अमेरिकी अरबपति एलोन मस्क के बढ़ते राजनीतिक दखल और विशाल वित्तीय चंदे को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालिया चुनाव चक्र के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के बढ़ते प्रभाव और कई प्रमुख चुनावी जीतों के बीच, जाने-माने फिल्मकार एलेक्स गिबनी ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था धन के अत्यधिक प्रभाव से परे जाकर ताकतवर उद्योगपतियों की जवाबदेही तय कर पाएगी। गिबनी की नई डॉक्यूमेंट्री फिल्म मस्क के कारोबारी साम्राज्य, उन पर चल रही विभिन्न सरकारी जांचों और दक्षिणपंथी राजनीति के साथ उनके संबंधों की पड़ताल करती है।
टेक्सास में भारी निवेश के बावजूद चुनावी झटका
इस चुनाव चक्र के दौरान एलोन मस्क ने रिपब्लिकन राजनीतिक समूहों को 474 मिलियन डॉलर से अधिक की भारी धनराशि दान की थी। गिबनी ने इस बात पर जोर दिया कि इतनी बड़ी पूंजी लगाने के बावजूद हालात मस्क की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे, खासकर टेक्सास में जहां मस्क के लंबे समय से शीर्ष नेताओं के साथ करीबी रिश्ते रहे हैं। टेक्सास में मस्क ने अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन का समर्थन करने वाली सुपर पीएसी को कम से कम 158 मिलियन डॉलर का चंदा दिया था।
इसके बावजूद टेक्सास की राजनीति में तीन दशकों से अधिक समय बाद बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जेम्स टैलरिको ने सीनेट मुकाबले में जीत हासिल की और जीना हिनोजोसा राज्य की नई गवर्नर चुनी गईं। तीन दशकों से अधिक समय में टेक्सास के किसी राज्यव्यापी चुनाव में जीत दर्ज करने वाले ये पहले डेमोक्रेट्स बन गए हैं, जिसने मस्क के भारी वित्तीय निवेश के राजनीतिक असर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शेयर बाजार पर निर्भर संपत्ति और राजनीतिक जोखिम
गिबनी का विश्लेषण है कि मस्क के पास इस समय इतनी अकूत दौलत है कि किसी एक चुनाव पर आधा अरब डॉलर यानी 500 मिलियन डॉलर खर्च कर देना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं लगती। हालांकि, इस भारी-भरकम पूंजी की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि उनकी अधिकांश व्यक्तिगत संपत्ति कंपनियों के स्टॉक से बंधी हुई है। यदि इन कंपनियों के शेयरों की कीमतों में तेज गिरावट शुरू होती है, तो उनकी इस असीमित वित्तीय ताकत की वास्तविक सीमाएं खुलकर सामने आ सकती हैं।
डॉक्यूमेंट्री में इस बात की भी पड़ताल की गई है कि संयुक्त राज्य अमेरिका की विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा मस्क की कंपनियों के खिलाफ की जा रही कई औपचारिक जांचों ने उन्हें डोनाल्ड ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों का खुला समर्थन करने के लिए प्रेरित किया।
डॉक्यूमेंट्री का निर्माण और कानूनी टकराव
इस परियोजना के लिए गिबनी ने टेक उद्यमियों, मस्क की कंपनियों के पूर्व कर्मचारियों और उनके निजी जीवन से जुड़े करीबी लोगों से लंबी बातचीत की। इनमें उनकी पहली पत्नी जस्टीन विल्सन और पूर्व प्रेमिका एशले सेंट क्लेयर के इंटरव्यू भी शामिल हैं। फिल्म में जो शिफर और केटी ड्रमंड के साक्षात्कार भी शामिल किए गए हैं। जब मस्क ने कैमरे के सामने आकर बात करने से मना कर दिया, तो निर्माण टीम ने उनके पिछले सार्वजनिक बयानों के आधार पर एक सिम्युलेटेड अवतार तैयार किया, जिसमें वास्तविक बयानों को लेदर जैकेट पहने एक एनिमेटेड अवतार के साथ जोड़ा गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मस्क ने इस पूरी फिल्म को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया। सितंबर महीने में मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने गिबनी की निर्माण कंपनी जिगसॉ प्रोडक्शंस को एक कानूनी पत्र भेजकर फिल्म रिलीज होने से पहले मानहानि का मुकदमा दायर करने की सख्त चेतावनी दी थी।
प्रचार में बाधाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज
इस डॉक्यूमेंट्री की रिलीज की राह आसान नहीं रही। स्वतंत्र फिल्म वितरक ब्लीकर स्ट्रीट, जिसके पास फिल्म के घरेलू नाटकीय अधिकार हैं, ने फिल्म महोत्सवों से मिली सकारात्मक समीक्षाओं के बाद रिलीज की तारीख को एक सप्ताह पहले अक्टूबर की शुरुआत में खिसका दिया था। प्रचार के मोर्चे पर भी कड़ा विरोध दिखा, जहां यूट्यूब, टिकटॉक और मेटा ने शुरुआत में फिल्म के ट्रेलर का विज्ञापन चलाने से इनकार कर दिया था, जबकि मस्क के अपने प्लेटफॉर्म X ने ट्रेलर का कोई विज्ञापन बिल्कुल नहीं चलाया।
अब सिनेमाघरों में प्रदर्शन समाप्त होने के बाद, यह डॉक्यूमेंट्री 6 नवंबर से विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किराए पर लेने अथवा खरीदने के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।


















