सावन के पावन महीने में तीज त्यौहारों और पारिवारिक उत्सवों का आनंद पारंपरिक गानों के बिना अधूरा माना जाता है। बॉलीवुड सिनेमा ने समय-समय पर ऐसे कई त्यौहार केंद्रित गीत दिए हैं, जो दशकों बाद भी हर घर में बड़े चाव से सुने जाते हैं। सूरज बड़जात्या की प्रसिद्ध पारिवारिक फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' का कालजयी गाना 'म्हारे हिवड़ा में नाचे मोर' ऐसा ही एक शानदार उदाहरण है। इस मनमोहक सावन गीत में छह बड़े पार्श्व गायकों की सामूहिक आवाज और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है, जिसने इसे आज की युवा पीढ़ी और संगीत प्रेमियों के बीच समान रूप से लोकप्रिय बनाए रखा है।
छह सुरों का अनोखा संगम और रामलक्ष्मण का संगीत
इस बेहद लोकप्रिय गाने को उस दौर के छह सबसे बड़े और दिग्गज गायकों ने मिलकर अपनी आवाज दी थी। इनमें कविता कृष्णमूर्ति, हरिहरन, कुमार सानू, अलका याज्ञनिक, अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण शामिल हैं। एक ही गाने में इतने बड़े कलाकारों का एक साथ आना उस दौर के संगीत की एक बड़ी खासियत थी। फिल्म के संगीतकार रामलक्ष्मण ने राजस्थानी लोक धुनों की मिठास के साथ ऐसा कर्णप्रिय संगीत तैयार किया जो आज भी सावन की फुहारों के बीच कानों में घुल जाता है।
परदे पर तीन बहुएं, बेटी और सितारों की टोली
गाने के फिल्मांकन में पारिवारिक रिश्तों की खूबसूरत बॉन्डिंग को दर्शाया गया है। ऑन-स्क्रीन दृश्य में घर की तीन बहुओं का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे और करिश्मा कपूर के साथ बेटी के रोल में नजर आईं नीलम कोठारी ने अपनी मनमोहक अदाओं और नृत्य से चार चांद लगा दिए थे। इनके साथ ही फिल्म के मुख्य अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान और अन्य कलाकारों ने भी इस गीत में अपनी मौजूदगी से एक जीवंत माहौल बनाया था, जो पूरे परिवार को एक साथ जश्न मनाते दिखाता है।
युवा पीढ़ी में पुरानी धुनों और भजनों का बढ़ता आकर्षण
हाल के समय में यह देखा गया है कि न केवल पुराने क्लासिक हिंदी गाने, बल्कि पारंपरिक भक्ति संगीत और भजन भी युवाओं के बीच तेजी से जगह बना रहे हैं। संगीत जगत की प्रमुख हस्ती अनुराधा पौडवाल ने हाल में अपनी खुशी जताते हुए कहा था कि नया दौर भक्ति संगीत और पुरानी मिठास से जुड़ रहा है। पुराने गानों और भजनों का यह जादू साबित करता है कि पीढ़ियों के बदलने के बाद भी सच्चा और सांस्कृतिक मिठास से भरा संगीत कभी पुराना नहीं पड़ता। यही वजह है कि सावन के इस मौसम में 'म्हारे हिवड़ा में नाचे मोर' जैसा गाना आज भी हर त्यौहार की जान बना हुआ है।



















