देश की आर्थिक राजधानी में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों को संभालने वाले टर्मिनल 1B के ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से के पुनर्निर्माण की योजना घोषित की है। लगभग 60 वर्ष पुरानी इस संरचना को लेकर लगातार उठ रही सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिसके तहत निर्माण कार्य को क्रमबद्ध चरणों में पूरा किया जाएगा।
यात्री यातायात पर सीमित प्रभाव और वैकल्पिक व्यवस्था
मुंबई एयरपोर्ट से हर साल लगभग 5.5 करोड़ यात्रियों (mppa) की आवाजाही दर्ज की जाती है। इस रीडेवलपमेंट के कारण इस कुल क्षमता में से केवल 5 mppa यानी करीब 9% यात्रियों पर ही अस्थायी रूप से असर पड़ेगा। एयरलाइन संचालन सुचारू बना रहे और यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े, इसके लिए संचालक कंपनी ने विमानन कंपनियों को अपनी इच्छा के अनुसार परिचालन को अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMI) पर स्थानांतरित करने का विकल्प प्रदान किया है। इस अंतरिम अवधि के दौरान उड़ानों के सुगम और निर्बाध स्थानांतरण को सुनिश्चित करने के लिए संचालक कंपनी सभी जरूरी संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराएगी।
पहले चरण में तोड़ा जाएगा टर्मिनल का उत्तरी ढांचा
पुनर्निर्माण प्रक्रिया के शुरुआती हिस्से में टर्मिनल के एक सीमित भाग को ही हटाया जाएगा। अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि मुंबई एयरपोर्ट के 91% यात्री ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट पर जाना केवल एक अस्थायी उपाय है और इसका उद्देश्य मुंबई के मुख्य हवाई अड्डे के यातायात को स्थायी रूप से दूसरी जगह भेजना बिल्कुल नहीं है। पहले चरण में केवल टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से को तोड़ा जा रहा है, जो टर्मिनल 1 की कुल क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है।
सुरक्षा से जुड़े जोखिम और नवी मुंबई का नया विकल्प
टर्मिनल 1 के पुराने बुनियादी ढांचे को काफी समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा था। हालांकि, किसी नजदीकी आधुनिक वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में इतने वर्षों तक केवल अस्थायी स्तर पर ही मरम्मत के उपाय किए जाते रहे। इस साल अप्रैल में टर्मिनल 1 के सिटिंग एरिया में आग लगने की घटना के बाद, इस पुराने भवन में नियमित परिचालन जारी रखने से जुड़े खतरे और अधिक बढ़ गए। अब चूंकि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और उड़ानों के लिए एक मजबूत विकल्प पेश कर रहा है, इसलिए टर्मिनल 1 को चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्मित करने के फैसले को आगे टालना संभव नहीं था।
जनवरी 2027 से निर्माण कार्य और क्षमता विस्तार
इस टर्मिनल का पुनर्विकास कार्य औपचारिक रूप से जनवरी 2027 से प्रारंभ किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने पर इस टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता में 33% की वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके बाद यह मौजूदा 15 mppa से बढ़कर 20 mppa के स्तर पर पहुंच जाएगी। वर्ष 2020 से ही टर्मिनल 1 के भविष्य को लेकर एयरलाइंस के साथ विस्तृत चर्चाएं चल रही थीं। इसके अलावा, इस रीडेवलपमेंट योजना को एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया था, जहां से इसे मंजूर किए गए टैरिफ फ्रेमवर्क का हिस्सा बनाया गया। प्रबंधन का मानना है कि भले ही कुछ विमानन कंपनियों की अपनी चिंताएं हों, लेकिन लाखों यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें और विलंब करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
विमानन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए विशेष प्रोत्साहन
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नए परिचालन को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक छूट की पेशकश की गई है। इसके अंतर्गत वहां शुरू होने वाली नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग शुल्क पर शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है। इसके साथ ही, मुंबई एयरपोर्ट और नवी मुंबई एयरपोर्ट के यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) के बीच आने वाले अंतर की भरपाई के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को नकद वाउचर देने की भी रूपरेखा बनाई गई है।
विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का लाभ
नवी मुंबई में तैयार नया हवाई अड्डा पूरी तरह आधुनिक और वैश्विक मानकों की सुविधाओं से लैस है। यह नया परिसर मुंबई एयरपोर्ट से आने वाले अतिरिक्त यात्रियों और उड़ानों के भार को आसानी से संभालने में सक्षम है। आधुनिक हवाई अड्डा तैयार होने के कारण ही मुख्य मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 को पूरी तरह बंद करने के बजाय अलग-अलग चरणों में नया रूप देना संभव हो सका है, जिससे एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को बड़ी दिक्कतों से बचाया जा सकेगा।

















