ब्राजील के नीति नियंता अपनी मौद्रिक नीति को लेकर एक अहम मोड़ पर खड़े हैं। वित्तीय और राजकोषीय अनिश्चितताओं के बीच अनुमान लगाया जा रहा है कि ब्राजील का केंद्रीय बैंक (BCB) अपनी ब्याज दरों में कटौती के वर्तमान दौर पर अल्पकालिक ब्रेक लगा सकता है। राष्ट्रपति लूला के फिर से चुने जाने के बाद देश में राजकोषीय प्रबंधन और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसके चलते नीतिगत दर को 13.75% के स्तर पर ही स्थिर रखने की संभावना प्रबल हो गई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक अस्थायी ठहराव है और आने वाले वर्ष में दरों में दोबारा कटौती देखने को मिल सकती है, जिससे मध्यम अवधि में ब्राजीलियाई रियाल (BRL) की विनिमय दर में सुधार दर्ज किया जा सकेगा।
केंद्रीय बैंक की नीतिगत घोषणा और बाजार का रुख
सेंट्रल यूरोपियन समय के अनुसार रात 10:30 बजे ब्राजील का केंद्रीय बैंक अपनी ताजा ब्याज दर नीति की घोषणा करने वाला है। ब्लूमबर्ग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में भाग लेने वाले विशेषज्ञों के एक बड़े वर्ग का आकलन है कि केंद्रीय बैंक इस बैठक में कटौती का सिलसिला थाम लेगा। इससे पहले केंद्रीय बैंक के साप्ताहिक सर्वेक्षण में भी यही संकेत मिले थे कि विश्लेषक अब साल के अंत तक केवल एक बार 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट) की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि पूर्व में तीन अलग-अलग कटौतियों का अनुमान लगाया गया था। वित्तीय जगत में आए इस बदलाव की मुख्य वजह आर्थिक प्राथमिकताओं और सरकारी खर्च को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता है।
महंगाई का लक्ष्य और राजकोषीय चुनौतियां
नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक महंगाई की अनियंत्रित उम्मीदें हैं। राष्ट्रपति लूला के फिर से सत्ता में आने के बाद पैदा हुए राजकोषीय जोखिमों ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने की कोशिशों को पेचीदा बना दिया है। वर्ष 2029 तक के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान बढ़कर सामने आए हैं और वे लगातार 3% के तय आधिकारिक लक्ष्य से ऊपर बने हुए हैं। केंद्रीय बैंक ने पिछली बैठक में भी बेहद सतर्क रुख अपनाने पर जोर दिया था और स्पष्ट किया था कि उच्च अनिश्चितता तथा मुद्रास्फीति की उम्मीदों के पटरी से उतरने के जोखिम को देखते हुए वह आगामी घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखेगा। बैंक अब राजकोषीय नीतिगत घोषणाओं और महंगाई के आंकड़ों का आकलन करने के लिए 'ठहरो और देखो' की रणनीति अपना रहा है। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद मध्यम अवधि में ब्राजीलियाई रियाल को लाभ मिलने और उसके मजबूत होने की उम्मीद बरकरार रखी गई है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और वैश्विक मुद्राओं का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान राजनीतिक उठापटक का सीधा असर देखा गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की शुरुआती मतगणना से उपजी अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई और वह एक महीने के निचले स्तर पर फिसल गया। वाशिंगटन में विधायी गतिरोध की संभावना ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर मोड़ा, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नई गिरावट दर्ज की गई। इस दबाव के चलते डॉलर के मुकाबले जापानी येन में तेज उछाल देखा गया और USD/JPY गिरकर 158.00 से नीचे आ गया।
वहीं, दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी इस वैश्विक उथल-पुथल से अछूता नहीं रहा। AUD/USD की जोड़ी 0.6965 के आसपास स्थिर रहकर दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर टिकी रही। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि के दावों को संतुलित किया, हालांकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अपेक्षाकृत नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त को सीमित दायरे में बांधे रखा।
सोने की कीमतों में सुधार और क्रिप्टोकरेंसी बाजार
जिंस बाजार में लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद सोने ने दोबारा वापसी की है। बुधवार को पीली धातु ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महत्वपूर्ण 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को फिर से पार कर लिया। अमेरिकी डॉलर में आई तीव्र गिरावट, ट्रेजरी प्रतिफल में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने सोने की कीमतों को सहारा देने में मुख्य भूमिका निभाई।
डिजिटल संपत्तियों के बाजार में भी जोखिम उठाने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) बुधवार को 78,000 डॉलर के पार कारोबार करती देखी गई। इसी सुधार की राह पर चलते हुए एथेरियम (ETH) भी 2,300 डॉलर के ऊपर बना रहा, जबकि रिपल (XRP) ने लगातार दो दिनों की तेजी के साथ 1.28 डॉलर के ऊपर हाथ बदले। वैश्विक वृहद आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश और जोखिम वाली संपत्तियां दोनों अपने-अपने तकनीकी स्तरों को साधने में जुटी हैं।



















