एली कैट्स रिव्यू (2026): नेटफ्लिक्स की एनिमेटेड सीरीज में रिकी जेरवाइस का जादू पड़ा फीकावृश्चिक राशिफल 8 अगस्त 2026: धन और भावनाओं में जल्दबाजी से बचें, जानिए आज का संपूर्ण भविष्यफलकैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ पर भड़के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, कहा- उन्होंने पंजाब को बर्बाद कियाचीनी राष्ट्रपति की संभावित भारत यात्रा से पूर्व नई दिल्ली का कड़ा संदेश, एलएसी गतिरोध सुलझाने के लिए रखीं तीन पूर्वशर्तेंवर्ष 1988 की फिल्म दयावान के रोमांटिक सॉन्ग आज फिर तुमपे प्यार आया है में माधुरी दीक्षित संग विनोद खन्ना की केमिस्ट्री का जादू आज भी बरकरारवीजा फॉर्म में गलत जानकारी देने पर पीसीबी का बड़ा एक्शन, हमजा नजर पर ठोका दो साल का बैन और भारी जुर्माना29 अगस्त 2008 को रिलीज हुई 'रॉक ऑन' की दिलचस्प कहानी, आईपॉड के गानों से मिला आइडिया और ऑस्कर लाइब्रेरी तक पहुंची फिल्ममध्य प्रदेश के खेगांव में 5 हजार साल प्राचीन धारेश्वर महादेव मंदिर, जहां सावन में नटेश्वर रूप के दर्शन को जुटते हैं चार राज्यों के श्रद्धालुगोवा चुनाव में बीजेपी को हराओ, 5 दिन में वापस होगा E20 का फैसला: अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावानागौर में कपास की फसल से फूल झड़ने की समस्या का समाधान, कृषि विशेषज्ञ बजरंग सिंह ने दिए प्रबंधन के टिप्स
शाहजहांपुर में राजपाल यादव की पुश्तैनी संपत्ति पर बैंक का शिकंजा, 16.61 करोड़ रुपये बकाया में 9 सितंबर को ई-नीलामीबॉलीवुड
6 अग॰ 2026, 7:49 pm (1 दिन पहले)· 0

शाहजहांपुर में राजपाल यादव की पुश्तैनी संपत्ति पर बैंक का शिकंजा, 16.61 करोड़ रुपये बकाया में 9 सितंबर को ई-नीलामी

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 16.61 करोड़ रुपये का कर्ज न चुका पाने पर अभिनेता राजपाल यादव के शाहजहांपुर स्थित 'यादव भवन' पर नीलामी नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसकी ऑनलाइन बोली 9 सितंबर 2026 को लगेगी।

फिल्म उद्योग में अपनी हास्य शैली के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता राजपाल यादव वित्तीय संकट के बेहद गंभीर चरण से गुजर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित उनकी पैतृक संपत्ति पर अब सरकारी बैंक का नीलामी नोटिस चिपक गया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा से लिए गए करोड़ों रुपये के पुराने कर्ज का भुगतान न होने की वजह से बैंक प्रबंधन ने सख्त विधिक कदम उठाया है। यदि तय समय सीमा के भीतर 16.61 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो अभिनेता के मकान और कृषि योग्य जमीन की ई-नीलामी कर दी जाएगी। यह संकट ऐसे मोड़ पर गहराया है जब हाल ही में उन्हें चेक बाउंस के एक मामले में जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी।

बंडा स्थित 'यादव भवन' और चार गाटा जमीनों की होगी ऑनलाइन नीलामी

बैंक द्वारा जारी किए गए आधिकारिक विवरण के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (मुंबई) शाखा के निर्देशों पर शाहजहांपुर के शाखा प्रबंधक अनुज वर्मा ने बंडा (पुवायां तहसील) में स्थित 'यादव भवन' पर जाकर जब्ती का नोटिस लगाया। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव तथा उनकी मां गोदावरी देवी पर कुल 16 करोड़ 61 लाख 64 हजार 638 रुपये की विशाल राशि बकाया है। ऋण वसूली न्यायाधिकरण मुंबई के निर्देशों के तहत यह कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

ये भी पढ़ें

नीलामी प्रक्रिया के तहत बंडा में स्थित गाटा संख्या 1410, 1411, 1412 और 1413 की जमीन तथा उस पर निर्मित आवासीय परिसर को ई-नीलामी की सूची में शामिल किया गया है। बैंक ने इस पूरी संपत्ति का कुल मूल्यांकित बाजार मूल्य लगभग 3 करोड़ 19 लाख 26 हजार रुपये निर्धारित किया है। जो भी खरीदार या निवेशक इस ई-नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें 7 सितंबर 2026 तक 31 लाख रुपये की बयाना राशि (अग्रिम धन) बैंक में जमा करानी होगी। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बोली लगाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

2005 में लिया गया 5 करोड़ का लोन और 'अता पता लापता' से उपजा घाटा

इस पूरे वित्तीय विवाद की जड़ें वर्ष 2005 से जुड़ी हुई हैं। उस दौरान राजपाल यादव ने अपने माता-पिता के सम्मान में 'नवरंग गोदावरी एंटरटेनमेंट लिमिटेड' नाम से एक फिल्म निर्माण कंपनी पंजीकृत कराई थी। इसी बैनर के तहत उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली महत्वाकांक्षी फिल्म 'अता पता लापता' का खाका तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट के निर्माण और प्रचार के लिए उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई स्थित बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स शाखा से 5 करोड़ रुपये का मुख्य कर्ज लिया था।

हालांकि, जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो व्यावसायिक रूप से बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह विफल साबित हुई। फिल्म की असफलता के बाद आय के स्रोत सूख गए और बैंक को हर महीने जाने वाली ऋण की किश्तें रुक गईं। पिछले लगभग दो दशकों के दौरान लोन की मूल राशि पर जुर्माना, चक्रवृद्धि ब्याज और अन्य विधिक शुल्क जुड़ते चले गए। इसके चलते 5 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि बढ़कर 16.61 करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े तक पहुंच गई। लोन लेते समय अभिनेता ने अपनी मां गोदावरी देवी और पत्नी राधा यादव के नाम दर्ज शाहजहांपुर की जमीनों को बैंक के पास बतौर सिक्योरिटी (गारंटी) बंधक रखा था। इसी कारण अब बैंक अपनी डूबती रकम वसूलने के लिए बंधक संपत्तियों की कुर्की कर रहा है।

परिवार का पक्ष और बैंक प्रबंधन से सुलह का दावा

बैंक द्वारा बंडा स्थित निवास पर सार्वजनिक नोटिस चस्पा किए जाने के बाद राजपाल यादव के परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उनके बड़े भाई श्रीपाल यादव ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए मीडिया को जानकारी दी कि यह कोई नया विवाद नहीं बल्कि काफी पुराना मामला है। उन्होंने बताया कि परिवार और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बकाये के निपटारे को लेकर बातचीत का दौर जारी है।

श्रीपाल यादव ने उम्मीद जताई कि 9 सितंबर 2026 को होने वाली ई-नीलामी की तारीख से पहले ही दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से कोई सर्वमान्य वित्तीय समाधान निकल आएगा। उन्हें पूरा भरोसा है कि बैंक के साथ एकमुश्त निपटान या भुगतान की व्यवस्था बन जाएगी, जिससे पुश्तैनी मकान और जमीनों की नीलामी रोकने में सफलता मिल जाएगी।

चेक बाउंस का अदालती मामला और तिहाड़ जेल में समर्पण

शाहजहांपुर की संपत्ति कुर्की के अलावा राजपाल यादव लंबे समय से इसी ऋण समझौते से जुड़े चेक बाउंस के कई आपराधिक मुकदमों का भी सामना कर रहे हैं। चेक बाउंस के मामलों में सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें तीन महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत द्वारा तय की गई किश्तों के समय पर भुगतान न होने और शर्तों के उल्लंघन के कारण उन्हें कानून का सामना करना पड़ा।

अदालती आदेशों के अनुपालन में फरवरी 2026 के दौरान अभिनेता को दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा था। तिहाड़ जेल में 12 दिन बिताने के बाद उन्हें अदालत से अंतरिम जमानत की राहत मिली थी। दूसरी तरफ, अपने अभिनय करियर के मोर्चे पर राजपाल यादव लगातार काम कर रहे हैं। हाल के दिनों में वे बड़े पर्दे पर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आए थे। इसके अलावा वे आने वाली बड़ी बॉलीवुड फिल्म 'हैवान' में भी दिखाई देंगे, जिसमें उनके साथ अभिनेता अक्षय कुमार और सैफ अली खान मुख्य भूमिकाओं में हैं।

सवाल-जवाब

राजपाल यादव की संपत्ति की नीलामी क्यों हो रही है?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से वर्ष 2005 में लिए गए 5 करोड़ रुपये के लोन का भुगतान न होने और ब्याज व पेनल्टी जुड़कर 16.61 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण नीलामी की कार्रवाई की जा रही है।
राजपाल यादव की कौन सी संपत्ति नीलाम हो रही है?
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के बंडा स्थित उनका निवास 'यादव भवन' और गाटा संख्या 1410, 1411, 1412 व 1413 की जमीन नीलाम सूची में रखी गई है।
ई-नीलामी किस तारीख को होगी और बयाना राशि कितनी है?
ऑनलाइन ई-नीलामी 9 सितंबर 2026 को होगी, जिसके लिए इच्छुक खरीदारों को 7 सितंबर 2026 तक 31 लाख रुपये बयाना राशि जमा करानी होगी।
राजपाल यादव पर यह कर्ज किस फिल्म की वजह से चढ़ा था?
यह कर्ज वर्ष 2005 में उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण और प्रचार के लिए लिया गया था।
क्या राजपाल यादव को इस मामले में जेल जाना पड़ा था?
हां, इसी लोन से जुड़े चेक बाउंस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय की सजा के बाद फरवरी 2026 में उन्होंने तिहाड़ जेल में समर्पण किया था, जहां से 12 दिनों बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR