अगर आप अपना खुद का छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं लेकिन मशीन और शुरुआती लागत आड़े आ रही है, तो उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की एक योजना आपके काम आ सकती है। बहराइच में बोर्ड युवाओं को दोना-पत्तल बनाने की मशीन और पॉपकॉर्न बनाने की मशीन उपलब्ध करा रहा है, ताकि वे आसान प्रक्रिया से आवेदन कर अपने रोजगार की नींव रख सकें।
कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। बोर्ड समय-समय पर लगभग हर वर्ग विशेष के लिए ऐसी स्कीमें निकालता रहता है। फिलहाल यह योजना प्रजापति समाज के लिए चल रही है। प्रजापति समाज के इच्छुक युवाओं को आवेदन के समय कास्ट सर्टिफिकेट, फोटो, आधार कार्ड, योग्यता प्रमाण और राशन कार्ड की फोटोकॉपी जैसे दस्तावेज साथ रखने होंगे।
आवेदन की प्रक्रिया
आवेदन के दो रास्ते हैं — युवा ऑनलाइन खादी ग्राम उद्योग बोर्ड की साइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं, या फिर अपने नजदीकी सेंटर पर पहुंचकर भी आवेदन कर सकते हैं। दस्तावेजों और योग्यता की जांच के बाद पात्र पाए गए युवाओं को बुलाकर मशीन सौंप दी जाती है। इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट upkvib.gov.in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
योग्यता के आधार पर चयन और ट्रेनिंग
खादी ग्राम उद्योग अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, उद्योग में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है। योजना के तहत जिले में कुल 8 सेमी मोटराइज्ड दोना-पत्तल मशीनें बांटी जाएंगी और इनके लिए युवाओं का चयन उनकी योग्यता के आधार पर किया जा रहा है। चयनित युवाओं को सिर्फ मशीन ही नहीं मिलेगी, बल्कि उसे चलाने और कारोबार शुरू करने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से दोना-पत्तल तैयार कर बाजार में बेच सकें और अपना खुद का व्यवसाय खड़ा कर सकें।
माटी कला बोर्ड से भी मिल रहा फायदा
दोना-पत्तल और पॉपकॉर्न मशीन के अलावा वर्ग विशेष के लोगों को माटी कला बोर्ड से भी लाभ मिल रहा है। विभाग ट्रेनिंग के जरिए युवाओं को कारोबार करने का सही तरीका और सटीक जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनने का पूरा गुर सिखाता है। अधिकतर मामलों में यह संस्था युवाओं को बैंक से ऋण भी दिलाती है और उन्हें अलग-अलग सेक्टर में अपना कारोबार खड़ा करने के लिए प्रेरित करती है।













