चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम तिमाही नतीजों की घोषणा के साथ भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाह संचालक अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में बढ़त हासिल की है। कंपनी द्वारा शेयर बाजारों को दी गई ताजा वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10.23 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 3,649.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में कंपनी ने 3,310.60 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हासिल किया था। हालांकि, मुनाफे और राजस्व में दर्ज की गई इस दोहरे अंक की बढ़ोतरी के बावजूद बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
मुनाफे के साथ आय और खर्च दोनों में बड़ा उछाल
कंपनी की तरफ से बुधवार को शेयर बाजार में दाखिल की गई वित्तीय एक्सचेंज फाइलिंग में परिचालन गतिविधियों और वित्तीय प्रदर्शन का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल से जून तिमाही के दौरान APSEZ की कुल आय बढ़कर 11,673.71 करोड़ रुपये पर दर्ज की गई। अगर पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से इसकी तुलना की जाए, तो उस समय कंपनी की कुल आय 9,422.18 करोड़ रुपये रही थी। आय में आए इस बड़े उछाल के साथ ही पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल व्यय 7,078.64 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 5,731.88 करोड़ रुपये के खर्च से अधिक है।
सीईओ का बयान और 2031 के रणनीतिक लक्ष्य
कंपनी के वित्तीय परिणामों पर टिप्पणी करते हुए अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, "सभी बिजनेस सेगमेंट में संतुलित बढ़ोतरी से साल 2031 के लिए तय किए गए हमारे महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने का भरोसा और मजबूत हुआ है।"
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, APSEZ अपने परिचालन विस्तार को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। अश्विनी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कंपनी साल 2030 तक 1 अरब टन (1,000 MMT) की विशाल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर क्षमता विस्तार के विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने कारोबार का दायरा बढ़ा रही है और अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी तेजी से सशक्त बना रही है। इन बहुआयामी प्रयासों के माध्यम से APSEZ एक अधिक डाइवर्सिफाइड, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिवहन व लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शेयरधारकों और निवेशकों के लिए लंबी अवधि तक मूल्य सृजन सुनिश्चित किया जा सके।
मजबूत तिमाही नतीजों के बाद भी टूटे शेयर
हालांकि, वित्तीय आंकड़ों में 10 प्रतिशत से अधिक का शुद्ध मुनाफा और आय में उल्लेखनीय वृद्धि दिखने के बावजूद शेयर बाजार में अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को दोपहर करीब 02.37 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर 3.31 प्रतिशत यानी 58.75 रुपये की गिरावट के साथ 1718.40 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था।
बुधवार के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया। कारोबार के दौरान शेयर ने 1791.65 रुपये का इंट्राडे हाई (उच्चतम स्तर) छुआ, जबकि बिकवाली के दबाव में यह 1705.50 रुपये के इंट्राडे लो (न्यूनतम स्तर) तक नीचे गिर गया। अगर पिछले 52 हफ्तों के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो अडाणी पोर्ट्स के शेयर का 52-वीक हाई 1891.80 रुपये रहा है, जबकि इसका 52-वीक लो 1291.00 रुपये दर्ज किया गया है।


















