राजस्थान में जारी पंचायती राज चुनाव की चुनावी प्रक्रिया के बीच झुंझुनूं जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। नवलगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कैरू गांव में दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी अचानक उग्र मारपीट में बदल गई। इस हिंसक टकराव में घायल हुए एक ग्रामीण की अस्पताल पहुंचने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और घटना में शामिल संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
तीसरे चरण के मतदान के दौरान भड़की हिंसा
नवलगढ़ थाना के थानाधिकारी अजय सिंह के विवरण के अनुसार, इलाके में 3 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर तीसरे चरण का मतदान चल रहा था। इसी दौरान कैरू गांव में चुनावी माहौल के बीच दो पक्षों के बीच किसी मुद्दे पर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों से मारपीट होने लगी। इस अप्रत्याशित हमले में गांव के निवासी नेमीचंद, उनकी पत्नी तथा उनके भाई शिशुपाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
झड़प की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सभी घायलों को तुरंत पास के स्थानीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद शिशुपाल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायलों का उपचार किया जा रहा है।
परिजनों की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज
शिशुपाल के निधन की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस प्रशासन ने बुधवार को डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड का गठन कर शव का विधिवत पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई नेमीचंद ने नवलगढ़ थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस तहरीर में महेंद्र और राजेश सहित 5 से 7 लोगों पर सुनियोजित तरीके से लाठी-डंडों से हमला करने और हत्या करने का सीधा आरोप लगाया गया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तेजी दिखाते हुए नामजद आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया और उनसे मामले से जुड़े तमाम पहलुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है। समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई की वजह से गांव में स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई।
रंजिश और वास्तविक कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस
थानाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न दृष्टिकोणों से छानबीन कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या दोनों परिवारों या पक्षों के बीच पहले से कोई पुरानी रंजिश चल रही थी या फिर यह खूनी संघर्ष केवल तात्कालिक चुनावी विवाद और मतदान के तनाव का परिणाम था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली मेडिकल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आ सकेगी। फिलहाल कैरू गांव में शांति स्थापित है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस दल गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए है।
चार चरणों में हो रहे हैं चुनाव, 5 नवंबर को होगा अगला मतदान
राजस्थान राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कुल चार चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। 3 नवंबर को संपन्न हुए तीसरे चरण के तहत प्रदेश के 27 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति वार्ड सदस्यों के निर्वाचन के लिए वोट डाले गए थे। इसके पश्चात 4 नवंबर यानी बुधवार को ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए नामांकन दाखिल करने का कार्य पूरा किया गया।
निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, सरपंचों और वार्ड पंचों के चुनाव के लिए 5 नवंबर को मतदान कराया जाएगा और मतदान संपन्न होते ही उसी दिन मतगणना कर परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए तीसरे और अन्य चरणों में डाले गए वोटों की गिनती चौथे चरण का मतदान पूरा होने के बाद 20 नवंबर को की जाएगी। पूरे राज्य में चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों से वाद-विवाद की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन चुनावी रंजिश में किसी व्यक्ति की हत्या होने का यह पहला दुखद मामला दर्ज हुआ है।















