अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत प्रदर्शन के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है। शुरुआती मतगणना के बाद पैदा हुई राजनीतिक अनिश्चितता के कारण मुद्रा कारोबारियों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे ग्रीनबैक में कमजोरी आई। हालांकि, नैस्डैक फ्यूचर्स में स्थिरता लौटने के साथ डॉलर ने अपने शुरुआती निचले स्तरों से कुछ हद तक नुकसान की भरपाई की है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस चुनावी बदलाव का व्यापक असर देखा गया, जहां अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में इजाफा हुआ।
आईएनजी का नीतिगत विश्लेषण और लंबी अवधि का परिदृश्य
वित्तीय संस्थान आईएनजी के विश्लेषकों जेम्स नाइटली, कार्स्टन ब्रजेस्की, पैड्रेक गार्वे, लिन सोंग और क्रिस टर्नर के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक और बढ़ोतरी की संभावना ने मुद्रा को कुछ सहारा जरूर दिया है। इसके बावजूद, वॉशिंगटन में नीतिगत गतिरोध और राजनीतिक टकराव गहराने की स्थिति में 2027 तक डॉलर में और गिरावट की गुंजाइश बन सकती है। विश्लेषकों ने संकेत दिया कि अगर एक मजबूत डेमोक्रेटिक पार्टी रिपब्लिकन नीतियों जैसे कि डीरेगुलेशन और एआई बुनियादी ढांचे के विकास पर कड़ा रुख अपनाती है, तो बाजार में नए तनाव उभर सकते हैं।
इसके अलावा, 2027 के मध्य में संभावित लंबे सरकारी कामकाज ठप होने (गवर्नमेंट शटडाउन) की आशंका अगले साल गर्मियों में डॉलर को कमजोर करने का एक और बड़ा कारण बन सकती है। आईएनजी के विश्लेषकों ने कहा कि मध्यावधि नतीजों के बाद डॉलर कमजोर हुआ है, हालांकि शुरुआती एशियाई कारोबार में आई तेज गिरावट के बाद यह संभला है। इसके साथ ही संस्था ने 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के 5.25% की ओर बढ़ने के अपने पूर्व अनुमान को बरकरार रखा है।
विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल: येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति
वॉशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावनाओं ने सुरक्षित निवेश के प्रवाह को तेज किया है, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार को एशियाई सत्र में यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। अमेरिकी डॉलर लुढ़ककर एक महीने के निचले स्तर पर आ गया और 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नई गिरावट ने मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिससे जापानी येन को काफी मजबूती मिली।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलने में कामयाब रहा और बुधवार के एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास कारोबार करता दिखा। चुनाव नतीजों से बढ़ी अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड की गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि के दांव को बेअसर कर दिया। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को एक सीमित दायरे में बांधे रखा।
सोने की कीमतों में सुधार और $4,000 का स्तर पार
लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बहुमूल्य धातुओं के बाजार में सोने ने अपनी स्थिति फिर से मजबूत कर ली है। बुधवार को पीली धातु ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महत्वपूर्ण $4,000 प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को दोबारा हासिल कर लिया। डॉलर इंडेक्स में गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की घटती कीमतों के संयुक्त प्रभाव ने सोने की इस रिकवरी को जरूरी समर्थन प्रदान किया। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने निवेशकों का ध्यान सोने की ओर खींचा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में लौटी खरीदारी
पारंपरिक मुद्राओं और कमोडिटी बाजारों के साथ-साथ डिजिटल परिसंपत्तियों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा में सुधार आने से बिटकॉइन बुधवार को $78,000 के स्तर से ऊपर कारोबार करने लगा। सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा की इस तेजी का असर अन्य प्रमुख टोकनों पर भी पड़ा। एथेरियम ने बिटकॉइन के नक्शेकदम पर चलते हुए $2,300 के स्तर से ऊपर अपनी स्थिति बनाए रखी। वहीं दूसरी ओर, रिपल भी $1.28 के आंकड़े से ऊपर दर्ज हुआ, जिससे उसने लगातार दो कारोबारी सत्रों की बढ़त का सिलसिला बनाए रखा।


















