अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने शानदार तेजी दिखाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3503 का स्तर छू लिया, जो बीते सात हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद मुद्रा जोड़ी में हल्का सुधार देखा गया और यह 1.3500 के आंकड़े से थोड़ा नीचे फिसल गई। वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में यह फेरबदल अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों, केंद्रीय बैंकों के रुख और वृहद आर्थिक आंकड़ों के मिले-जुले असर के कारण देखने को मिला है। एक तरफ जहां अमेरिकी मध्यावधि चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझानों ने डॉलर पर दबाव बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बाजार में भारी हलचल बनी हुई है।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट और बॉन्ड यील्ड्स का असर
अमेरिकी डॉलर की छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ताकत मापने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) लगभग 0.50 प्रतिशत टूटकर 101.41 के स्तर पर आ गया। जनमत सर्वेक्षणों और शुरुआती रुझानों से यह संकेत मिला कि अमेरिकी मतदाता व्हाइट हाउस के संतुलन के लिए डेमोक्रेट्स को एक मजबूत ताकत के रूप में देखना चाहते हैं। वॉशिंगटन में सत्ता संतुलन और नीतिगत गतिरोध की संभावनाओं ने निवेशकों का रुझान बदला है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वित्तीय बाजार अक्सर उस स्थिति में बेहतर प्रदर्शन करते हैं जब कोई एक दल अपनी मर्जी से मनमाने कानून पारित न करा सके। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में भी नरमी आई, जिससे डॉलर को मिलने वाला समर्थन कमजोर हुआ और अमेरिकी शेयर बाजारों में बढ़त दर्ज की गई।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल का रुख
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच दोनों पक्षों में वार्ता का दौर भी जारी रहा। ईरान द्वारा एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराए जाने की पुष्टि के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद पूरी तरह नहीं रुका है। तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनाम स्रोतों के हवाले से प्रसारित जानकारी में स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ विवाद सुलझाने के लिए किसी समझौते तक पहुंचने में अभी काफी दूरी बाकी है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, क्योंकि बाजार प्रतिभागी वाशिंगटन और तेहरान के बीच निकट भविष्य में किसी संभावित सहमति की अटकलें लगा रहे थे।
अमेरिकी सेवा क्षेत्र और रोजगार के आंकड़े
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े हालिया आंकड़ों ने भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाई। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी अक्टूबर माह का सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अनुमान से कमजोर रहा। यह आंकड़ा पिछले महीने के 54.9 से घटकर 54.5 दर्ज किया गया, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 54.8 रहने का था। सर्वेक्षण के भीतर रोजगार उप-घटक में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि नए ऑर्डर और भुगतान की गई कीमतों के आंकड़े थोड़े सुस्त पड़े, हालांकि वे अब भी विस्तार के दायरे में बने हुए हैं। इससे पहले सामने आए ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज रिपोर्ट में निजी क्षेत्र में 86,000 नई नौकरियां जुड़ने की पुष्टि हुई, जो कि 69,000 के पूर्वानुमान से बेहतर रही। अब निवेशकों की नजरें शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल्स आंकड़ों पर टिकी हैं।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी निगाहें
ब्रिटेन में निवेशकों और कारोबारियों का पूरा ध्यान बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के गुरुवार को होने वाले नीतिगत फैसले पर लगा हुआ है। मुद्रा बाजारों ने आगामी बैठक में बैंक रेट में बढ़ोतरी की 100 प्रतिशत संभावना को पहले ही पूरी तरह शामिल कर लिया है। हालांकि, प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में होने वाली अगली बैठक में एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना केवल 26 प्रतिशत आंकी जा रही है। ऐसे में केंद्रीय बैंक के गवर्नर और मौद्रिक नीति समिति की ओर से आने वाले संकेत पाउंड की मध्यम अवधि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
तकनीकी विश्लेषण और चार्ट के अहम स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) का भाव 1.3465 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि मौजूदा लाइव सत्र में यह 1.35 के स्तर पर बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 1.34 की तुलना में 0.43 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। तकनीकी रूप से यह जोड़ी 1.3368 के हालिया सिंपल मूविंग एवरेज और 1.3384 की डाउनवर्ड रेजिस्टेंस ट्रेंड लाइन ब्रेक से ऊपर टिकी हुई है, जिससे इसका सकारात्मक रुख बरकरार है। इसके अलावा भाव 1.3239 के पुराने मंदी के स्तर से ऊपर रहते हुए उसे मजबूत सपोर्ट में बदल चुका है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 63 पर है, जो अत्यधिक ओवरबॉट हुए बिना एक मजबूत सकारात्मक गति को दर्शाता है। अन्य संकेतकों में मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 0.00 पर न्यूट्रल से बुलिश हिस्टोग्राम दिखा रहा है, जबकि बोलिंगर बैंड्स 1.32 से 1.35 के बीच फैले हैं। 20-दिवसीय समर्थन 1.31 और प्रतिरोध 1.35 के करीब है, जबकि 52-हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच है। ऊपर की तरफ बुल्स के लिए 1.3676 और उसके बाद 1.3849 पर रुकावट देखने को मिल सकती है।
वैश्विक मुद्राओं और अन्य संपत्तियों की स्थिति
मुद्रा बाजार के साप्ताहिक प्रदर्शन पर नजर डालें तो ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। इस दौरान एशियाई सत्र में अन्य मुद्राओं में भी हलचल तेज रही। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) दो हफ्ते के निचले स्तर से संभलकर 0.6965 के करीब स्थिर दिखा, हालांकि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक (RBA) के कम आक्रामक रुख ने इसकी बढ़त को सीमित रखा। दूसरी तरफ डॉलर में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग से अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) भारी बिकवाली दबाव में आकर 158.00 से नीचे फिसल गया। बहुमूल्य धातुओं में सोने ने दो दिनों की गिरावट से उबरते हुए 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का अहम स्तर फिर हासिल कर लिया। डिजिटल संपत्ति बाजार में बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार निकल गया, जबकि इथेरियम 2,300 डॉलर और रिपल 1.28 डॉलर के ऊपर लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे।





















