करवा चौथ के आसपास सक्रिय लक्ष्मी नारायण राजयोग का महत्व और किन राशियों को मिलेगा इसका शुभ फलमणिपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध वसूली और नाकेबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायरनितीश भारद्वाज ने 'रामायण' में साई पल्लवी को सीता के रूप में स्वीकार करने पर फिर उठाई बातजीकैश में पांच दिनों की लगातार तेजी के बाद 1,373 डॉलर की अहम रुकावट पर नजर, ईटीएफ प्रवाह और डेरिवेटिव्स बाजार से मिला सहाराबिहार के मधुबनी से दबोचा गया हमीरपुर हत्याकांड का दूसरा आरोपी, सिर्फ तीन हजार के विवाद में ली थी मिस्त्री की जानव्हीलचेयर पर सिमटी जिंदगी को खेलों में दी उड़ान, फरीदाबाद के प्रणव सूरमा की प्रेरणादायक कहानीव्हीलचेयर पर सिमटी जिंदगी को खेलों में दी उड़ान, फरीदाबाद के प्रणव सूरमा ने रचा इतिहासनूंह के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में सुलह की कोशिश बेअसर, आगामी परीक्षाओं के बीच लगातार जारी रहा विद्यार्थियों का आंदोलनजस्टिन सन से जुड़े वॉलेट्स में 3% सप्लाई की चर्चा से उछला पेपे, क्या 0.00000521 डॉलर तक जाएगा भाव?अमिताभ बच्चन के क्विज शो में गूंजा पलामू टाइगर रिजर्व का नाम, जानिए 1932 की पहली बाघ गणना से जुड़ा इसका गौरवशाली इतिहास
पद्मावत विवाद में ट्रोलिंग के बाद स्वरा भास्कर का स्पष्टीकरण, कहा जौहर टिप्पणी का किया गया गलत अनुवादबॉलीवुड
2 सित॰ 2026, 7:20 am (56 दिन पहले)· 4

पद्मावत विवाद में ट्रोलिंग के बाद स्वरा भास्कर का स्पष्टीकरण, कहा जौहर टिप्पणी का किया गया गलत अनुवाद

दिल्ली के एक कार्यक्रम में 'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर दी गई टिप्पणी को लेकर ट्रोल होने के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनके अंग्रेजी बयान का गलत अनुवाद कर झूठा दावा फैलाया गया है।

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयानों के कारण सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद उन्हें तीव्र ट्रॉलिंग का सामना करना पड़ा। इस क्लिप के आधार पर यह दावा किया जा रहा था कि उन्होंने रानी पद्मावती तथा ऐतिहासिक रूप से जौहर करने वाली महिलाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें कायर कहा था। इंटरनेट पर बढ़ते विरोध और आलोचनाओं के बीच स्वरा भास्कर ने अब एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। अभिनेत्री ने कहा है कि उनकी बातों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और उनके मूल बयान का त्रुटिपूर्ण अनुवाद करके एक असत्य अभियान चलाया गया। उन्होंने पूरी स्पष्टता से कहा कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती अथवा जौहर करने वाली महिलाओं के लिए कायर शब्द का प्रयोग नहीं किया था।

वायरल वीडियो और सोशल मीडिया विवाद

यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब 31 अगस्त को दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘महिला | जीवन | स्वतंत्रता’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने 2018 में प्रदर्शित हुई फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर दृश्य पर अपने विचार रखे थे। अगले दिन, यानी 1 सितंबर को, सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर उनके वक्तव्य का एक छोटा हिस्सा वायरल होने लगा। क्लिप के सार्वजनिक होते ही यूजर्स ने उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। अपनी सफाई में स्वरा ने सवाल उठाया कि बिना पूरा संदर्भ जाने किसी क्लिप को हथियार बनाकर भ्रम फैलाना अनुचित है। उन्होंने ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा कि यदि लोग उनकी आलोचना करना चाहते हैं तो वे अवश्य करें, परंतु कम से कम सही तथ्यों और वास्तविक बयानों के आधार पर ही कोई राय बनाएं।

अंग्रेजी बयान के गलत अनुवाद का दावा

स्वरा भास्कर ने अपने स्पष्टीकरण वीडियो में कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत का पूरा ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में एक दर्शक ने उनसे सवाल किया था कि उन्होंने वर्ष 2018 में निर्देशक संजय लीला भंसाली को खुला खत क्यों लिखा था। उस प्रश्न का उत्तर देते समय वह यह समझाने का प्रयास कर रही थीं कि फिल्म का क्लाइमेक्स देखते समय उनके मन में क्या भावनाएं उत्पन्न हुई थीं। स्वरा के अनुसार, उन्होंने अपना उत्तर अंग्रेजी में दिया था, जिसका हिंदी में गलत अनुवाद करके यह प्रचारित कर दिया गया कि वह जौहर करने वाली महिलाओं को कायर मानती हैं। स्वरा ने अपने मूल अंग्रेजी कथन का हिंदी अनुवाद करते हुए कहा कि फिल्म का दृश्य देखते समय उनके मन में विचार आया था कि यदि ईश्वर न करे वह स्वयं कभी किसी यौन हिंसा या बलात्कार की शिकार बनती हैं, तो उन्हें ऐसा प्रतीत होगा जैसे वह कायर हैं क्योंकि उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त नहीं की।

सिनेमा और इज्जत पर तीखे सवाल

अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य रानी पद्मावती या इतिहास की महिलाओं का अपमान करना नहीं था, बल्कि यह समाज में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और उत्तरजीवियों की मानसिक स्थिति के संदर्भ में की गई एक गंभीर टिप्पणी थी। उन्होंने सिनेमा और सामाजिक सोच पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए पूछा कि क्या हमारी फिल्में यह संदेश प्रसारित कर रही हैं कि किसी महिला के लिए अपनी शारीरिक पवित्रता और इज्जत बचाने हेतु प्राण दे देना ही एकमात्र विकल्प है। स्वरा ने चिंता व्यक्त की कि क्या हमारी कहानियां यौन हिंसा से बची महिलाओं को यह संकेत देती हैं कि जीवित रहना एक बुरी बात है और उनकी जान चली जाना ही अधिक बेहतर होता। अपनी बात को मजबूती देने के लिए उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में एक किशोर पीड़िता के साथ 47 किलोमीटर तक हुई क्रूरता के मामले का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्भया का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि कैसे उसने अंतिम सांस तक छह दरिंदों का डटकर सामना किया था। स्वरा ने कहा कि महिलाओं के भीतर जीने की जो अदम्य इच्छाशक्ति होती है, उसे कभी भी कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।

2018 का खुला खत और आठ साल पुराना विवाद

यह पहला अवसर नहीं है जब स्वरा भास्कर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के जौहर दृश्य पर सवाल खड़े किए हों। वर्ष 2018 में जब दीपिका पादुकोण अभिनीत यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तब भी स्वरा ने निर्देशक भंसाली को एक विस्तृत खुला खत लिखा था। उस पत्र में उन्होंने जौहर और सती जैसी प्राचीन प्रथाओं को महिमामंडित करने वाले दृश्य चित्रण पर गंभीर आपत्तियां जताई थीं। उनका तर्क था कि किसी भी महिला के जीवन, अस्तित्व और सम्मान को केवल उसकी शारीरिक पवित्रता अथवा लैंगिकता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। लगभग आठ वर्ष बीत जाने के बाद, उसी मुद्दे पर स्वरा के नए वक्तव्य ने एक बार फिर से ऐतिहासिक मान्यताओं, महिला अधिकारों और सिनेमाई स्वतंत्रता पर नई बहस को जन्म दे दिया है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

स्वरा भास्कर ने वायरल वीडियो विवाद पर क्या सफाई दी है?
स्वरा भास्कर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कभी कायर नहीं कहा। उन्होंने बताया कि उनके अंग्रेजी बयान का गलत हिंदी अनुवाद कर झूठा प्रचार फैलाया गया।
यह विवाद किस कार्यक्रम से शुरू हुआ था?
यह विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'महिला | जीवन | स्वतंत्रता' कार्यक्रम में पद्मावत फिल्म के जौहर दृश्य पर दी गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ।
स्वरा भास्कर के बयान का वास्तविक संदर्भ क्या था?
स्वरा ने बताया कि वह यौन हिंसा की शिकार महिलाओं की सामाजिक मानसिकता और सिनेमा में शारीरिक पवित्रता को जीवन से अधिक महत्व देने के संदेश पर अपनी बात रख रही थीं।
स्वरा भास्कर ने अपनी बात साबित करने के लिए किन उदाहरणों का जिक्र किया?
उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में 47 किलोमीटर तक दरिंदगी झेलने वाली किशोर पीड़िता और छह हमलावरों से अंत तक लड़ने वाली निर्भया का उदाहरण दिया।
वर्ष 2018 का खुला खत इस विवाद से कैसे जुड़ा है?
2018 में फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज के समय स्वरा ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को पत्र लिखकर जौहर प्रथा के चित्रण पर आपत्ति जताई थी, जिस पर हालिया कार्यक्रम में उनसे सवाल पूछा गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp