हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय सर्राफा वायदा बाजार में कीमती धातुओं के रुख में अलग-अलग चाल देखने को मिली। 5 अक्टूबर 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में 0.70 प्रतिशत से अधिक की तीव्र गिरावट दर्ज की गई, जबकि दूसरी ओर चांदी सीमित दायरे के भीतर 0.13 प्रतिशत के मामूली उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार करती नजर आई। वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई अहम आर्थिक घटनाक्रमों से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है।
शुरुआती बढ़त गंवाकर ₹1,49,270 पर फिसला सोना
सोमवार को कारोबार की शुरुआत में सोने ने मजबूत रुख दिखाया था। पिछले हफ्ते गुरुवार को सोना ₹1,50,390 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसके मुकाबले आज यह ₹807 की तेजी के साथ ₹1,51,197 प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, यह शुरुआती बढ़त अधिक देर तक नहीं टिक सकी और बिकवाली के दबाव में कीमतें तेजी से नीचे आ गईं। सुबह लगभग 11:22 बजे MCX पर 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला सोना ₹1,120 यानी 0.74 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ ₹1,49,270 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
दिन के सत्र के दौरान सोने का भाव ₹1,51,197 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई, जो कि इसका आज का ओपनिंग प्राइस भी था, से फिसलकर ₹1,48,850 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो तक चला गया। इसका मतलब यह है कि गुरुवार के बंद स्तर की तुलना में आज सोने की कीमतों में ₹1,540 तक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी थी।
चांदी के भाव में सीमित दायरे के बीच कारोबार
सोने के विपरीत चांदी के रुख में सीमित हलचल दर्ज की गई। गुरुवार को चांदी ₹2,25,877 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जबकि सोमवार को यह ₹23 की मामूली बढ़त लेकर ₹2,25,900 प्रति किलोग्राम पर खुली। इसके बाद MCX पर 4 दिसंबर की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत ₹301 यानी 0.13 प्रतिशत के बदलाव के साथ ₹2,26,178 प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई।
सत्र के दौरान चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। चांदी का भाव ₹2,26,999 प्रति किलोग्राम के इंट्राडे हाई से लेकर ₹2,25,900 प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो के दायरे में रहा। इस तरह गुरुवार के क्लोजिंग स्तर के मुकाबले चांदी का भाव ₹276 नीचे और ₹301 ऊपर तक गया।
ग्लोबल तनाव और मौद्रिक नीति बैठक से पहले बाजार में हलचल
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की चाल और अमेरिका तथा ईरान के बीच बने तनाव के कारण अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।
इसके साथ ही घरेलू मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक पर निवेशकों की पैनी नजर टिकी हुई है। बुधवार को आने वाले नीतिगत फैसले में ब्याज दरों यानी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सेवा पीएमआई आंकड़े, अमेरिकी व्यापार आंकड़े और उपभोक्ता धारणा से जुड़े डेटा भी आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


















