हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फस्टे पंचायत के ट्यालू गांव में मात्र तीन हजार रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में प्रवासी मिस्त्री की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पिछले तेरह दिन से फरार चल रहे दूसरे आरोपी को पुलिस ने बिहार से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान संतोष सहनी के रूप में हुई है, जिसे बिहार के मधुबनी जिले के सहनी गांव से गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल पहला आरोपी सुरजीत पहले से ही न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है।
शराब के नशे में हुआ था पैसों का हिसाब को लेकर खूनी संघर्ष
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना तेरह अक्टूबर की रात की है। ट्यालू गांव में प्रवासी मिस्त्री दिग्विजय उर्फ गांगुली अपने साथ काम करने वाले दो सहकर्मियों और सहायक मजदूरों सुरजीत तथा संतोष सहनी के साथ मौजूद था। इस दौरान तीनों ने बैठकर शराब का सेवन किया था। नशा बढ़ने के साथ ही उनके बीच तीन हजार रुपये के पैसों के लेनदेन और हिसाब-किताब को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली आपसी विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि बात खूनी संघर्ष तक जा पहुंची। आरोप है कि गुस्से में आकर दोनों मजदूरों ने मिलकर फावड़े से दिग्विजय पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
फोरेंसिक साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई से खुला मामला
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस फौरन हरकत में आ गई और घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से ही हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा बरामद कर लिया था, जिसे साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया। इसके अलावा, फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और कई महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने त्वरित और सतर्क कार्रवाई करते हुए एक आरोपी सुरजीत को घटना वाले दिन ही दबोच लिया था, जबकि दूसरा आरोपी संतोष सहनी चकमा देकर भागने में कामयाब रहा था। इसके बाद से ही पुलिस लगातार उसकी टोह ले रही थी और आखिरकार तकनीकी तथा स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर बिहार के मधुबनी में दबिश देकर उसे धर दबोचा गया। पांच दिन के इस पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात के पूरे घटनाक्रम, विवाद की असल वजह और इस हत्याकांड में उसकी व्यक्तिगत भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है, ताकि इस मामले में और भी कोई कड़ी छूट न जाए।





















