अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान कैनेडियन डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त कायम रखी है। USD/CAD करेंसी पेयर गिरकर 1.4025 के करीब कारोबार कर रहा है। इस मजबूती के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बैंक ऑफ कनाडा द्वारा आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की मजबूत उम्मीदें मुख्य वजह बनी हुई हैं।
कच्चा तेल कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में तेजी का सीधा फायदा कैनेडियन डॉलर को मिलता है। दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख और वैश्विक बाजारों में बने भू-राजनीतिक हालातों का असर भी मुद्रा विनिमय दरों पर साफ देखा जा रहा है।
तेल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट का भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते राजनयिक और सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में तेजी आई है। बेंचमार्क क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर $99.20 प्रति बैरल पर पहुंच चुकी है, जो पिछले बंद भाव से 2.11% अधिक है। बाजार में दैनिक कारोबार के दौरान $54.98 से $119.48 का 52-सप्ताह का दायरा देखा गया है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 57 पर है और MACD इंडिकेटर 2.10 के स्तर पर बुलिश ट्रेंड दर्शा रहा है। तेल का 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) $96.01, EMA50 $92.69 और EMA200 $83.02 पर बना हुआ है, जो दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि करता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन के साथ जारी बातचीत में किसी बड़ी प्रगति की उम्मीद बहुत कम है और तेहरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का कहना है कि जब तक अमेरिका नाकाबंदी और धमकियों का सिलसिला जारी रखता है, तब तक बातचीत की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इन बयानों के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, जिससे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और कैनेडियन डॉलर को मजबूत समर्थन मिल रहा है।
बैंक ऑफ कनाडा और फेडरल रिजर्व का पॉलिसी रुख
मुद्रा बाजार के स्वैप डेटा से संकेत मिलता है कि 28 अक्टूबर को होने वाली समीक्षा बैठक में बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा अपनी मानक ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर उसे 2.50% करने की 80% संभावना है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक यह सख्त कदम उठा सकता है। उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ती है।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वॉर्श ने अधिक सतर्क रुख अपनाया है। उन्होंने वैश्विक वित्तीय संकट के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक वृद्धि और निवेश में तेजी आ रही है, लेकिन निकट भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का रोजगार पर पड़ने वाला प्रभाव अभी अनिश्चित है। फेड चेयरमैन ने अक्टूबर या दिसंबर के आगामी फैसलों पर कोई पूर्व-प्रतिबद्धता जताने से इनकार किया है, जिससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है।
USD/CAD के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस
तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से, USD/CAD पेयर के लिए ऊपर की तरफ तत्काल रेजिस्टेंस 1.4040 से 1.4045 के जोन में स्थित है। यह स्तर लोअर बोलिंगर बैंड और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज का प्रतिनिधित्व करता है। यदि खरीदारी की गति इस जोन से ऊपर निकलती है, तो डाउनसाइड का दबाव कम हो सकता है और भाव बोलिंगर मिडलाइन 1.4190 तथा अपर बैंड 1.4330 की ओर बढ़ सकते हैं।
नीचे की ओर, सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट 1.4000 का मनोवैज्ञानिक स्तर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला प्रमुख सपोर्ट 31 अगस्त के उच्चतम स्तर 1.3912 पर देखा जाएगा। इससे आगे गिरावट आने पर 8 सितंबर के निचले स्तर 1.3760 पर अगला मजबूत सपोर्ट स्तर मौजूद है।
कैनेडियन डॉलर को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
कैनेडियन डॉलर (CAD) की विनिमय दर मुख्य रूप से पांच प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है
- ब्याज दरें: बैंक ऑफ कनाडा द्वारा तय की जाने वाली दरें। उच्च दरें विदेशी पूंजी को आकर्षित करती हैं।
- कच्चे तेल की कीमतें: पेट्रोलियम कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात है, इसलिए तेल की ऊंची दरें सीधे ट्रेड बैलेंस और मुद्रा मूल्य को बढ़ाती हैं।
- आर्थिक आंकड़े: GDP, मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विसेज PMI, रोजगार दर और उपभोक्ता भावना सूचकांक।
- मुद्रास्फीति और व्यापार संतुलन: निर्यात और आयात का अंतर ट्रेड सरप्लस बनाकर मुद्रा को मजबूती देता है।
- वैश्विक बाजार धारणा: जब निवेशक जोखिम लेने के लिए तैयार होते हैं (रिस्क-ऑन), तो कैनेडियन डॉलर जैसी कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को फायदा होता है।
अन्य प्रमुख वित्तीय बाजारों का हाल
वैश्विक वित्तीय बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला रुझान देखने को मिला है
- AUD/USD: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई सत्र के दौरान फिसलकर 0.7000 पर आ गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण जोखिम लेने की क्षमता घटी है, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सख्त रुख से इसे निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है।
- USD/JPY: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते USD/JPY गिरकर एक हफ्ते के निचले स्तर 157.50 के करीब पहुंच गया है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा दरों में बदलाव की उम्मीदों से येन मजबूत हो रहा है।
- सोना (Gold): सोने की कीमतें घटकर $4,100 के नीचे आ गई हैं और इसने एक हफ्ते का नया निचला स्तर छुआ है। तेल की वजह से बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने दरों में कटौती की उम्मीदों को प्रभावित किया है।
- डोजकोइन (DOGE): डोजकोइन $0.081 के नीचे दबाव में कारोबार कर रहा है, हालांकि डोजकोइन लैब्स और डोजकोइन फाउंडेशन की नई साझेदारी से बाजार में मामूली सकारात्मकता है।
- अमेरिकी शेयर बाजार: डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 52,800 के करीब बंद हुआ, जिसे गोल्डमैन सैक्स (GS) और कैटरपिलर (CAT) के शेयरों में तेजी से बल मिला। स्पेसएक्स (SPCX) ने 161% की राजस्व वृद्धि दर्ज की, जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 1% से अधिक की बढ़त रही।
























