जमुई में मशरूम की खेती लोगों के लिए कमाई का एक शानदार जरिया बनती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग इस कारोबार से जुड़कर मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन कई बार लागत लगाने के बाद भी मनमुताबिक पैदावार नहीं मिलती है। जमुई जिले में लंबे समय से मशरूम की खेती कर रहे पप्पू तांती का कहना है कि यदि कंपोस्ट सही विधि से तैयार किया जाए, तो न सिर्फ पैदावार दोगुनी हो सकती है, बल्कि मुनाफा भी काफी बढ़ जाता है। इसके साथ ही मशरूम की सही किस्म का चयन करना भी सफलता के लिए बेहद जरूरी है।
कंपोस्ट बनाने की सही विधि और सामग्री
पारंपरिक तरीके से केवल सीधे तौर पर भूसे या पुआल का इस्तेमाल करने के बजाय किसानों को बेहतर कंपोस्ट तैयार करना चाहिए। कंपोस्ट बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के भूसे का उपयोग करना चाहिए और उसमें चोकर, खली, यूरिया, डीएपी तथा पोटाश मिलाना चाहिए। इसके अलावा इसमें मुर्गी का बीट मिलाना बेहद असरदार साबित होता है। इस सारे मिश्रण को तैयार करने के बाद कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है और फिर इसमें बीज मिलाकर बैग में भर दिया जाता है। प्रत्येक बैग का वजन लगभग 9 से 10 किलोग्राम होना चाहिए और हर बैग में 100 ग्राम बीज का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
नमी और तापमान का प्रबंधन
मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया लगभग 45 दिनों की होती है। इस पूरे समय के दौरान यह बात विशेष रूप से ध्यान रखनी चाहिए कि बैग्स में नमी लगातार बनी रहे। ज्यादा पानी डालने से मशरूम की फसल सड़ सकती है, जबकि नमी की कमी या सूखापन होने पर भी पैदावार पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा मशरूम की सही किस्म चुनना भी बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें वर्तमान समय में बटन मशरूम सबसे अधिक पैदावार देने वाली किस्म मानी जाती है।
कमरे का माहौल और शुरुआत के लिए सलाह
मशरूम उगाने वाले स्थान या कमरे के चयन में भी सावधानी बरतनी चाहिए। कमरे में ज्यादातर अंधेरा होना चाहिए और वहां का तापमान काफी ठंडा रहना चाहिए, जिससे मशरूम के विकास में आसानी होती है। गेहूं के भूसे के अलावा नारियल के छिलके या भूसे से भी कंपोस्ट तैयार किया जा सकता है, जो उत्पादन बढ़ाने में मददगार साबित होता है। शुरुआत करने वाले नए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बहुत कम लागत के साथ इस कारोबार की शुरुआत करें ताकि किसी भी नुकसान की भरपाई आसानी से की जा सके। जब उत्पादन सही होने लगे और मुनाफा मिलने लगे, तब इस काम को बड़े पैमाने पर किया जा सकता है।



















