैं।



















