डेनमार्क की मशहूर बीयर कंपनी कार्ल्सबर्ग ने भारतीय शेयर बाजार में उतरने की तैयारी चुपचाप शुरू कर दी है। कंपनी करीब 70 करोड़ डॉलर, यानी लगभग 6,600 करोड़ रुपये जुटाने के इरादे से आईपीओ लाने की योजना बना रही है। भारत के बेवरेज बाजार में कार्ल्सबर्ग की 22 फीसदी हिस्सेदारी है और यह इस सेगमेंट की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है।
आईपीओ को लेकर कैसी है तैयारी
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, कार्ल्सबर्ग की मूल कंपनी डैनिश ब्रेवर इस साल के आखिर तक अपनी भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का लक्ष्य रखे हुए है। पूरा मामला अभी गोपनीय रखा गया है, इसलिए इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। इस आईपीओ पर कार्ल्सबर्ग फिलहाल कोटक महिंद्रा कैपिटल के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा अमेरिकी बैंकिंग दिग्गज जेपी मॉर्गन चेज और सिटीग्रुप भी सलाहकार के तौर पर इस डील से जुड़े हुए हैं।
पिछले साल से चल रही थी सुगबुगाहट
16 सितंबर, 2025 को ही यह बात सामने आ गई थी कि कार्ल्सबर्ग अपनी भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लाने की कोशिश में जुटी है। इसके बाद 6 नवंबर, 2025 को यह भी पता चला कि कंपनी ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए जेपी मॉर्गन और सिटीग्रुप को सलाहकार के तौर पर चुन लिया है। हालांकि आईपीओ का आकार, ढांचा और सही समय अभी तय नहीं हो पाया है और इससे जुड़े ब्योरे अभी सामने नहीं आए हैं।
इस साल आईपीओ लाने वालों की लंबी कतार
कार्ल्सबर्ग का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके साथ ही यह कंपनी इस साल भारतीय बाजार में उतरने वाली तीसरी बड़ी कंपनी बन जाएगी। इससे पहले एनएसई और जियो पहले ही अपने आईपीओ लाने का ऐलान कर चुके हैं। कार्ल्सबर्ग का नाम जुड़ने के बाद इस साल अब तक 12 कंपनियां ऐसी सामने आ चुकी हैं, जो आने वाले समय में कुल मिलाकर 9 अरब डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 88,500 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में हैं। प्राइमडाटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, यह रकम पिछले साल जुलाई तक दाखिल हुए 70 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ लक्ष्य से भी काफी ज्यादा है। तब कुल 32 कंपनियों ने अपने दस्तावेज जमा कराए थे।
भारत में कार्ल्सबर्ग का कारोबार
कार्ल्सबर्ग इंडिया बेवरेज कारोबार से जुड़ी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है और भारतीय बाजार में इसकी कुल हिस्सेदारी 22 फीसदी है। इसकी मूल डैनिश कंपनी ने साल 2007 में भारत में कदम रखा था। मौजूदा समय में यह देशभर में 14 ब्रेवरीज का संचालन करती है, जिनमें से 8 प्लांट सीधे कंपनी के अपने हैं, जबकि बाकी 6 प्लांट को अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के साथ कॉन्ट्रैक्ट के जरिये चलाया जा रहा है। कंपनी हर साल भारत में बड़ी मात्रा में अपने प्रोडक्ट बेचती है, जिससे उसकी मजबूत मौजूदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है।













