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फिरोजाबाद के किसान ने बदली किस्मत, गुलाब की खेती ने चमकाई तकदीरव्यापार
28 जुल॰ 2026, 10:13 pm (11 दिन पहले)· 0

फिरोजाबाद के किसान ने बदली किस्मत, गुलाब की खेती ने चमकाई तकदीर

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के एक किसान ने पारंपरिक फसलों को छोड़कर गुलाब की खेती शुरू की और अब वह रोजाना हजारों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

फिरोजाबाद के ग्रामीण इलाकों में किसान अब लीक से हटकर खेती कर रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं। पारंपरिक अनाज की पैदावार की जगह नकदी फसलों का रुख करने वाले किसान अच्छी कमाई कर रहे हैं। कोई हरी मिर्च उगाकर मुनाफा कमा रहा है, तो कोई फूलों की महक से अपनी तकदीर बदल रहा है। जिले के एक गांव में रहने वाले किसान ने गुलाब की खेती के जरिए अपनी किस्मत को पूरी तरह बदल लिया है। उन्होंने बहुत ही कम जमीन से इस सफर की शुरुआत की थी और आज वे बड़े पैमाने पर गुलाब उगाकर मालामाल हो रहे हैं। इस अनोखी खेती की ख्याति ऐसी है कि शहर के व्यापारी खुद चलकर खेतों पर आते हैं और फूल खरीदकर ले जाते हैं।

दस साल से कर रहे हैं गुलाब की खेती

फिरोजाबाद के दौकेली गांव के रहने वाले राम गोपाल करीब एक दशक से गुलाब की खेती से जुड़े हुए हैं। शुरुआती दिनों में वह अपने खेतों में सामान्य रूप से गेहूं और सरसों जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे, लेकिन इनसे होने वाली पैदावार और मुनाफा काफी सीमित था। एक बार जब वह अपने किसी रिश्तेदार के यहां गए, तब उन्हें गुलाब की खेती के बारे में जानकारी मिली और वहीं से उनके मन में यह विचार आया। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले अपने दो बीघा खेत में गुलाब के पौधे तैयार करके रोपे। किसान के अनुसार, लगभग एक बीघा जमीन में पौधे तैयार करने में 10 से 15 हजार रुपये तक का खर्च आता है। इन पौधों को पूरी तरह पेड़ बनने और विकसित होने में लगभग एक साल का समय लग जाता है।

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देखभाल और कीट नियंत्रण का तरीका

एक बार पौधे लग जाने के बाद उनकी नियमित देखभाल बहुत जरूरी होती है। इस फसल में समय-समय पर नरवाई और गुड़ाई करनी पड़ती है, जिसके बाद पौधों पर गुलाब के फूल खिलने शुरू हो जाते हैं। इसके बाद किसान रोजाना सुबह इन फूलों को तोड़कर सीधे खरीदारों या व्यापारियों को सौंपते हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है। हालांकि, इस खेती में कीट लगने का जोखिम भी बना रहता है, जिससे फसल को बचाने के लिए समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, गुलाब के पौधों की अच्छी पैदावार बनाए रखने के लिए हर साल नियमित रूप से नरवाई और गुड़ाई का काम करना पड़ता है।

70 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं फूल

गुलाब की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बार-बार खेतों की जुताई करने की झंझट नहीं होती है। एक बार पौधे लगाने के बाद वे अगले पंद्रह साल तक लगातार फूल देते रहते हैं। राम गोपाल ने अपने तीन बीघा खेतों में गुलाब की फसल लगा रखी है और वह हर रोज करीब दस से बीस किलो गुलाब के फूल तोड़कर बेचते हैं। स्थानीय स्तर पर फिरोजाबाद के फूल व्यापारी सीधे उनके खेतों पर पहुंचते हैं और उपज खरीदकर ले जाते हैं। वर्तमान में वह 70 रुपये प्रति किलो के भाव से गुलाब बेच रहे हैं, जिससे उनकी रोजाना की कमाई आसानी से दो से तीन हजार रुपये तक हो जाती है। इस अच्छी आमदनी के कारण उन्हें अब रोजगार के लिए बाहर कहीं मजदूरी करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसके साथ ही, इस कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सरकार की ओर से पांच हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ भी मिल चुका है।

सवाल-जवाब

फिरोजाबाद में गुलाब की खेती कौन कर रहा है?
फिरोजाबाद के दौकेली गांव में रहने वाले राम गोपाल पिछले दस सालों से गुलाब की खेती कर रहे हैं।
गुलाब के पौधे तैयार करने में कितना खर्च आता है?
लगभग एक बीघा खेतों में गुलाब के पौधे तैयार करने का खर्च 10 से 15 हजार रुपये तक आता है।
गुलाब के फूलों की क्या कीमत मिलती है?
राम गोपाल अपने गुलाब के फूल 70 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचते हैं।
गुलाब के पौधों से कितने साल तक फूल मिलते हैं?
गुलाब के पौधे एक बार लगाने के बाद पंद्रह साल तक लगातार फूल देते रहते हैं।
इस खेती के लिए सरकार की तरफ से कितनी मदद मिली है?
किसान को गुलाब की खेती के लिए सरकार की ओर से पांच हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल चुकी है।
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