सिनेमा जगत में किसी नए फिल्ममेकर के लिए अपने पहले ही प्रोजेक्ट से बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। लेखक और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपनी पहली फिल्म 'हनुमान अंश' के साथ इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। बाबा नीम करोली के पावन जीवन से प्रेरित इस आध्यात्मिक ड्रामा का असर सिनेमाघरों में लगातार बना हुआ है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने अब तक 342 करोड़ रुपये से अधिक का नेट कलेक्शन जुटा लिया है। वहीं अगर वैश्विक स्तर की बात करें, तो वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर इसका आंकड़ा 453 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। बड़े पर्दे पर 89 दिन का लंबा सफर पूरा कर लेने के बाद भी दर्शकों की भीड़ कम नहीं हो रही है। इस जबर्दस्त कारोबार के बल पर विशाल चतुर्वेदी ने भारतीय सिनेमा के कई बड़े डेब्यू डायरेक्टर्स को काफी पीछे छोड़ दिया है।
बॉक्स ऑफिस पर 'उरी' और 'स्त्री' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को दी मात
व्यापारिक दृष्टिकोण और बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के हिसाब से 'हनुमान अंश' ने इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित कर दिए हैं। विशाल चतुर्वेदी की इस पहली प्रस्तुति ने आदित्य धर के निर्देशन वाली 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' और अमर कौशिक की चर्चित हॉरर-कॉमेडी 'स्त्री' के लाइफटाइम कलेक्शन को पार कर लिया है। ट्रेड आंकड़ों के अनुसार, 'उरी' ने भारतीय बाजार में करीब 245 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था, जबकि उसका दुनिया भर का कुल कारोबार लगभग 342 करोड़ रुपये रहा था।
दूसरी ओर, अमर कौशिक द्वारा निर्देशित फिल्म 'स्त्री' ने अपने समय में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 130 करोड़ रुपये का नेट बिजनेस किया था और दुनिया भर में इसका ग्रॉस कलेक्शन लगभग 182 करोड़ रुपये पर जाकर रुका था। इन दोनों ही ब्लॉकबस्टर फिल्मों की तुलना में 'हनुमान अंश' भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी काफी आगे निकल चुकी है। डॉक्टर से फिल्म निर्देशक बने विशाल ने अपने शुरुआती प्रयास से ही मुख्यधारा के कमर्शियल सिनेमा में खुद को बेहद मजबूती के साथ स्थापित किया है।
धीमी शुरुआत के बाद पकड़ी जबर्दस्त रफ्तार
सिनेमाघरों में रिलीज के शुरुआती दिनों में 'हनुमान अंश' की गति अपेक्षाकृत शांत और धीमी नजर आ रही थी। हालांकि, रिलीज के 2 हफ्ते बीतते ही फिल्म के प्रति दर्शकों का रुझान तेजी से बदला और इसने ऐसी असाधारण रफ्तार पकड़ी जो अब तक थमती नजर नहीं आ रही है। इस मजबूत पकड़ की बदौलत फिल्म ने टिकट खिड़की पर लंबा सफर तय किया है और अपने निर्माताओं को बंपर मुनाफा दिला दिया है।
रिलीज के लगभग तीन महीने यानी 89 दिन बीत जाने पर भी थिएटर्स में दर्शकों का खिंचे चले आना अपने आप में एक अनोखी उपलब्धि है। आध्यात्मिक विषयवस्तु पर आधारित इस कहानी को सिनेमाप्रेमियों का भरपूर प्यार मिला है। फिल्म के लगातार बढ़ते कलेक्शन ने यह साफ कर दिया है कि अगर विषय के साथ पूरी ईमानदारी बरती जाए और प्रस्तुति असरदार हो, तो आध्यात्मिक जॉनर भी बड़े पैमाने पर भारी व्यावसायिक सफलता हासिल कर सकता है। इंडस्ट्री में इस कामयाबी का पूरा श्रेय विशाल चतुर्वेदी की संवेदनशील सोच और कहानी पर उनके अटूट विश्वास को दिया जा रहा है।
गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित 'रामबोला' की तैयारी
'हनुमान अंश' की अभूतपूर्व सफलता के बाद विशाल चतुर्वेदी ने अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। उनकी अगली फिल्म का शीर्षक 'रामबोला' रखा गया है, जो महान संत और रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र पर केंद्रित होगी। इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट का निर्माण महावीर जैन, विशाल चतुर्वेदी और रघुवेंद्र सिंह मिलकर कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण कार्य और शूटिंग अगले साल की शुरुआत में फ्लोर पर जाने की संभावना है। पहली फिल्म से दर्शकों को चकित करने के बाद अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विशाल अपनी इस अगली पेशकश में क्या नया पेश करते हैं।



















