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दो कमरों से शुरू करें बिस्किट बनाने का काम, दो लाख के निवेश में ऐसे तैयार होगा प्लांटव्यापार
1 अक्तू॰ 2026, 2:38 pm (41 मिनट पहले)· 0

दो कमरों से शुरू करें बिस्किट बनाने का काम, दो लाख के निवेश में ऐसे तैयार होगा प्लांट

दो लाख रुपये के शुरुआती बजट में बिस्किट निर्माण यूनिट लगाकर अच्छी कमाई की जा सकती है। जानिए आवश्यक मशीनें, कच्चा माल और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपना उद्यम शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए बेकरी उत्पाद एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहे हैं। अगर आपके पास दो लाख रुपये की पूंजी मौजूद है और किसी ठोस व्यावसायिक विचार की तलाश में हैं, तो बिस्किट निर्माण इकाई स्थापित करना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है। इस काम को घर के परिसर या महज दो कमरों की जगह से भी आसानी से चालू किया जा सकता है। शुरुआती स्तर पर थोड़ी पूंजी लगाकर काम शुरू करने के बाद न केवल अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है, बल्कि आगे चलकर अन्य लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।

मशीनों का चुनाव और आवश्यक बजट

इस कारोबार को शुरू करने के लिए मुख्य रूप से दो मशीनों की जरूरत पड़ती है। इनमें पहली मशीन कच्चा माल और आटा गूंथने के काम आती है, जबकि दूसरी मशीन बिस्किट को पकाने यानी रोस्ट करने का कार्य करती है। मीरजापुर जिले में किसान उत्पादक संगठन यानी एफपीओ के जरिए बिस्किट प्लांट संचालित करने वाले धीरज कुमार मौर्य के अनुसार, कच्चा माल गूंथने वाली मशीन की कीमत लगभग 20 हजार रुपये होती है। वहीं बिस्किट को बेक करने वाली रोस्टिंग मशीन करीब एक लाख 70 हजार रुपये में मिलती है।

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इन दोनों जरूरी उपकरणों को खरीदने में कुल मिलाकर लगभग दो लाख रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा यूनिट की शुरुआती फिटिंग और सेटअप पर करीब पांच से 10 हजार रुपये अतिरिक्त व्यय हो सकते हैं। ये दोनों मशीनें मुंबई के साथ-साथ नोएडा के बाजारों में भी आसानी से मिल जाती हैं। इच्छुक उद्यमी इंटरनेट सर्च इंजन गूगल अथवा अन्य कारोबारी संपर्कों का इस्तेमाल कर निर्माताओं से सीधे बातचीत कर मशीनें मंगवा सकते हैं।

कच्चा माल और तैयार करने की पूरी विधि

बिस्किट की गुणवत्ता सीधे तौर पर इस्तेमाल होने वाले आटे पर निर्भर करती है। पारंपरिक रेसिपी के लिए मैदा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प तैयार करने के लिए मोटे अनाज जैसे ज्वार, मक्का, बाजरा और जौ का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय बाजार से साबुत अनाज खरीदकर उसे अच्छी तरह पिसवाना होता है।

उत्पादन प्रक्रिया के पहले चरण में आटा गूंथने वाली मशीन में सभी जरूरी सामग्रियां डालकर बिस्किट का मिश्रण तैयार किया जाता है। मिश्रण तैयार हो जाने के बाद उसे मनचाहा आकार यानी शेप दिया जाता है। इसके बाद इन कटे हुए टुकड़ों को रोस्टिंग मशीन में डालकर अच्छी तरह बेक किया जाता है। बेकिंग पूरी होते ही बिस्किट पूरी तरह तैयार हो जाते हैं, जिन्हें सीधे बाजार में बिक्री के लिए भेजा जा सकता है।

जरूरी कागजात, लाइसेंस और ऑनलाइन बिक्री

बिस्किट निर्माण का काम शुरू करने से पहले वैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य होता है। सबसे पहले अपने व्यवसाय का उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए। इसके साथ ही वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी पंजीकरण और खाद्य सुरक्षा विभाग से आवश्यक फूड लाइसेंस लेना जरूरी होता है। यदि कोई उद्यमी किसी स्वयं सहायता समूह अथवा एफपीओ के माध्यम से यह यूनिट लगा रहा है, तो केवल फूड लाइसेंस लेकर भी उत्पादन का काम शुरू किया जा सकता है।

शुरुआती दौर में बिस्किट की पैकेजिंग घर पर ही आसानी से की जा सकती है। धीरज कुमार मौर्य ने स्वयं मात्र दो लाख रुपये की लागत से इस काम की नींव रखी थी। वर्तमान में उनकी यूनिट का दायरा बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये के प्लांट तक पहुंच चुका है और उनके उत्पादों की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत संपर्क से बिक्री बढ़ाई गई, लेकिन मौजूदा दौर में डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने उत्पाद बेचना बेहद सुगम बना दिया है। नए उद्यमियों को भी पैकेजिंग के बाद ऑनलाइन माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों की मार्केटिंग करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सवाल-जवाब

बिस्किट प्लांट शुरू करने के लिए कम से कम कितनी जगह की आवश्यकता होती है?
इस यूनिट को घर के खाली परिसर या महज दो कमरों की जगह से आसानी से शुरू किया जा सकता है।
मशीनों को खरीदने में कुल कितना खर्च आता है?
आटा गूंथने वाली मशीन करीब 20 हजार और रोस्टिंग मशीन लगभग एक लाख 70 हजार रुपये की आती है, जिससे कुल खर्च करीब दो लाख रुपये होता है।
यूनिट लगाने के लिए सेटअप पर कितना अतिरिक्त खर्च हो सकता है?
मशीनों के अलावा शुरुआती सेटअप और फिटिंग पर लगभग पांच से 10 हजार रुपये का खर्च आता है।
ये मशीनें कहां से खरीदी जा सकती हैं?
ये मशीनें मुंबई और नोएडा के बाजारों में उपलब्ध हैं, जिन्हें गूगल या कारोबारी संपर्कों के जरिए सीधे मंगाया जा सकता है।
बिस्किट बनाने के लिए किन अनाजों का इस्तेमाल किया जा सकता है?
पारंपरिक मैदे के अलावा ज्वार, मक्का, बाजरा और जौ जैसे मोटे अनाजों को पिसवाकर पौष्टिक बिस्किट बनाए जा सकते हैं।
इस व्यवसाय के लिए कौन से कानूनी दस्तावेज और लाइसेंस जरूरी हैं?
उद्यम रजिस्ट्रेशन, जीएसटी नंबर और खाद्य विभाग से फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। एफपीओ या समूह से जुड़े होने पर सिर्फ फूड लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
धीरज कुमार मौर्य का प्लांट वर्तमान में कितने मूल्य का है?
दो लाख रुपये से शुरुआत करने के बाद उनका प्लांट अब लगभग एक करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुका है।
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